14 मई का इतिहास: जब इज़राइल बना देश और दुनिया को मिली पहली वैक्सीन!
14 मई को किन घटनाओं ने रचा इतिहास? इज़राइल की स्वतंत्रता, पहली वैक्सीन की खोज और भारत- रूस के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.
इतिहास की किताबों में हर तारीख किसी न किसी महत्वपूर्ण घटना की गवाह होती है. 14 मई का दिन (14 May Ka Itihas) भी ऐसा ही है जब भारत और दुनिया में कई बड़ी घटनाएं घटीं—कहीं देश अस्तित्व में आया, तो कहीं महान वैज्ञानिक ने जन्म लिया. यह दिन विज्ञान, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों में ऐतिहासिक साबित हुआ है. (May 14 History)
भारत और विश्व के इतिहास में 14 मई की प्रमुख घटनाएं
1948 – इज़राइल बना एक स्वतंत्र राष्ट्र
14 मई 1948 को डेविड बेन-गुरियन ने ब्रिटेन से इज़राइल की स्वतंत्रता की घोषणा की. यह घटना मध्य-पूर्व के इतिहास में एक नया अध्याय लेकर आई, जिसके बाद से फिलिस्तीन-इज़राइल विवाद तेज हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन ने उसी दिन नए राष्ट्र को मान्यता दी. आगे चलकर गुरियन को पहला प्रधानमंत्री चुना गया और वर्ल्ड जिमनास्ट आर्गेनाइजेशन के प्रमुख खाइम वाइजमैन को संसद ने पहला राष्ट्रपति चुना गया.
1796 – एडवर्ड जेनर ने दुनिया का पहला टीका लगाया
इंग्लैंड के डॉ. एडवर्ड जेनर ने 14 मई 1796 को पहली बार चेचक (smallpox) की वैक्सीन लगाई. जेनर ने 8 वर्षीय बालक जेम्स फिप्स को यह टीका लगाया था. यह दिन चिकित्सा विज्ञान में एक क्रांतिकारी मोड़ लेकर आया और आज की वैक्सीनेशन प्रणाली की नींव रखी. जेनर को अक्सर "इम्यूनोलॉजी का पिता" कहा जाता है. वह कोयल के बच्चों की परजीवीता (ब्रूड परजीवी) का वर्णन करने वाले पहले व्यक्ति थे. वर्ष 2002 में, जेनेर को बीबीसी की 100 महानतम ब्रिटन्स की सूची में नामित किया गया था.
2010 – भारत-रूस के बीच हुए 22 समझौते
2010 में 14 मई के दिन ही भारत-रूस के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन, व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, विज्ञान और टेक्नोलॉजी आदि में 22 समझौते हुए थे. इन समझौतों पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने हस्ताक्षर किए थे. ये समझौते भारत और रूस के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों का प्रतीक थे, और इन समझौतों ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने में मदद की.
1973 – अमेरिकी सेना में महिलाओं को मिला समान अधिकार
1973 में 14 मई के दिन ही अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने सेना में महिलाओं के समान अधिकार को मंजूरी दी थी. इस फैसले का मतलब था कि महिलाओं को पुरुषों के समान ही सेना में सेवा करने का अधिकार था. हालांकि, इस फैसले के बाद भी, महिलाओं को कुछ क्षेत्रों में अभी भी प्रवेश करने से मना किया गया था, जैसे कि युद्ध के मैदान में. बाद के वर्षों में, सेना में महिलाओं के लिए कई प्रतिबंध हटा दिए गए, और आज महिलाएं पुरुषों के समान ही सभी क्षेत्रों में सेना में सेवा कर सकती हैं.
1973 – अमेरिका ने लॉन्च किया पहला अंतरिक्ष स्टेशन ‘स्काईलैब’
‘स्काईलैब’ को 14 मई, 1973 को सैटर्न वी रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया गया था. स्काईलैब अमेरिका का पहला अंतरिक्ष स्टेशन था और अंतरिक्ष में पहली मानवयुक्त अनुसंधान प्रयोगशाला थी. इसे पृथ्वी की कक्षा में 270 मील (435 किलोमीटर) की ऊंचाई पर हर 93 मिनट में एक बार परिक्रमा करने के लिए डिज़ाइन किया गया था. स्काईलैब पर तीन अलग-अलग तीन-व्यक्ति चालक दल ने 1973 और 1974 में कुल 171 दिन बिताए.
14 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1657 – शम्भाजी, छत्रपती शिवाजी महाराज के ज्येष्ठ पुत्र और उत्तराधिकारी.
1883 – अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर, प्रसिद्ध न्यायविद, अधिवक्ता और शिक्षाशास्त्री
1892 – अरुण चन्द्र गुहा, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिक कार्यकर्ता
1923 – मृणाल सेन, भारतीय फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्माता व निर्देशक
1984 – मार्क जुकरबर्ग, सोशल मीडिया साइट फेसबुक के फाउंडर
14 मई को जिन हस्तियों ने कहा अलविदा
2011 – महेन्द्र सिंह टिकैत, किसान नेता
2010 – वृंदा करंदीकर, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित मराठी कवि
1978 – जगदीशचन्द्र माथुर, प्रसिद्ध नाटककार
1963 – डॉक्टर रघुवीर, प्रख्यात विद्वान और राजनीतिक नेता
1923 – एन.जी.चन्दावरकर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष
14 मई को क्यों याद रखा जाए?
14 मई को विज्ञान, राजनीति और वैश्विक परिदृश्य में हुई घटनाओं ने मानवता की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित किया. चाहे इज़राइल का निर्माण हो, चेचक की वैक्सीन की खोज, या फिर अमेरिका की तकनीकी सफलता—यह तारीख इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है.




