11 मई: भारत बना 'परमाणु महाशक्ति', वो ऐतिहासिक घटनाएं जो हर भारतीय को जाननी चाहिए!
आज ही के दिन भारत बना परमाणु राष्ट्र और महिला वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास. आज ही के दिन क्यों मनाया जाता है National Technology Day? जानिए 11 मई की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं.
हर तारीख इतिहास में कुछ खास लेकर आती है, और 11 मई का दिन भारत और दुनिया — दोनों के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है. यह दिन भारत के लिए वैज्ञानिक उपलब्धियों, राष्ट्रीय गर्व और महिला सशक्तिकरण जैसे मील के पत्थरों का गवाह रहा है. आइए जानें इस दिन घटी प्रमुख घटनाओं को एक नज़र में.
भारतीय इतिहास में 11 मई की महत्वपूर्ण घटनाएं
1984 – रितु करिधल का जन्म
ISRO की प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिक रितु करिधल, जिन्हें ‘मंगल मिशन की रॉकेट वुमन’ (Ritu Karidhal – Rocket Woman of India) कहा जाता है, का जन्म 11 मई 1984 को हुआ था. उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में बड़ा योगदान दिया है.
1998 – पोखरण-2: भारत बना परमाणु शक्ति
11 मई 1998 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में ‘शक्ति’ नामक परमाणु परीक्षण किया, जिसे पोखरण-2 के नाम से जाना जाता है. इस ऐतिहासिक परीक्षण के बाद भारत आधिकारिक रूप से परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल हो गया. इसके साथ ही भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी वैज्ञानिक और रणनीतिक स्थिति को मज़बूत किया.
इस उपलब्धि की याद में हर साल 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ (National Technology Day) मनाया जाता है.
2000 – भारत के एक अरबवें बच्चे का जन्म
11 मई 2000 को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जन्मी 'आस्था' भारत का एक अरबवाँ बच्चा है.
2010 – 38वें प्रधान न्यायाधीश ने ली शपथ
भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश एसएच कपाड़िया को 11 मई 2010 को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई.
विश्व इतिहास में 11 मई की प्रमुख घटनाएं
1927 – अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली गैर-रुकावट उड़ान
पायलट चार्ल्स किंग्सफोर्ड स्मिथ ने पहली बार अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक बिना रुके हवाई उड़ान पूरी की. यह हवाई इतिहास में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.
1949 – इजरायल संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बना
11 मई 1949 को इजरायल को संयुक्त राष्ट्र का सदस्य बनाया गया, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई. यह मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ था.
2008 – विश्व का पहला जिनेटिकली माडिफ़ाइड मानव भ्रूण तैयार
न्यूयार्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 11 मई 2008 को विश्व का पहला जिनेटिकली माडिफ़ाइड मानव भ्रूण तैयार किया.
11 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
एस. एम. श्रीनागेश (1903) – भारतीय थल सेना के तृतीय थल सेनाध्यक्ष थे
के. वी. के. सुंदरम (1904) – भारत के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे
सआदत हसन मंटो (1912) – प्रसिद्ध उर्दू लेखक और नाटककार (यद्यपि कुछ स्रोतों में जन्मतिथि 11 मई बताई गई है, विवादित है)
मृणालिनी साराभाई (1918) – भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना
सागर सरहदी (1933) – भारतीय हिन्दी सिनेमा के दिग्गज पटकथा लेखक
रितु करिधल (1984) – भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक
11 मई को जिन हस्तियों ने कहा अलविदा
1981 – बांग्ला सिनेमा के दिग्गज अभिनेता उत्तम कुमार का निधन
2001 – डगलस ऐडम्स, ब्रिटिश लेखक ("The Hitchhiker’s Guide to the Galaxy")
2002 – आबिदा सुल्तान, भोपाल सियासत की राजकुमारी एवं भारत की पहली महिला पायलट
11 मई को क्यों याद रखा जाए?
11 मई न केवल भारत की वैज्ञानिक शक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक इतिहास में भी बदलाव, नवाचार और राजनीतिक मान्यता का दिन है. पोखरण-2 के साथ भारत ने दिखा दिया कि वह विज्ञान और आत्मनिर्भरता में किसी से पीछे नहीं है.




