संस्करणों
वुमनिया

शानदार मेरीकॉम: दुनिया की नंबर वन मुक्केबाज बनीं भारत की मेरीकॉम

AIBA की ताजा जारी रैंकिंग में मेरी कॉम ने अपने वजन वर्ग में 1700 अंक लेकर शीर्ष पर कब्जा जमाया।

11th Jan 2019
Add to
Shares
9.3k
Comments
Share This
Add to
Shares
9.3k
Comments
Share

मेरीकॉम


भारतीय मुक्केबाज 'मैग्निफिशेंट मेरी कॉम' ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (AIBA) की वर्ल्ड रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। बीते साल नवंबर में 10वीं AIBA महिला विश्व चैम्पियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था, जिसकी बदौलत उन्हें यह स्थान प्राप्त हुआ है। वह पहली महिला मुक्केबाज हैं जिसके नाम छह विश्वचैंपियन जीतने का रिकॉर्ड है।


AIBA की ताजा जारी रैंकिंग में मेरी कॉम ने अपने वजन वर्ग में 1700 अंक लेकर शीर्ष पर बरकरार हैं। मैरीकॉम से पहले आयरलैंड की कैटी टेलर ने ने 60 किलो भार वर्ग में 2006 से 2016 के बीच पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। उनके नाम एक कांस्य पदक भी है। मेरीकॉम ऐसी पहली भारतीय महिला मुक्केबाज हैं जिन्होंने 2012 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया था। उन्होंने 51 वर्ग स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। 


अब 2020 ओलंपिक में खेलने के लिए मेरी को 51 किलोग्राम वर्ग में ही खेलना होगा क्योंकि 48 किलोग्राम वजन को ओलंपिक में शामिल नहीं किया गया है। मेरीकॉम का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर में हुआ था। उनकी जिंदगी काफी संघर्षों में बीती। सन 2000 में उनका झुकाव बॉक्सिंग की तरफ हुआ और उन्होंने मणिपुर राज्य के बॉक्सिंग कोच एम. नरजित के ट्रेनिंग लेनी शुरू की। इसके बाद वे नेशनल लेवल के खेलों में प्रतिभाग करने उतरीं और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।


उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें 2003 में अर्जुन पुरस्कार और 2006 में पद्मश्री पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्हें 2009 में देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न औऱ 2013 में तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। मेरीकॉम ने 2013 में अपनी जीवनी लिखी थी जिस पर बाद में फिल्म भी बनी। मेरीकॉम तीन बच्चों की मां हैं। उन्होंने 2018 में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसकी वजह से उन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई है।


यह भी पढ़ें: 71 साल में पहली बार आर्मी डे परेड का नेतृत्व करेंगी पहली महिला लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी

Add to
Shares
9.3k
Comments
Share This
Add to
Shares
9.3k
Comments
Share
Report an issue
Authors

Related Tags