अपने ऑटो को बना दिया ऑक्सीजन सिलेन्डर वाली एंबुलेंस, लोगों की मदद के लिए बेचने पड़े पत्नी के गहने

By शोभित शील
May 10, 2021, Updated on : Mon May 10 2021 04:19:28 GMT+0000
अपने ऑटो को बना दिया ऑक्सीजन सिलेन्डर वाली एंबुलेंस, लोगों की मदद के लिए बेचने पड़े पत्नी के गहने
कोरोना महामारी के इस बेहद कठिन समय के बीच ऐसे भी कई मामले देखने को मिल रहे हैं जहां लोग अपनी सामर्थ्य से आगे बढ़कर जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं, ऐसे ही एक शख्स हैं भोपाल के मोहम्मद जावेद खान।
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देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप हर तरफ देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य सेवाएँ बेहाल हैं, वहीं कोरोना प्रभावित मरीज व उनके परिजन ऑक्सीजन सिलेन्डर, जरूरी दवाओं और एंबुलेंस आदि के लिए सोशल मीडिया पर मदद मांगते हुए नज़र आ रहे हैं।


कोरोना महामारी के इस बेहद कठिन समय के बीच ऐसे भी कई मामले देखने को मिल रहे हैं जहां लोग अपनी सामर्थ्य से आगे बढ़कर जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं, ऐसे ही एक शख्स हैं भोपाल के मोहम्मद जावेद खान।


जावेद ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच लोगों की मदद करने के लिए एक बेहद अनूठा तरीका अपनाया है।

मरीज को देखकर हो गए विचलित

जावेद के अनुसार कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच एक दिन उन्होने एक गरीब कोरोना संक्रमित मरीज को देखा जो एंबुलेंस के लिए परेशान था लेकिन उसे एंबुलेंस नहीं मिल पा रही थी, इसी के बाद उन्होने सोंचा कि वे इस समस्या को सुलझाने का प्रयास करेंगे।


परिवारजनों के साथ चर्चा करते हुए मिले सुझाव के बाद 34 साल के जावेद ने अपने ऑटोरिक्शा को ही एंबुलेंस में बदलने का मन बना लिया। मीडिया से बात करते हुए जावेद ने बताया कि भोपाल के साथ ही अन्य शहरों में लोग आपे घर वालों को अस्पताल पहुंचाने के लिए काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं और वह इसे देखकर काफी व्यथित हुए, जिसके बाद ही उन्होने अपने ऑटोरिक्शा को ही एंबुलेंस में तब्दील करने का निश्चय किया।

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रिपोर्ट्स के अनुसार मोहम्मद जावेद खान अपनी इस ऑटोरिक्शा एंबुलेंस के जरिये अब तक लगभग 10 से अधिक गंभीर मरीजों की जान बचा चुके हैं।

ऑक्सीजन सिलेन्डर भी है मौजूद

एंबुलेंस की शक्ल ले चुके अपने खास ऑटोरिक्शा में जावेद ने ऑक्सीजन सिलेन्डर की भी व्यवस्था की है। इसी के साथ ऑटो रिक्शा में सैनेटाइजर भी मौजूद रहता है, इतना ही नहीं जावेद ने इस खास एंबुलेंस में ऑक्सीमीटर की भी व्यवस्था कर रखी है।


मरीज के ऑटोरिक्शा में अस्पताल जाने के साथ ही जावेद डॉक्टर के भी संपर्क में बने रहते हैं। मरीज के ऑक्सीजन लेवल को देखते हुए जावेद डॉक्टर के निर्देश पर सिलेन्डर से दी जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को सेट करते हैं जिससे मरीज सही हालत में आराम से अस्पताल तक पहुंच जाता है।

बेचने पड़े पत्नी के गहने

बीते 18 सालों से ऑटो चला रहे जावेद खान के बाद अधिक संसाधन नहीं हैं, इसके बावजूद उन्होने अपने ऑटोरिक्शा को जरूरी उपकरणों और ऑक्सीजन सिलेन्डर के साथ इस तरह की एंबुलेंस में बदलने के लिए काफी पैसे भी खर्च किए हैं और इन पैसों का इंतजाम जावेद ने अपने पत्नी के गहने बेंचकर किया है।


जावेद हर बार 600 रुपये खर्च कर ऑक्सीजन सिलेन्डर भरवाते हैं। अधिक से अधिक लोगों की मदद करने के उद्देश्य से जावेद ने अपने फोन नंबर को सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों तक पहुंचाने का काम किया है, जिसके बाद अधिक से अधिक लोग जरूरत के समय उनसे संपर्क कर रहे हैं।


कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोहम्मद जावेद खान अपनी इस ऑटोरिक्शा एंबुलेंस के जरिये अब तक लगभग 10 से अधिक गंभीर मरीजों की जान बचा चुके हैं। इतना ही नहीं जावेद इस संकट की घड़ी में सभी सक्षम लोगों से आगे आकर जरूरतन्द लोगों की मदद करने की अपील भी कर रहे हैं।


गौरतलब है कि भोपाल भी इस समय कोरोना से जूझ रहा है और शहर में हर रोज़ करीब 1 हज़ार से अधिक कोरोना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं।