भाविश अग्रवाल और अधिकारियों के खिलाफ FIR, Ola Electric ने कर्नाटक हाई कोर्ट में दी चुनौती
यह मामला तब दर्ज हुआ जब ओला इलेक्ट्रिक के इंजीनियर के. अरविंद की आत्महत्या के बाद 28 पन्नों का एक कथित हस्तलिखित नोट मिला.
इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने मंगलवार को पुष्टि की कि उसके प्रमोटर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) और कुछ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है.
कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि उसने कर्नाटक हाई कोर्ट (Karnataka High Court) में इस एफआईआर को चुनौती दी है, और अदालत ने ओला इलेक्ट्रिक और उसके अधिकारियों के पक्ष में सुरक्षात्मक आदेश (protective orders) जारी किए हैं.
ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि वह जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रही है और अभी तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है.
कंपनी ने कहा, “ओला इलेक्ट्रिक प्राधिकरणों की जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रही है और अपने सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सहयोगी कार्यस्थल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.”
यह एफआईआर 6 अक्टूबर को दर्ज की गई थी. यह मामला ओला इलेक्ट्रिक के 28 वर्षीय होमोलॉगेशन इंजीनियर के. अरविंद की सितंबर में हुई आत्महत्या से जुड़ा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अरविंद के परिवार को 28 पन्नों का एक हस्तलिखित पत्र मिला, जिसमें कथित तौर पर प्रबंधन अधिकारियों और भव्य अग्रवाल पर मानसिक उत्पीड़न, काम का दबाव और वेतन न मिलने के आरोप लगाए गए थे. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरविंद की मौत के बाद कंपनी ने ₹17.46 लाख उनके खाते में ट्रांसफर किए. ओला इलेक्ट्रिक ने बयान में कहा कि यह रकम परिवार को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के रूप में दी गई है.
कंपनी ने यह भी कहा कि अरविंद ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की थी, और उनका काम कंपनी के शीर्ष प्रबंधन, जिसमें अग्रवाल भी शामिल हैं, से सीधा संपर्क नहीं रखता था.
ओला इलेक्ट्रिक ने कहा, “हम अपने सहयोगी श्री अरविंद के असामयिक निधन से बेहद दुखी हैं. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं.”
(Translated by: रविकांत पारीक)
(डिस्क्लेमर: YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा, ओला इलेक्ट्रिक में एक स्वतंत्र निदेशक हैं.)



