Neothera को 9 करोड़, eNLife Research को 6 करोड़ और Avni Wellness को मिली 4 करोड़ रुपये की फंडिंग
स्किन हेल्थ स्टार्टअप Neothera ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में 9 करोड़ रुपये जुटाए हैं. डीपटेक स्टार्टअप eNLife Research को 6 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग मिली है. वहीं महिलाओं की हेल्थ पर काम करने वाली कंपनी Avni Wellness ने 4 करोड़ रुपये की नई फंडिंग हासिल की है.
भारत में स्टार्टअप्स में निवेश लगातार बढ़ रहा है. इसी कड़ी में स्किन हेल्थ स्टार्टअप Neothera ने प्री-सीड फंडिंग राउंड में 9 करोड़ रुपये जुटाए हैं. डीपटेक स्टार्टअप eNLife Research को 6 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग मिली है. जबकि महिलाओं की हेल्थ पर काम करने वाली कंपनी Avni Wellness ने 4 करोड़ रुपये की नई फंडिंग हासिल की है. तीनों कंपनियां इस फंडिंग का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट्स, टेक्नोलॉजी और कारोबार के विस्तार में करेंगी.
बेंगलुरु स्थित Neothera ने यह फंडिंग Blume Ventures की अगुवाई में जुटाई है. इस राउंड में Barbershop Fund, Consumer Collective और Veltis Capital ने भी हिस्सा लिया. इसके अलावा कई एंजेल निवेशकों ने भी निवेश किया. इनमें अर्जुन पुरकायस्थ (SVP और MD, Reckitt), मालिका सदानी (फाउंडर, The Moms Co.), मुकुल रस्तोगी (फाउंडर, Classplus) और दीक्षा पांडे (फाउंडर, Samosa Party) शामिल हैं.
यह फंडिंग अगस्त 2025 में कंपनी के प्रोडक्ट लॉन्च से पहले जुटाई गई थी. उस समय कंपनी केवल अपने आइडिया पर काम कर रही थी. इसके बावजूद निवेशकों ने इसके विजन पर भरोसा जताया.
Neothera की स्थापना राधिका अग्रवाल ने की है. वह पहले Blume Ventures में कंज्यूमर टेक निवेशक थीं. उन्हें Forbes 30 Under 30 Asia 2023 में भी जगह मिल चुकी है.

राधिका अग्रवाल ने कहा कि उनकी सोच यह है कि सिर्फ प्रोडक्ट बेचकर स्किन की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता. सही इलाज के लिए टेक्नोलॉजी, डायग्नोस्टिक्स, वैज्ञानिक फॉर्मूले और व्यवहार में बदलाव को साथ लाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि ताजा फंडिंग से कंपनी प्रोडक्ट इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और बेहतर स्किन हेल्थ समाधान पर तेजी से काम करेगी.
Blume Ventures के पार्टनर साजिथ पाई ने कहा कि ब्यूटी मार्केट में कई कंपनियां हैं, लेकिन स्किन हेल्थ सेक्टर अभी भी काफी हद तक खाली है. उनके अनुसार Neothera केवल स्किन केयर प्रोडक्ट नहीं बना रही, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली स्किन समस्याओं के लिए पूर्ण समाधान तैयार कर रही है.
कंपनी ने लॉन्च से पहले करीब 20 महीने रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और टेस्टिंग में लगाए. इस दौरान डर्मेटोलॉजिस्ट, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और फॉर्म्युलेटर्स के साथ मिलकर शुरुआती प्रोडक्ट तैयार किए गए. कंपनी का कहना है कि नई फंडिंग से टेक्नोलॉजी को मजबूत किया जाएगा, नए प्रोडक्ट्स बनाए जाएंगे, रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर काम होगा, वैज्ञानिक टीम का विस्तार होगा और पूरे भारत में ग्राहकों तक पहुंच बनाई जाएगी.
eNLife Research को मिली 6 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग
बेंगलुरु स्थित डीपटेक स्टार्टअप eNLife Research ने सीड फंडिंग राउंड में 6 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस राउंड की अगुवाई Piper Serica VC Fund ने की है. कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल AI-समर्थित ब्लड बायोमार्कर प्लेटफॉर्म को विकसित करने, अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) टीम का विस्तार करने और डायग्नोस्टिक टेस्ट को क्लिनिकल स्तर तक पहुंचाने में करेगी.
eNLife Research की स्थापना डॉ. दीपक कुमारन नायर, लेफ्टिनेंट कर्नल जोजो जैकब और अनिश मैथ्यू ने की है. कंपनी ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित कर रही है, जो अल्जाइमर्स और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों की पहचान लक्षण दिखने से करीब 15 साल पहले तक कर सके. यह टेस्ट सामान्य डायग्नोस्टिक सेंटर में कराया जा सकेगा और इसकी रिपोर्ट दो से पांच घंटे के भीतर मिलने का लक्ष्य है.

