वेल्थ-टेक स्टार्टअप Wealthy.in को सीरीज B राउंड में मिली 130 करोड़ रु की फंडिंग
हालिया फंडिंग कंपनी के मिशन को और तेजी देगी. Wealthy का लक्ष्य है कि भारत के तेजी से बढ़ते म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को AI-समर्थित टूल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देकर और मजबूती दी जाए. इससे देश के निवेशकों को बेहतर सेवाएं और लंबे समय का वित्तीय समाधान मिल सकेगा.
अग्रणी वेल्थ-टेक प्लेटफॉर्म Wealthy.in को सीरीज़ B राउंड में 130 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है. इस राउंड का नेतृत्व Bertelsmann India Investments ने किया. इस राउंड में मौजूदा निवेशक Alphawave Global, नए निवेशक Shepherd's Hill और टेक सेक्टर के कई उद्यमियों ने भी हिस्सा लिया.
कंपनी की स्थापना IIT और IIM के पूर्व छात्रों आदित्य अग्रवाल और प्रशांत गुप्ता ने की थी. Wealthy का प्लेटफॉर्म हर महीने 300 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन प्रोसेस करता है. कंपनी के साथ 6 हजार से अधिक म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स जुड़े हैं जो 1 लाख से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं देते हैं. प्लेटफॉर्म 1000 से ज्यादा शहरों में काम करता है. कंपनी हर महीने 350 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स को ऑनबोर्ड करती है और भारत की दूसरी सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूटर हायरिंग प्लेटफॉर्म बन चुकी है. इस समय 5000 करोड़ रुपये की क्लाइंट एसेट्स प्लेटफॉर्म पर मैनेज हो रही हैं.
Wealthy ने 2022 में Alphawave Global से सीरीज़ A फंडिंग हासिल की थी. पिछले तीन साल में कंपनी का AUM 200 करोड़ रुपये से बढ़कर 5000 करोड़ रुपये हो गया है. कंपनी के देशभर में 20 ऑफिस हैं और 250 से अधिक लोगों की टीम काम कर रही है.
हालिया फंडिंग कंपनी के मिशन को और तेजी देगी. Wealthy का लक्ष्य है कि भारत के तेजी से बढ़ते म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को AI-समर्थित टूल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देकर और मजबूती दी जाए. इससे देश के निवेशकों को बेहतर सेवाएं और लंबे समय का वित्तीय समाधान मिल सकेगा.
भारत में म्यूचुअल फंड AUM 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. आने वाले वर्षों में वेल्थ मैनेजमेंट मार्केट 200 लाख करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है. बीते पांच सालों में स्वतंत्र म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स की संख्या दोगुनी होकर दो लाख के करीब पहुंच गई है. लेकिन ज्यादातर डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास आधुनिक डिजिटल टूल्स की कमी है. वे आज भी लगभग 70 प्रतिशत समय मैनुअल प्रक्रियाओं में खर्च करते हैं. इससे उनका स्केल बढ़ाना मुश्किल हो जाता है.
Wealthy के को-फाउंडर आदित्य अग्रवाल का कहना है कि भारत में सलाहकारों की भारी कमी है. LIC के पास 40 करोड़ ग्राहक हैं लेकिन म्यूचुअल फंड निवेशक सिर्फ 5 करोड़ हैं. यह अंतर इसलिए है क्योंकि सलाहकार कम हैं और उनके पास स्केल करने के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी नहीं है.
आदित्य ने आगे कहा कि उन्होंने भारत के निवेशकों और भारतीय सलाहकारों के लिए मोबाइल-फर्स्ट समाधान तैयार किया है. यह प्लेटफॉर्म मानव सलाह और AI टूल्स को जोड़कर बड़े स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली वेल्थ सर्विस देता है.
को-फाउंडर प्रशांत गुप्ता के अनुसार भारत में नए वेल्थ ऑन्त्रप्रेन्योर्स का दौर शुरू हो रहा है. वे अपने बिजनेस को एक लंबे समय की इक्विटी में बदल रहे हैं. Wealthy उन्हें पूरी टेक्नोलॉजी, प्रोफेशनल टूल्स और सभी तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स तक पहुंच देता है. इससे वे सिर्फ प्रोडक्ट बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर नहीं रहते बल्कि अपने ग्राहकों के लिए असली वेल्थ पार्टनर बन जाते हैं.
Bertelsmann India Investments के पार्टनर रोहित सूद का कहना है कि भारत में अभी भी कम घर भारतीय इक्विटीज में निवेश करते हैं. यह संख्या आगे बढ़कर विकसित देशों के स्तर तक जा सकती है. Wealthy इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.



