क्विक कॉमर्स स्टार्टअप BazaarNow को मिली 72 करोड़ रुपये की फंडिंग
इस ताजा फंडिंग राउंड की अगुवाई Peak XV Partners ने की और इसमें Whiteboard Capital, Antler और कई प्रमुख एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया है. BazaarNow को अब तक कुल 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिल चुकी है.
क्विक कॉमर्स स्टार्टअप BazaarNow ने 72 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है. इस ताजा फंडिंग राउंड की अगुवाई Peak XV Partners ने की और इसमें Whiteboard Capital, Antler और कई प्रमुख एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया है.
कंपनी को अब तक कुल 80 करोड़ रुपये की फंडिंग मिल चुकी है. निवेशकों में Meesho के फाउंडर और CEO विदित आत्रेय, Swiggy Instamart के पूर्व हेड कार्तिक गुरुमूर्ति, AppsForBharat और Sri Mandir के फाउंडर प्रशांत सचान, Chaayos के फाउंडर नितिन सलूजा, Zeno Health के को-फाउंडर सिद्धार्थ गड़िया और कई अन्य उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हैं.
BazaarNow की स्थापना प्रियांशु जैन, अर्जुन हरिश और तारिथमय मंडल ने की है. तीनों संस्थापकों के पास Zepto, Myntra और Swiggy जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव है. उन्होंने ग्रोथ, सप्लाई चेन, ऑपरेशंस, प्राइसिंग और बिजनेस मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं.
भारत में क्विक कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा अभी भी महानगरों तक सीमित है. दूसरी ओर, छोटे शहरों और कस्बों में लोग आज भी किराना दुकानों, स्थानीय मंडियों और ऑफलाइन बाजारों से खरीदारी करना पसंद करते हैं. यहीं BazaarNow अपनी सबसे बड़ी संभावना देखता है.
कंपनी का मानना है कि छोटे शहरों के ग्राहकों की जरूरतें महानगरों से अलग हैं. वे ताजी सब्जियां, स्थानीय ब्रांड, भरोसेमंद कीमतें और आसान खरीदारी अनुभव चाहते हैं. इसी सोच के साथ BazaarNow ने अपना प्लेटफॉर्म तैयार किया है.
कंपनी अपने ऐप में स्थानीय भाषा का उपयोग करती है. ग्राहकों को AI-समर्थित लोकल लैंग्वेज सर्च की सुविधा मिलती है. इसके अलावा जो लोग ऐप के जरिए ऑर्डर करने में सहज नहीं हैं, उनके लिए कॉल करके सामान मंगाने की सुविधा भी उपलब्ध है.
BazaarNow के को-फाउंडर और CEO प्रियांशु जैन का कहना है कि छोटे शहरों में किराना खरीदने का तरीका महानगरों से बिल्कुल अलग है. यहां लोग सुविधा के साथ साथ कीमत, ताजगी और भरोसे को ज्यादा महत्व देते हैं. कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को बिना जटिल कूपन, वॉलेट और डिस्काउंट योजनाओं के आसान खरीदारी अनुभव देना है.
कंपनी ने अपने पहले पायलट शहर में हर स्टोर से प्रतिदिन 1,800 से अधिक ऑर्डर हासिल किए हैं. इससे यह साबित हुआ है कि छोटे शहरों में भी क्विक कॉमर्स की मजबूत मांग मौजूद है, यदि उसे स्थानीय जरूरतों के अनुसार बनाया जाए.
Peak XV के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक मोहन का कहना है कि भारत के उभरते शहर अगले दशक के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में शामिल होंगे. BazaarNow की टीम इन बाजारों को अच्छी तरह समझती है और केवल महानगरों के मॉडल की नकल करने के बजाय स्थानीय जरूरतों के हिसाब से समाधान तैयार कर रही है.
अगले 6 से 12 महीनों में कंपनी आसपास के कस्बों और नए शहरों में विस्तार करने की योजना बना रही है. साथ ही यह अपने सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूत करेगी और किराना, फल, सब्जियों तथा दैनिक जरूरत के सामान की रेंज बढ़ाएगी.
BazaarNow का लक्ष्य देश के टियर 2 और टियर 3 शहरों के लिए सबसे बड़ा कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनना है. कंपनी चाहती है कि आधुनिक रिटेल की सुविधा, बेहतर विकल्प और उचित कीमतें उन लाखों परिवारों तक पहुंचें जो अभी भी बड़े ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म की पहुंच से दूर हैं.




