ड्रोन स्टार्टअप Garuda Aerospace को मिली 100 करोड़ रु की फंडिंग, एमएस धोनी हैं ब्रांड एंबेसडर
इस निवेश के साथ कंपनी की वैल्यूएशन $250 मिलियन तक पहुंच गई है. इस फंडिंग का उपयोग कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, नए अत्याधुनिक R&D और टेस्टिंग सेंटर के निर्माण को तेज़ करने और डिफेंस ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए किया जाएगा.
भारत के सबसे मूल्यवान ड्रोन स्टार्टअप गरुड़ एयरोस्पेस () ने अपने सीरीज़-बी फंडिंग राउंड में 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं. यह निवेश Venture Catalysts (Vcats++) द्वारा किया गया है. इस निवेश के साथ कंपनी की वैल्यूएशन $250 मिलियन तक पहुंच गई है.
यह रणनीतिक निवेश भारत में स्वदेशी ड्रोन निर्माण और नवाचार को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस फंडिंग का उपयोग कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, नए अत्याधुनिक R&D और टेस्टिंग सेंटर के निर्माण को तेज़ करने और डिफेंस ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए किया जाएगा.
गौरतलब हो कि जून 2022 में, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्रसिंह धोनी Garuda Aerospace के शेयरहोल्डर और ब्रांड एंबेसडर बने थे. Garuda के साथ जुड़ने के बारे में, एमएस धोनी ने कहा, “मैं Garuda Aerospace का हिस्सा बनकर खुश हूं और उनके द्वारा प्रदान किए जाने वाले ड्रोन समाधानों के साथ उनके विकास के सफर को देखने के लिए उत्सुक हूं.”
चेन्नई स्थित गरुड़ एयरोस्पेस की शुरुआत साल 2015 में हुई थी. यह स्टार्टअप कम कीमतों वाले ड्रोन तैयार करता है. स्टार्टअप करीब 50 अलग-अलग जरुरतों को पूरा करने के लिए ड्रोन तैयार करता है जैसे — सेनिटाइजेशन, फसल में छिड़काव, मैपिंग, इंडस्ट्रीज, सिक्योरिटी, डिलिवरी और सर्विलांस.
मेड इन इंडिया ड्रोन स्टार्टअप के पास वर्तमान में 20 से अधिक पेटेंट्स हैं, जो उसके नवाचार और तकनीकी नेतृत्व को दर्शाते हैं. इस फंडिंग का एक हिस्सा इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो को और मजबूत करने तथा नए डिजाइन फैसिलिटी के निर्माण में भी लगाया जाएगा. यह पहल आत्मनिर्भर भारत मिशन को भी मजबूती प्रदान करती है.
गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा, “यह फंडिंग हमारे लिए एक निर्णायक मोड़ है. इससे हमें न केवल अपने मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को स्केल करने की शक्ति मिलेगी, बल्कि हम अगली पीढ़ी की ड्रोन तकनीकों के विकास में भी तेज़ी ला सकेंगे. हम स्वदेशी ड्रोन टेक्नोलॉजी को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
वेंचर कैटालिस्ट्स के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने कहा, “गरुड़ एयरोस्पेस भारत के तकनीकी भविष्य को आकार देने वाली कंपनियों में से एक है. हम ऐसे होमग्रोन स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं जो सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन ला सकते हैं. हमें विश्वास है कि गरुड़ आने वाले वर्षों में वैश्विक ड्रोन टेक्नोलॉजी का नेतृत्व करेगा और भारत को 2030 तक 'ड्रोन हब' बनाएगा.”
भारत का ड्रोन बाजार कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विलांस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है. सरकार की ड्रोन रूल्स 2021 और PLI स्कीम जैसी पहलें इस क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर रही हैं. गरुड़ एयरोस्पेस न केवल ड्रोन निर्माण करती है बल्कि Drone-as-a-Service (DaaS) मॉडल और पायलट ट्रेनिंग जैसी सेवाएं भी देती है. कंपनी टाटा, HUL और रिलायंस जैसी भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर ड्रोन के स्थानीयकरण पर काम कर रही है.
बता दें कि फरवरी 2023 में, Garuda Aerospace ने सीरीज-ए फंडिंग राउंड में 182 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई थी. यह ड्रोन सेक्टर में सीरीज-ए फंडिंग राउंड में किसी कंपनी द्वारा जुटाई गई सबसे अधिक फंडिंग है. इस फंडिंग का नेतृत्व वेंचर कैपिटल फर्म SphitiCap ने किया था. उसने करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश किया. इसके साथ ही, वैश्विक निवेशकों, एंजल निवेशकों और हाई नेटवर्क इंडिविजुअल्स (HNIs) ने 41.35 करोड़ रुपये का निवेश किया था.
अप्रैल 2023 में, Garuda Aerospace अपने एग्री (कृषि) ड्रोन के लिए एग्री ड्रोन सब्सिडी हासिल करने वाला पहला स्टार्टअप बना.
मार्च 2024 में, ड्रोन स्टार्टअप ने बॉर्डर पेट्रोल सर्विलांस ड्रोन 'त्रिशूल' के लॉन्च की घोषणा की थी. यह ड्रोन निगरानी और विश्लेषण और लोगों की आवाजाही की आवश्यकता के समय बलों को सशक्त बनाएगा. त्रिशूल का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं, और आपात स्थितियों के समय या संदिग्ध गतिविधियों के दौरान रियल-टाइम इमेजेज और वीडियो प्राप्त करने के लिए भी किया जा सकता है. ड्रोन का उपयोग यातायात स्थितियों का आकलन करने के लिए भी किया जा सकता है.
जून 2024 में, Garuda Aerospace ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में देश का पहला ड्रोन शोरूम खोला था. यह शोरूम सभी ड्रोन उत्साही और पेशेवरों के लिए वन-स्टॉप शॉप प्रदान करता है.
आपको बता दें कि यह वही स्टार्टअप है, जिसकी तारीफ के कसीदे दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भी पढ़ चुके हैं. मस्क ने ट्विटर पर इस स्टार्टअप के कामकाज की सराहना की थी.



