GFF 2025: UPI से लेकर AI तक, PM मोदी बोले — भारत का डिजिटल मॉडल बनेगा दुनिया की ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2025 में कहा कि भारत ने तकनीक को लोकतंत्र, समानता और सशक्तिकरण का माध्यम बनाया है. UPI, AI और India Stack के जरिए भारत दुनिया के लिए डिजिटल मॉडल बन चुका है.
मुंबई में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 (Global Fintech Fest - GFF 2025) में कहा कि पांच साल पहले जब ग्लोबल फिनटेक फेस्ट शुरू हुआ था, तब दुनिया महामारी से जूझ रही थी. उन्होंने कहा कि आज यह आयोजन वैश्विक वित्तीय नवाचार और सहयोग का बड़ा मंच बन चुका है. इस साल यूनाइटेड किंगडम (UK) साझेदार देश के रूप में शामिल हुआ है, जिससे दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों की साझेदारी और मजबूत होगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. उन्होंने बताया कि भारत ने पिछले दशक में तकनीक को लोकतांत्रिक बनाया है.
“आज भारत दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से समावेशी समाजों में से एक है,” उन्होंने कहा.
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने डिजिटल तकनीक को हर नागरिक और हर क्षेत्र तक पहुंचाया है. यह अब भारत के सुशासन का नया मॉडल बन चुका है, जिसमें सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती है और निजी क्षेत्र उसी पर नवाचार करता है. उन्होंने कहा कि भारत ने दिखाया है कि तकनीक सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि समानता का माध्यम भी बन सकती है.
डिजिटल पेमेंट ने बदला भारत का बैंकिंग सिस्टम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का समावेशी दृष्टिकोण बैंकिंग सिस्टम को बदल चुका है. उन्होंने कहा, “पहले बैंकिंग एक विशेषाधिकार था, अब यह सशक्तिकरण का माध्यम है.” उन्होंने बताया कि आज भारत में हर महीने UPI के जरिए 20 अरब लेनदेन होते हैं, जिनकी कीमत 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. दुनिया के हर 100 रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में से 50 भारत में होते हैं.
उन्होंने कहा कि यह सफलता जन धन, आधार और मोबाइल (JAM ट्रिनिटी) की वजह से संभव हुई है.
भारत का डिजिटल स्टैक बना दुनिया के लिए मिसाल
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल स्टैक – जैसे UPI, आधार पेमेंट सिस्टम, भारत बिल पेमेंट सिस्टम, डिजिलॉकर, डिजियात्रा और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) – अब दुनिया में चर्चा का विषय है. उन्होंने कहा कि ONDC छोटे व्यापारियों और MSMEs के लिए वरदान साबित हो रहा है और OCEN छोटे उद्यमियों को कर्ज तक आसान पहुंच दिला रहा है.
उन्होंने कहा कि भारत का यह डिजिटल मॉडल अब ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उम्मीद की किरण बन गया है. भारत अपने ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म्स और अनुभव को दुनिया के साथ साझा कर रहा है. उन्होंने बताया कि भारत द्वारा विकसित MOSIP (Modular Open-Source Identity Platform) को 25 से ज्यादा देश अपना रहे हैं.
फिनटेक और AI में भारत बना वैश्विक लीडर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय फिनटेक सेक्टर ने स्वदेशी समाधानों को वैश्विक पहचान दिलाई है. उन्होंने बताया कि इस साल के पहले छह महीनों में भारत दुनिया के टॉप-3 फंडेड फिनटेक इकोसिस्टम्स में शामिल हुआ है.
उन्होंने कहा कि भारत की ताकत सिर्फ स्केल में नहीं, बल्कि समावेश, लचीलापन और स्थिरता के संतुलन में है. मोदी ने बताया कि भारत की AI नीति तीन सिद्धांतों पर आधारित है — समान पहुंच, बड़े पैमाने पर स्किलिंग और जिम्मेदार उपयोग.
सरकार India-AI Mission के तहत हर जिले और हर भाषा में AI के लाभ पहुंचाने का काम कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत के लिए AI का मतलब है – All Inclusive.”
भारत-UK साझेदारी से खुले नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूके मिलकर एआई और फिनटेक के क्षेत्र में नई राहें खोल सकते हैं. उन्होंने बताया कि UK-India Fintech Corridor दोनों देशों के स्टार्टअप्स और संस्थानों को जोड़ने में मदद करेगा. साथ ही, लंदन स्टॉक एक्सचेंज और GIFT City के बीच सहयोग से वित्तीय एकीकरण और मजबूत होगा.
पीएम मोदी ने सभी निवेशकों और वैश्विक साझेदारों से भारत के साथ बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, “हम ऐसा फिनटेक विश्व बनाना चाहते हैं जो तकनीक, लोगों और ग्रह – तीनों को समृद्ध करे. जहां इनोवेशन केवल ग्रोथ के लिए नहीं, बल्कि गुडनेस के लिए भी हो.”
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 की थीम ‘Empowering Finance for a Better World’ थी, जिसमें एआई, नवाचार और समावेशन को केंद्र में रखा गया है. इस साल 100 से ज्यादा देशों से 1 लाख प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया. इसमें 7,500 कंपनियां, 800 वक्ता और 70 नियामक संस्थाएं शामिल हुईं.



