अमेरिका में जॉब छोड़ी, ग्रीन कार्ड लौटाया… और भारत में खड़ा किया ज्योतिष स्टार्टअप AstroSage AI
ग्रीन कार्ड छोड़ा, सपने नहीं. पुनीत पांडेय ने अमेरिका से भारत वापसी कर ज्योतिष बताने वाला AstroSage AI स्टार्टअप खड़ा किया, जो AI से ज्योतिष को नई पहचान दे रहा है.
आज की दुनिया तेज़ी से बदल रही है. टेक्नोलॉजी हमारा हर कदम रिकॉर्ड कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) हमारे जीवन का हिस्सा बन चुकी है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि जब यह टेक्नोलॉजी भारत की सदियों पुरानी ज्योतिष विद्या से मिले, तो क्या नतीजा हो सकता है?
यही कहानी है पुनीत पांडेय (Punit Pandey) और उनके प्लेटफ़ॉर्म AstroSage AI की. यह कहानी सिर्फ़ एक स्टार्टअप की नहीं, बल्कि विरासत और भविष्य के संगम की है. यह उस युवा का सफर है जिसने अमेरिका में अच्छा करियर छोड़ा और भारत लौटकर दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ज्योतिष कंपनी खड़ी कर दी.
हाल ही में AstroSage AI के को-फाउंडर और चीफ़ इनोवेटिव ऑफिसर (CIO) पुनीत पांडेय ने YourStory से बात की. इस बातचीत में उन्होंने AstroSage की शुरुआत, AI और ज्योतिष के संगम, यह कैसे काम करता है, इसकी खास बातें, और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया.
ग्रीन कार्ड छोड़ भारत लौटे
पुनीत पांडेय ने अपना करियर अमेरिका में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर शुरू किया. उन्हें अच्छी जॉब मिली, ग्रीन कार्ड मिला, ज़िंदगी आराम से गुजर सकती थी. लेकिन दिल में एक चाह थी. वह भारत की परंपरा और आधुनिक तकनीक को साथ लाना चाहते थे. उन्हें हमेशा लगता था कि भारत की ज्योतिष विद्या में गहरा ज्ञान है, लेकिन इसे दुनिया तक सही तरीके से पहुंचाने की जरूरत है.
यही सोच उनके फैसले का कारण बनी. उन्होंने अपना अमेरिकी ग्रीन कार्ड वापस कर दिया और 2004 में भारत लौट आए. यहीं से शुरू हुआ AstroSage का जन्म. शुरुआत में यह एक ऑनलाइन ज्योतिष प्लेटफ़ॉर्म था, और अब AstroSage AI के जरिए पुनीत इसे और आगे ले जा रहे हैं.
AI और ज्योतिष का संगम
पुनीत ने करीब 2015 में AI को गंभीरता से समझना शुरू किया. जब उन्होंने देखा कि मशीनें खुद सीख सकती हैं, तो उन्हें समझ आया कि आने वाला समय AI का है. बचपन से कोडिंग करने वाले पुनीत के लिए यह सोच चौंकाने वाली थी. उन्हें लगा कि इंसान और मशीन की सोच एक-दूसरे को समझ सकती है. तभी उन्होंने सोचा कि क्या AI भी ज्योतिष सीख सकता है?
इसी आइडिया ने Bhrigoo.ai को जन्म दिया. उन्होंने अपनी कंपनी को ईमेल करके कहा कि अगले दस साल में AI रचनात्मक और बौद्धिक काम भी करेगा. आज वही भविष्य हमारे सामने खड़ा है और AstroSage AI उसका जीता-जागता उदाहरण है.
उनका मानना है कि हम Artificial General Intelligence यानी AGI के बहुत करीब हैं, और वह इस ताकत का इस्तेमाल समाज को बेहतर बनाने के लिए करना चाहते हैं.
AstroSage AI कैसे काम करता है?
नोएडा स्थित AstroSage AI फ्रीमियम (freemium) मॉडल पर चलता है. यानी कुछ सुविधाएं मुफ्त और गहन मार्गदर्शन के लिए सब्सक्रिप्शन. लोग AI और मानव दोनों प्रकार के ज्योतिषियों से परामर्श ले सकते हैं. उनकी सर्विस AI Astrologer on Call और Kundli AI आज तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
कंपनी के पास इस समय 11 मिलियन मासिक यूजर्स हैं और कुछ महीनों में ही AI astrologers को लोगों ने 14 करोड़ से ज्यादा सवाल पूछे हैं. कंपनी हर महीने 15 से 20 प्रतिशत AI से होने वाली कमाई बढ़ा रही है. साथ ही, वे अब D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) प्रोडक्ट्स भी लॉन्च कर रहे हैं, जिससे अगले साल तक 25 प्रतिशत रेवेन्यू आने की उम्मीद है.
