एनीमेशन सीखी, फिर नौकरी छोड़कर खोला सुपरहीरो थीम वाला कैफे, मुरादाबाद के मोहम्मद समीर की कहानी
मुरादाबाद के मोहम्मद समीर ने CM YUVA Yojana की मदद से Stark Cafe की शुरुआत की. उन्हें यूपी सरकार की इस योजना के तहत ब्याज मुक्त लोन मिला. छात्रों की भरमार वाले इलाके में खोले गए इस कैफे ने किफायती मेन्यू और आरामदायक माहौल के जरिए युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाई और रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए.
मुरादाबाद की ख्वाजा कॉलोनी में एक छोटा सा कैफे है, जिसका नाम सुनते ही युवाओं के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. नाम है Stark Cafe. यह सिर्फ चाय और कॉफी की दुकान नहीं है. यह एक सोच का नतीजा है. यह कहानी है मोहम्मद समीर की, जिन्होंने नौकरी से निकलकर अपना रास्ता खुद बनाया.
समीर मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले हैं. उन्होंने एनीमेशन की पढ़ाई की. पढ़ाई के बाद अलग अलग नौकरियां कीं. काम चलता रहा, लेकिन मन में संतोष नहीं था. उन्हें लगा कि वह कुछ अपना करना चाहते हैं. रोजमर्रा की नौकरी उन्हें सीमित लगने लगी.
उन्होंने जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया. पहले आसपास के माहौल को समझा. मुरादाबाद उन्हें व्यापार के लिहाज से बेहतर शहर लगा. इसलिए उन्होंने यहीं कुछ शुरू करने का फैसला किया.
ख्वाजा कॉलोनी में उन्हें एक खास मौका दिखा. यहां पास ही तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी और विल्सोनिया कॉलेज जैसे संस्थान हैं. इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. अधिकतर छात्र किराए के कमरों में रहते हैं और परिवार से दूर होते हैं. खाने पीने की दुकाने तो थीं, लेकिन बैठकर आराम से समय बिताने की जगह कम थी.
समीर ने इसी जरूरत को पहचाना. उन्होंने ऐसा कैफे बनाने की सोची, जहां छात्र सस्ती कीमत में खाना खा सकें और आराम से बैठ सकें. पढ़ाई भी कर सकें और दोस्तों के साथ समय भी बिता सकें.
कैफे का नाम भी सोच समझकर रखा गया. Stark Cafe का नाम मार्वल के किरदार टोनी स्टार्क से प्रेरित है. समीर को उस किरदार का आत्मविश्वास और नई सोच पसंद थी. वह चाहते थे कि उनका कैफे भी युवाओं के लिए कुछ नया और अलग महसूस हो. नाम ऐसा हो जो छात्रों को तुरंत जुड़ाव का एहसास दे.
मेन्यू को भी छात्रों की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया. यहां कॉफी, मैगी, ब्रेड ऑमलेट, स्नैक्स, बिस्किट और कोल्ड ड्रिंक मिलते हैं. कीमतें किफायती रखी गई हैं. लेकिन समीर मानते हैं कि असली पहचान माहौल से बनती है. बैठने की व्यवस्था ऐसी है कि छात्र आराम से समय बिता सकें. यहां माहौल सिर्फ लेनदेन वाला नहीं है, बल्कि अपनापन महसूस होता है.
सबसे बड़ी चुनौती थी फंड की. समीर पढ़ाई पूरी करने के बाद परिवार पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे. उन्होंने सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाई. आखिरकार उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए आवेदन किया. इस योजना में बिना ब्याज के सहायता मिली. इससे शुरुआती आर्थिक दबाव कम हुआ.
इस सहयोग से उन्होंने प्रोफेशनल काउंटर, फ्रिज, ओवन, इंटीरियर सजावट, मिरर वर्क और पेंटिंग जैसी जरूरी चीजों में निवेश किया. उनका मानना है कि एक अच्छे कैफे के लिए चार से पांच लाख रुपये का खर्च आसानी से आ सकता है. अगर सिर्फ सड़क किनारे ठेला लगाना होता तो कम पैसे में काम हो जाता, लेकिन वह एक प्रोफेशनल स्पेस बनाना चाहते थे.
आज Stark Cafe में दो कर्मचारी काम करते हैं. जब समीर बाहर के काम देखते हैं तो यही टीम कैफे संभालती है. छोटा लेकिन व्यवस्थित सेटअप होने से खर्च भी नियंत्रण में रहता है.
समीर का सपना सिर्फ एक कैफे तक सीमित नहीं है. वह भविष्य में मुरादाबाद, बिजनौर और अलीगढ़ के कॉलेज इलाकों में और आउटलेट खोलना चाहते हैं. उनके लिए चाय और कॉफी बेचना छोटा काम नहीं है. यह युवाओं को सुरक्षित जगह देना है. यह रोजगार देना है. यह आत्मनिर्भर बनने का रास्ता है.
मुरादाबाद के एक कोने में शुरू हुआ Stark Cafe यह साबित करता है कि अगर स्थानीय जरूरत को सही तरह से समझा जाए और सोच के साथ काम किया जाए, तो साधारण सा विचार भी मजबूत कारोबार बन सकता है. मोहम्मद समीर की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ नया करने का सपना देखते हैं.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



