Microsoft भारत में करेगी 17.5 अरब डॉलर का निवेश, AI को मिलेगा बूस्ट
इस घोषणा से पहले Microsoft के CEO सत्या नडेला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. दोनों के बीच भारत के AI भविष्य पर चर्चा हुई. इसके बाद सत्या नडेला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह निवेश भारत को AI-फर्स्ट देश बनाने की दिशा में मदद करेगा.
Microsoft ने भारत में क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए 17.5 अरब डॉलर (लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का ऐलान किया है. यह एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है. यह निवेश अगले चार सालों में किया जाएगा.
इससे पहले Microsoft ने जनवरी में 3 अरब डॉलर निवेश का वादा किया था. नया ऐलान उसी का विस्तार माना जा रहा है. इस निवेश का मकसद भारत में बड़े स्तर पर क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना है. साथ ही सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म में AI को जोड़ना है. देश के युवाओं को AI की ट्रेनिंग देना भी एक बड़ा लक्ष्य है.
इस घोषणा से पहले Microsoft के CEO सत्या नडेला (Satya Nadella) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की थी. दोनों के बीच भारत के AI भविष्य पर चर्चा हुई. इसके बाद सत्या नडेला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह निवेश भारत को AI-फर्स्ट देश बनाने की दिशा में मदद करेगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस निवेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि भारत के युवा इस मौके का पूरा फायदा उठाएंगे. AI की ताकत से दुनिया को बेहतर बनाने में भारत की बड़ी भूमिका होगी.
भारत तेजी से AI के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है. सरकार टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है. इसी वजह से दुनिया की बड़ी कंपनियां अब भारत में बड़े निवेश कर रही हैं. हाल ही में Google ने 15 अरब डॉलर और Amazon Web Services (AWS) ने 8 अरब डॉलर के डेटा सेंटर निवेश की घोषणा की है.
Microsoft अपने इस नए निवेश से भारत में अपने क्लाउड और AI नेटवर्क को और मजबूत करेगा. कंपनी देश के कई हिस्सों में Sovereign Public Cloud और Sovereign Private Cloud सेवाएं पहले से दे रही है. अब इन्हें और बड़े स्तर पर फैलाया जाएगा.
कंपनी ने यह भी कहा है कि वह 2030 तक 2 करोड़ लोगों को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य अब और तेज करेगी. भारत में Microsoft के 22 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं. उन्हें भी नई टेक्नोलॉजी में स्किल किया जाएगा.
Microsoft अपने Azure AI टूल्स को भारत के श्रम मंत्रालय और नेशनल करियर सर्विस के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ेगा. इससे नौकरी और स्किल से जुड़े डिजिटल सिस्टम और स्मार्ट बनेंगे.
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि यह निवेश भारत को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से AI पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर ले जाएगा. इससे दुनिया में भारत की टेक्नोलॉजी की पहचान और मजबूत होगी.
Microsoft इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसीडेंट पुनीत चंडोक (Puneet Chandok) ने कहा कि कंपनी पिछले तीन दशक से भारत के साथ जुड़ी हुई है. अब भारत के AI भविष्य में भी वह मजबूत साझेदार बनी रहेगी. यह निवेश हर भारतीय तक टेक्नोलॉजी की ताकत पहुंचाने का काम करेगा.
हालांकि भारत अभी चिप और एडवांस AI टेक्नोलॉजी में दुनिया से पीछे है. लेकिन बड़ा बाजार और सरकारी समर्थन विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है. सरकार की इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन योजना के तहत अब तक 10 चिप प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं. इनमें 18 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होगा.
इसी कड़ी में सोमवार को अमेरिकी चिप कंपनी Intel ने Tata Electronics के साथ समझौता किया है. दोनों मिलकर भारत में AI से जुड़े चिप प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे.
कुल मिलाकर Microsoft का यह निवेश भारत के AI भविष्य के लिए एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. इससे टेक्नोलॉजी, नौकरियां और डिजिटल विकास को नई रफ्तार मिलेगी.