अब तक उन्होंने किसी भी निवेशक से फंडिंग नहीं ली है. AstroSage बूटस्ट्रैप्ड और मुनाफेदार है. अब वे सही निवेशक ढूंढ रहे हैं ताकि दुनिया भर में विस्तार कर सकें. इस साल वे अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया, जापान, जर्मनी, ब्राज़ील और फ्रांस में लॉन्च कर रहे हैं.
AstroSage AI की खास बातें
पुनीत कहते हैं कि आज ज्यादातर ऐप्स सिर्फ मानव ज्योतिषियों की बुकिंग कराते हैं. लेकिन AstroSage AI ने डिजिटल दुनिया में असली AI ज्योतिषी तैयार किया है. यह सिर्फ सामान्य चैटबॉट नहीं है. यह जन्म कुंडली बना सकता है, उसका विश्लेषण कर सकता है और KP, लाल किताब जैसे गहरे सिस्टम भी समझता है. यह आपका भावनात्मक संदर्भ भी समझता है और आपको व्यक्तिगत सलाह देता है.
यह क्रिप्टो से लेकर हेल्थ और स्टार्टअप तक हर विषय को आपकी कुंडली से जोड़कर समझा सकता है. यही वजह है कि कंपनी इसे सुपर-अस्ट्रोलॉजर कहती है.
AI Astro Avatars और Kundli AI की जादूई दुनिया
AstroSage AI ने कई AI अवतार बनाए हैं. Dr. Raman शांत और गहरे वेदिक ज्योतिषी हैं जबकि Mr. Krishnamurti बेहद तार्किक और सटीक उत्तर देते हैं. ये अवतार आपकी बातचीत याद रखते हैं, कुंडली समझते हैं और सरल भाषा में जवाब देते हैं.
Kundli AI का अनुभव इससे भी आगे है. यहां आप अपनी जन्म कुंडली से सीधे सवाल पूछ सकते हैं. जैसे कि मेरा शनि कमज़ोर क्यों है? या नौकरी कब बदलेगी? और तुरंत स्पष्ट उत्तर मिलता है.
युवा खास तौर पर इसे काफी पसंद कर रहे हैं. AI का रेटिंग स्कोर मानव ज्योतिषियों से ज्यादा है और कंपनी के मुनाफे में तीस प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.
Voice AI और AGI की ओर सफर
हाल ही में उन्होंने AI Astrologer on Call फीचर लॉन्च किया है जिसमें लोग हिंदी, मराठी, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में AI ज्योतिषी से बात कर सकते हैं. कंपनी के पास 30,000 मानव ज्योतिषी और 30 AI ज्योतिषी हैं. उनकी कोशिश है कि हर भारतीय तक व्यक्तिगत मार्गदर्शन पहुंच सके. यह सुविधा छोटे शहरों और गांवों में बहुत लाभदायक साबित होगी जहां भाषा और साक्षरता कभी बाधा बनती थी.
पुनीत का सपना है कि AI ज्योतिषी भविष्य में सोशल मीडिया पर पोस्ट करे, क्लास ले, कॉल ले और पूरी तरह एक स्वतंत्र पहचान बने. यानी एक ऐसा AI जो इंसान से भी आगे हो.
भविष्य की तस्वीर और उद्यमियों के लिए संदेश
पुनीत बताते हैं कि जिस तरह वेब से मोबाइल पर शिफ्ट के दौरान कई कंपनियां खत्म हुईं, अब मोबाइल से AI पर शिफ्ट होगा. जो लोग नई तकनीक नहीं अपनाएंगे, वे पीछे रह जाएंगे. परंपरा और तकनीक को जोड़ने वालों के लिए बड़ा मौका तैयार है.
उद्यमियों के लिए उनका संदेश साफ है. असली प्रोडक्ट बनाओ, सिर्फ मार्केटिंग से स्टार्टअप नहीं चलता. भारत को दुनिया में तकनीक का नेतृत्व करना है, और इसके लिए बड़े सपने देखने होंगे. संस्कृति का सम्मान करो और तकनीक से उसे और महान बनाओ.



