मैनपुरी की नीलम ने घर बैठे शुरू किया सॉफ्ट टॉय बिजनेस, अब हर महीने बिक रहे सैकड़ों टेडी बियर
मैनपुरी की नीलम ने CM YUVA Yojana की मदद से घर से सॉफ्ट टॉय बिजनेस शुरू किया. उन्हें यूपी सरकार की इस योजना के तहत ब्याज मुक्त लोन मिला. 15 दिन की ट्रेनिंग और लोन सहयोग से वह टेडी बियर, पांडा और कुशन बनाकर बाजारों में सप्लाई कर रही हैं और ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं.
मैनपुरी जिले के बगवंतपुर गांव की रहने वाली नीलम ने अपने बचपन के एक छोटे से शौक को आज रोजगार में बदल दिया है. जनवरी 2025 से वह अपने घर से सॉफ्ट टॉय बनाने का काम कर रही हैं. टेडी बियर, कुशन, पांडा, पर्स और अन्य मुलायम खिलौने वह ऑर्डर पर तैयार करती हैं.
उनकी कहानी बड़े स्तर की नहीं, लेकिन बड़े हौसले की जरूर है.
नीलम बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही टेडी बियर बहुत पसंद थे. वह अक्सर सोचती थीं कि काश वह खुद इन्हें बनाना सीख पातीं. साल 2022 में जब वह गांव के स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, तब उनकी सोच में बदलाव आया. उन्होंने देखा कि गांव की दूसरी महिलाएं आगे बढ़कर काम कर रही हैं और परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं. तब उन्हें लगा कि उन्हें भी कुछ करना चाहिए.
घर की जिम्मेदारियां थीं. बच्चों की पढ़ाई की चिंता थी. गरीबी का दबाव भी था. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी आत्मविश्वास की कमी. उन्होंने कभी अपना कारोबार नहीं चलाया था. मन में डर था कि काम चलेगा या नहीं. गांव में बाहर जाकर सीखने के मौके भी कम थे.
इसी बीच उन्हें पंद्रह दिन की ट्रेनिंग का मौका मिला. मैनपुरी में जिजई मोड़ के पास बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े आरसीटी सेंटर में सॉफ्ट टॉय बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था. नीलम ने बिना देर किए नाम लिखवा दिया.
इस ट्रेनिंग ने उनकी सोच बदल दी. उन्होंने पैटर्न काटना सीखा. सिलाई की तकनीक समझी. खिलौनों में फाइबर भरने और फिनिशिंग के तरीके जाने. सबसे बड़ी बात यह रही कि उनका आत्मविश्वास बढ़ा. अब उन्हें लगा कि वह सच में कुछ कर सकती हैं.
लेकिन काम बढ़ाने के लिए पूंजी की जरूरत थी. कच्चा माल थोक में खरीदना उनके लिए आसान नहीं था. तभी स्वयं सहायता समूह के जरिए उन्हें यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में जानकारी मिली.
उन्होंने जुलाई में पहली बार आवेदन किया, लेकिन आवेदन खारिज हो गया. वह निराश जरूर हुईं, लेकिन रुकी नहीं. अगस्त और सितंबर में उन्होंने फिर से आवेदन किया. आखिरकार जनवरी में जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से उनका लोन पास हो गया. आसान किस्तों की सुविधा ने उन्हें आगे बढ़ने का भरोसा दिया.
लोन मिलने के बाद उन्होंने फर वाला कपड़ा, लाइनिंग मटेरियल, फाइबर फिलिंग और आंखों व सजावट का सामान खरीदा. पहले वह सीमित स्टॉक में थोड़ा बहुत बनाती थीं. अब वह ऑर्डर लेकर नियमित उत्पादन कर पा रही हैं. उनके बनाए सॉफ्ट टॉय आज भोगांव, फर्रुखाबाद और मैनपुरी के बाजारों में बिक रहे हैं.
नीलम अपने काम की प्रक्रिया बड़े ध्यान से बताती हैं. सबसे पहले वह फर वाले कपड़े को उल्टा फैलाती हैं और ध्यान रखती हैं कि फर की दिशा सही रहे. अगर कट गलत हो जाए तो खिलौने का लुक खराब हो सकता है. इसके बाद वह पैटर्न रखकर कपड़ा काटती हैं. सिलाई के बाद शरीर को जोड़ा जाता है और फिर फाइबर भरा जाता है.
वह कहती हैं कि फाइबर भरना उनका सबसे पसंदीदा काम है. घंटों बैठकर वह खिलौने में फाइबर भर सकती हैं. उसी समय टेडी का असली रूप सामने आता है. अंत में आंखें लगाकर और फिनिशिंग देकर वह खिलौना तैयार करती हैं.
उनकी यूनिट से चार महिलाएं जुड़ी हुई हैं. फिलहाल दो महिलाएं उनके साथ नियमित रूप से काम कर रही हैं. इससे सभी महिलाएं घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए कमाई भी कर पा रही हैं.
नीलम का संदेश साफ है. वह कहती हैं कि गांव की महिलाओं को आगे आना चाहिए. अगर रोज पचास या सौ रुपये भी कमाए जाएं तो बचत बनती है और आत्मसम्मान बढ़ता है.
मैनपुरी के एक छोटे से गांव से नीलम सिर्फ खिलौने नहीं बना रहीं. वह आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और उम्मीद भी तैयार कर रही हैं. हर टेडी बियर के साथ वह अपने सपनों को भी आकार दे रही हैं.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
CM YUVA योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Edited by Ravi Pareek