कंपनी भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (NIMHANS), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), हैदराबाद और सेंटर फॉर ब्रेन रिसर्च (CBR), बेंगलुरु के साथ मिलकर भारतीय मरीजों के लिए विशेष बायोमार्कर डेटासेट तैयार कर रही है. कंपनी अगले 9 से 18 महीनों में अपने बायोमार्कर, डायग्नोस्टिक असे और डिटेक्शन प्लेटफॉर्म से जुड़े पेटेंट दाखिल करने की भी तैयारी कर रही है.
eNLife Research के को-फाउंडर और CEO डॉ. दीपक कुमारन नायर ने कहा, “आज अल्जाइमर्स के इलाज की सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि दवाएं नहीं हैं, बल्कि यह है कि मरीजों की पहचान बहुत देर से होती है. हमारा लक्ष्य बीमारी की पहचान लक्षण दिखने से काफी पहले एक साधारण और किफायती ब्लड टेस्ट के जरिए करना है. यह फंडिंग हमारी टेक्नोलॉजी को लैब से एक प्रमाणित प्रोडक्ट तक पहुंचाने में मदद करेगी.”
Piper Serica की डायरेक्टर रजनी अग्रवाल ने कहा, “भारत तेजी से बुजुर्ग आबादी वाला देश बन रहा है, लेकिन न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के लिए हम अभी तैयार नहीं हैं. eNLife की टेक्नोलॉजी एक साधारण ब्लड सैंपल से अल्जाइमर्स की पहचान 15 साल पहले तक कर सकती है. यह किफायती जांच टियर 2 और टियर 3 शहरों तक भी पहुंच सकेगी.”
Avni Wellness को मिली 4 करोड़ रुपये की फंडिंग
महिलाओं की हेल्थ पर काम करने वाली कंपनी Avni Wellness ने भी 4 करोड़ रुपये की रणनीतिक फंडिंग जुटाई है. कंपनी का लक्ष्य भारत में अपने कारोबार का तेजी से विस्तार करना है. साथ ही अगले एक साल में 15 करोड़ रुपये जुटाने की भी योजना है.
इस फंडिंग राउंड की अगुवाई Proteus Partners ने की है. इसके अलावा पुरु गुप्ता, श्रीजीत मूलायल, डॉ. ए. वेलुमणि और इम्पैक्ट निवेशक सौम्या निगम ने भी निवेश किया है.
मुंबई स्थित कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो महिलाओं की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें भारत का पहला पेटेंटेड एंटीमाइक्रोबियल रीयूजेबल पैड, आयरन की कमी दूर करने के लिए लिपोसोमल आयरन सप्लीमेंट, पीसीओएस, कैल्शियम, यूटीआई, वेजाइनल हेल्थ और हार्मोनल न्यूट्रिशन से जुड़े प्रोडक्ट शामिल हैं.

Avni Wellness की फाउंडर सुजाता पवार ने कहा कि महिलाओं की हेल्थ को केवल पीरियड्स और सैनिटरी पैड तक सीमित नहीं किया जा सकता. उनका लक्ष्य महिलाओं के जीवन के हर चरण के लिए एक बेहतर और एकीकृत हेल्थ सिस्टम तैयार करना है. उन्होंने कहा कि नई फंडिंग से कंपनी अपने हाइजीन और न्यूट्रिशन पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी.
वहीं को-फाउंडर अपूर्व अग्रवाल ने कहा कि Avni Wellness ने शुरुआत से मजबूत नींव तैयार करने पर ध्यान दिया है. अब यह फंडिंग कंपनी को सही प्रोडक्ट, सही चैनल और बेहतर मुनाफे के साथ तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी.
कंपनी के अनुसार जुटाई गई ताजा फंडिंग का इस्तेमाल डिजिटल कॉमर्स को मजबूत करने, नए न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और पूरे भारत में महिलाओं के माइक्रो ऑन्त्रप्रेन्योर नेटवर्क को 10 हजार तक पहुंचाने में किया जाएगा.
कंपनी की लगभग 75 प्रतिशत आय फिलहाल डायरेक्ट टू कंज्यूमर (D2C) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से आती है. आने वाले समय में कंपनी Amazon और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी अपनी मौजूदगी और मजबूत करेगी. साथ ही कंपनी का लक्ष्य डिजिटल कॉमर्स और भारत केंद्रित डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को जोड़कर महिलाओं की हेल्थ के लिए एक मजबूत और बड़ा इकोसिस्टम तैयार करना है.



