13 मई: जब भारत की संसद ने ली पहली सांस और ब्राजील ने गुलामी खत्म की!
13 मई का इतिहास: 1952 में भारत की पहली संसद की बैठक, 1962 में डॉ. राधाकृष्णन बने दूसरे राष्ट्रपति और 1888 में ब्राजील ने गुलामी को कहा अलविदा — जानिए आज के दिन का इतिहास.
इतिहास केवल अतीत की गाथा नहीं होता, बल्कि वह आईना होता है जो हमें वर्तमान समझने और भविष्य गढ़ने की दिशा देता है. 13 मई का दिन भारत और विश्व इतिहास में कई कारणों से महत्वपूर्ण रहा है. इस दिन राजनीतिक घटनाएं, वैज्ञानिक उपलब्धियां, और दुखद हादसे सभी कुछ दर्ज हैं. आइए जानते हैं, आखिर 13 मई को इतिहास में क्या-क्या हुआ.
भारत और विश्व के इतिहास में 13 मई की प्रमुख घटनाएं
1952 – भारत की पहली संसद की पहली बैठक
13 मई 1952 को स्वतंत्र भारत की पहली संसद की पहली बैठक आयोजित हुई थी. यह दिन भारतीय लोकतंत्र की नींव के रूप में ऐतिहासिक है. पहली लोकसभा की कुल सीटें 489 थीं और लगभग 17.3 करोड़ लोगों ने मतदान किया. निर्वाचित सांसदों में 401 पुरुष और 22 महिलाएं थीं. पहले लोकसभा अध्यक्ष जी.वी. मावलंकर बने. भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस सत्र की शुरुआत में ऐतिहासिक भाषण दिया और कहा, “हम एक नया युग शुरू कर रहे हैं — यह संसद भारत की जनता की आवाज़ है.”
1962 – डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे, वे 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक इस पद पर रहे. 5 सितंबर 1888 को आंध्र प्रदेश के एक छोटे से शहर में जन्मे राधाकृष्णन एक प्रतिष्ठित विद्वान, दार्शनिक और राजनेता थे, जिनके प्रभाव ने भारत के शैक्षिक और राजनीतिक परिदृश्य पर गहरी छाप छोड़ी है.
1888 – ब्राजील में गुलामी प्रथा का अंत
13 मई 1888 को ब्राजील ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गुलामी प्रथा को समाप्त कर दिया. राजकुमारी इसाबेल ने "गोल्डन लॉ" (लेई ऑरिया) पर हस्ताक्षर किए, जिसने बिना किसी मुआवजे के सभी दासों को मुक्त करने का आदेश दिया. यह फैसला ‘गोल्डन लॉ’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ. ब्राज़ील पश्चिमी गोलार्ध में गुलामी प्रथा को औपचारिक रूप से समाप्त करने वाला अंतिम राष्ट्र है.
2010 – सामाजिक कार्यकर्ता इला भट्ट को मिला निवानो शांति पुरस्कार
13 मई 2010 को भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता इला भट्ट को निवानो शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. इला भट्ट, जो "सेल्फ एम्प्लॉयड वुमेन्स एसोसिएशन" (सेवा) की संस्थापक थीं, उन्हें 2010 में निवानो शांति पुरस्कार और पहले वैश्विक निष्पक्षता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. बाद में, साल 2011 में, इला भट्ट को भारतीय रिज़र्व बैंक के बोर्ड में नियुक्त किया गया था.
1830 – इक्वाडोर गणराज्य की स्थापना, जुआन जोस फ्लोरेंस बने पहले राष्ट्रपति
13 मई, 1830 को इक्वाडोर गणराज्य की स्थापना हुई और जुआन जोस फ्लोरेंस पहले राष्ट्रपति बने. फ्लोरेंस 1830 से 1834 तक राष्ट्रपति पद पर रहे.
13 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1905 – फ़ख़रुद्दीन अली अहमद, भारत के भूतपूर्व राष्ट्र्पति
1951 – श्री श्री रवि शंकर, आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के फाउंडर
1857 – रोनाल्ड रॉस, ब्रिटिश चिकित्सक तथा 'नोबेल पुरस्कार' विजेता
13 मई को जिन हस्तियों ने कहा अलविदा
1961 – प्रसिद्ध भारतीय राजनीतिज्ञ भारत रत्न पुरुषोत्तम दास टंडन
2001 – आर. के. नारायण, अंग्रेज़ी में लिखने वाले उत्कृष्ट भारतीय लेखकों में से एक
1951 – हसरत मुहानी, लखनऊ के प्रसिद्ध शायर
1950 – रामकृष्ण देवदत्त भांडारकर, प्रसिद्ध पुरातत्त्वविद
13 मई को क्यों याद रखा जाए?
13 मई की तारीख इतिहास के पन्नों में कई घटनाओं के साथ दर्ज है — लोकतंत्र की नींव और गुलामी का अंत जैसी बातें इसे खास बनाती हैं. यह दिन हमें न केवल याद रखने योग्य घटनाएं देता है, बल्कि सीख भी देता है कि हर बदलाव की शुरुआत एक कदम से होती है.




