Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने छोड़े 2.1 करोड़ के ESOP
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कर्मचारी लाभ योजनाओं के तहत शेयर आवंटन नियमों के उल्लंघन को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm ने बुधवार को बताया कि कंपनी के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने 2.1 करोड़ कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ESOPs) स्वेच्छा से त्याग दिए हैं. यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कर्मचारी लाभ योजनाओं के तहत शेयर आवंटन नियमों के उल्लंघन को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था.
SEBI ने ESOP आवंटन को नियमों के खिलाफ बताया था. नियामक के अनुसार, कोई भी ऐसा प्रमुख शेयरधारक जो कंपनी के निर्णयों को प्रभावित कर सकता है, वह ESOP का पात्र नहीं होता है.
ESOP या एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लान एक ऐसी योजना है जिसमें कंपनी अपने कर्मचारियों को कंपनी के शेयर ऑफर करती है जो आमतौर पर मार्केट वैल्यू से कम कीमत पर होते हैं. यह एक तरह का एम्प्लॉई बेनिफिट है जो एम्प्लॉइज को कंपनी में हिस्सेदारी देता है.
Paytm के IPO से एक साल पहले, शर्मा कंपनी में 14.7% हिस्सेदारी रखते थे, जो उन्हें ESOP लेने के लिए अयोग्य बनाता था. इस बाधा को दूर करने और पात्र बनने के लिए उन्होंने अपनी हिस्सेदारी 9.1% तक कम की थी. इसके लिए उन्होंने Axis Trustee Services को अपनी फैमिली ट्रस्ट के माध्यम से 3.09 करोड़ शेयर ट्रांसफर किए थे.
हालांकि, SEBI ने इस ट्रांसफर को लेकर भी सवाल उठाए और जांच शुरू की. इसी प्रक्रिया के बीच अब विजय शेखर शर्मा ने विवाद से बचने और नियमों के पालन को प्राथमिकता देते हुए स्वेच्छा से ESOPs त्यागने का निर्णय लिया.
जनवरी 2023 में, प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज (IiAS) ने कहा कि शर्मा ने खुद को प्रमोटर के रूप में क्लासिफाई नहीं किया है, इसके बावजूद वह पर्मानेंट बोर्ड सीट जैसे अधिकारों को एन्जॉय कर रहे हैं. IiAS ने तर्क दिया कि पेटीएम पर उनका नियंत्रण, उनके प्रत्यक्ष (9%) और अप्रत्यक्ष (शर्मा फैमिली ट्रस्ट के माध्यम से 4.7%) शेयरहोल्डिंग के साथ मिलकर, 10% सीमा का उल्लंघन करता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Paytm ने एक बयान में कहा, “कंपनी के फाउंडर ने स्वेच्छा से यह फैसला लिया है ताकि सभी नियामकीय मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके.”
यह फैसला SEBI के सख्त रवैये और कंपनियों द्वारा कॉरपोरेट गवर्नेंस में पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाए गए कदमों को दर्शाता है.
पेटीएम द्वारा शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में ESOP एक्सपेंस में ₹492 करोड़ की बढ़ोतरी होगी और भविष्य के सालों में ESOP एक्सपेंस में कमी आएगी. पेटीएम ने कहा कि कंपनी अपने Q4 वित्त वर्ष 2025 के रिजल्ट के साथ अपनी ESOP कॉस्ट शेड्यूल पर डिटेल्स शेयर करेगी.
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस का वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में नेट लॉस कम होकर 208 करोड़ रुपए हो गया है.
एक साल पहले की समान तिमाही में पेटीएम का घाटा 220 करोड़ रुपए था. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 36% गिरकर 1,828 करोड़ रुपए हो गया. एक साल पहले की समान तिमाही यानी, Q3FY24 में यह 2,850 करोड़ रुपए था. दूसरी तिमाही में पेटीएम को ₹930 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था, मूवी टिकटिंग बिजनेस की ब्रिक्री का कंपनी के नेट प्रॉफिट में ₹1,345 करोड़ का एकमुश्त योगदान रहा था. इस अमाउंट को छोड़कर पेटीएम को ₹415 करोड़ का घाटा हुआ था.



