एक अंगदाता 8-9 लोगों की जान बचा सकता है: 'मन की बात' में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 99वें एपिसोड में कहा, "ऐसा कहा जाता है कि मरने के बाद जब कोई व्यक्ति अपने अंगों का दान करता है तो इससे 8-9 लोगों को नया जीवन देने की संभावना बढ़ जाती है."

अंगदान (organ donation) के लिए नागरिकों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' (Mann Ki Baat) में कहा कि सरकार ने लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नियमों में ढील दी है.

प्रधानमंत्री ने अपने 99वें मन की बात संबोधन में कहा, "ऐसा कहा जाता है कि मरने के बाद जब कोई व्यक्ति अपने अंगों का दान करता है तो इससे 8-9 लोगों को नया जीवन देने की संभावना बढ़ जाती है."

चिकित्सा विज्ञान के युग में अंगदान एक बहुत ही महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है. सरकार ने अंगदान को बढ़ावा देने के मकसद से न्यूनतम आयु सीमा और इससे जुड़े डोमिसाइल नियम को हटा दिया है. इस दिशा में डोमिसाइल की शर्त को भी हटाने का निर्णय लिया गया है. अब कोई मरीज देश के किसी भी हिस्से में अंगदान के लिए पंजीकरण करा सकता है.

उन्होंने कहा, “सरकार ने अंग दान के लिए 65 वर्ष से कम आयु सीमा को समाप्त करने का भी निर्णय लिया है. मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि बड़ी संख्या में आगे आएं क्योंकि आपका एक फैसला कई लोगों की जान बचा सकता है, उन्हें जीवन दे सकता है."

प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट बनने पर सुरेखा यादव को बधाई दी. उन्होंने निर्माता गुनीत मोंगा और निर्देशक कार्तिकी गोंजाल्विस को उनकी डॉक्यूमेंट्री 'द एलिफेंट व्हिस्परर्स' सहित अन्य के लिए ऑस्कर जीतने पर बधाई दी.

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान स्वच्छ ऊर्जा के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर साल लगभग 90,000 किलोवाट घंटे बिजली सौर पैनलों से उत्पन्न हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप हर महीने लगभग ₹40,000 की बचत हो रही है. दीव भारत का पहला जिला बन गया है, जो पूरे दिन की जरूरतों के लिए 100% स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर रहा है. दीव की इस सफलता का मंत्र सबका प्रयास भी है.

पीएम मोदी ने कृषि और किसानों की आय के बारे में बात करते हुए कहा कि कश्मीर के नादरू की मांग लगातार बढ़ रही है. इस मांग को देखते हुए डल झील में नादरू की खेती करने वाले किसानों ने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का गठन किया है. इस एफपीओ से करीब 250 किसान जुड़े हैं. आज ये किसान अपने नादरू को विदेशों में निर्यात करने लगे हैं. अभी कुछ समय पहले इन किसानों ने दो खेप यूएई भेजी थी.

एपिसोड की समाप्ति के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने 30 अप्रैल को मन की बात के 100वें एपिसोड को बेहद यादगार बनाने के लिए सुझाव और विचार मांगे.

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