न्यूट्रिशन ब्रांड Supply6 को मिली 9.1 करोड़ रु की सीड फंडिंग
Supply6 की स्थापना 2020 में वैभव भंडारी और राहुल जैकब ने की थी. इसका मकसद रोजमर्रा की न्यूट्रिशन कमी को दूर करना है. इस फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी अपने D2C और क्विक-कॉमर्स नेटवर्क को और मजबूत करने में करेगी और जल्द ही दुनियाभर में विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाएगी.
डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) न्यूट्रिशन ब्रांड ने सीड राउंड में $1.1 मिलियन (₹9.1 करोड़) की फंडिंग हासिल की है. इस राउंड का नेतृत्व Zeropearl VC ने किया और इसके साथ कई जाने-माने उद्यमियों ने भी निवेश किया, जिनमें कुनाल शाह, Renee Cosmetics के फाउंडर आशुतोष वलानी और प्रियंक शाह, और XYXX के फाउंडर योगेश काबरा शामिल हैं.
यह स्टार्टअप 2020 में वैभव भंडारी और राहुल जैकब ने शुरू किया था. Supply6 का मकसद रोजमर्रा की न्यूट्रिशन कमी को दूर करना है.
हालिया फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी. यह अपनी प्रोडक्ट पाइपलाइन को बढ़ाएगी, क्लिनिकल स्टडीज पर निवेश करेगी और नए प्रोडक्ट फॉर्मेट्स पर काम करेगी, ताकि उन्हें आधुनिक जीवनशैली में आसानी से शामिल किया जा सके. कंपनी अपने D2C और क्विक-कॉमर्स नेटवर्क को और मजबूत करेगी और जल्द ही दुनियाभर में विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाएगी.
Supply6 के फाउंडर्स वैभव और राहुल ने कहा कि उनका लक्ष्य रोज़मर्रा की न्यूट्रिशन कमी को आसान और असरदार तरीके से हल करना है. Supply6 360 से लेकर उनके नए जीरो-शुगर हाइड्रेशन प्रोडक्ट तक, फोकस है न्यूट्रिशन को हर किसी की लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाना.
वहीं Zeropearl VC के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर बिपिन शाह ने कहा कि Supply6 के पास मजबूत प्रोडक्ट लाइन और ग्राहक भरोसा है. 45% रिपीट रेट बताता है कि प्रोडक्ट असरदार है. उन्हें विश्वास है कि Supply6 भारत का अग्रणी न्यूट्रिशन ब्रांड बन सकता है.
भारत की न्यूट्रिशन सप्लीमेंट इंडस्ट्री 2024 में करीब 5.17 बिलियन डॉलर (₹43,000 करोड़) की थी. अगले 5 वर्षों में यह 13% CAGR की दर से बढ़ने की उम्मीद है. क्विक-कॉमर्स चैनलों में भी न्यूट्रिशन कैटेगरी 40% वार्षिक ग्रोथ से आगे बढ़ रही है. विटामिन D और B12 की बढ़ती कमी इस डिमांड को और तेज कर रही है.
आज के समय में Supply6 के पास 2 लाख से ज्यादा ग्राहक हैं. कंपनी के ब्रांड एंबेसडर क्रिकेटर एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) हैं और इसके प्रोडक्ट्स Amazon, Flipkart, Blinkit, Zepto और Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं. कंपनी पहले भी ₹10 करोड़ की फंडिंग जुटा चुकी है और कर्नाटक सरकार से ₹25 लाख की ग्रांट प्राप्त कर चुकी है.



