वीडियो देखकर सीखा सरसों से तेल निकालने का तरीका और खड़ा कर दिया बिजनेस
गाज़ीपुर के राजू मौर्या ने CM YUVA Yojana के तहत मिले लोन से सरसों तेल की छोटी यूनिट शुरू की. शुद्ध और बिना मिलावट तेल बेचकर उन्होंने आसपास के गांवों में भरोसा बनाया. यह कहानी बताती है कि कैसे सरकारी योजना से आत्मनिर्भरता की राह आसान हुई.
उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर ज़िले के रहने वाले राजू मौर्या की ज़िंदगी पिछले कुछ महीनों से एक तय लय में चल रही है. सुबह होते ही वह अपनी छोटी सी तेल निकालने की यूनिट शुरू करते हैं. मशीन चालू होती है. सरसों की खुशबू फैलती है. और दिन का काम शुरू हो जाता है.
राजू का काम दिखने में साधारण है. वह सरसों से खाने का तेल निकालते हैं. लेकिन इसके पीछे सोच बहुत साफ है. उनका कहना है कि तेल शुद्ध होना चाहिए. बिना मिलावट के. बिना किसी शॉर्टकट के. यही वजह है कि लोग उन पर भरोसा करने लगे हैं.
उनकी यूनिट दो तरह से चलती है. कुछ ग्राहक सीधे उनके पास आते हैं और डिब्बे में तैयार तेल खरीद कर ले जाते हैं. वहीं कई किसान अपनी सरसों लेकर आते हैं. वहीं पर सरसों पिरवाई जाती है और निकला हुआ तेल अपने घर के लिए वापस ले जाते हैं.
राजू बताते हैं कि रोज़ का काम मौसम और सरसों की उपलब्धता पर निर्भर करता है. कभी ज़्यादा भीड़ होती है तो कभी कम. लेकिन आस पास के गांवों से आने जाने का सिलसिला बना रहता है. यही उनकी यूनिट को ज़िंदा रखता है.
ऑनलाइन सीखकर शुरू किया काम
राजू मौर्या यह नहीं कहते कि उन्होंने यह सब बहुत पहले से प्लान किया था. उनका कहना है कि उन्होंने काम शुरू किया और फिर सीखते चले गए.
तेल की मशीन कैसी हो. कितना खर्च आएगा. यूनिट कैसे संभाली जाती है. ये सब बातें उन्होंने इंटरनेट पर वीडियो देखकर और जानकारी पढ़कर समझीं.
लेकिन एक बात उनके लिए शुरू से तय थी. गुणवत्ता से समझौता नहीं करना है.
वह साफ कहते हैं कि भले ही शुरुआत में बिक्री कम हो जाए, लेकिन तेल शुद्ध ही बेचना है.
इसी सोच ने उनकी मशीन के चुनाव को भी प्रभावित किया. उन्होंने ऐसी मशीन लगाई जिससे पारंपरिक तरीके जैसा तेल निकलता है. जिसे लोग ठंडे पेराई वाला सरसों का तेल मानते हैं.
राजू का मानना है कि ग्राहक बार बार तभी लौटते हैं जब जगह साफ हो. मशीन ठीक हालत में हो. और पूरी प्रक्रिया पर भरोसा बने.
CM YUVA योजना बनी सहारा
शुरुआत में सबसे बड़ी दिक्कत पैसे की थी. मशीन लगानी थी. बाजार से सरसों खरीदनी थी. और शुरुआती महीनों तक यूनिट को चलाना भी था. इतना पैसा उनके पास नहीं था.
तभी उन्होंने स्थानीय जिला विभाग कार्यालय से संपर्क किया. वहां उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में बताया गया.
राजू कहते हैं कि इस लोन ने उनके विचार को असली रूप दिया. मशीन खरीदने में मदद मिली. कच्चा माल लेने में सहारा मिला. और काम शुरू हो सका.
काम शुरू होने के बाद प्रतिक्रिया उम्मीद से बेहतर रही. ग्राहक सिर्फ रघुपुर तक सीमित नहीं रहे.
छावनी लाइन, रघुपुर, पतलुइया, रंगवारपुर, बिशेशकर गंज, आदर्श बाजार, सकरा, हुसैनपुर, जंजीपुर, कोठा, अठखाना, जसपुरा, उसरा और बैपुर जैसे आसपास के गांवों से भी लोग आने लगे.
अब राजू आगे की सोच रहे हैं. बेहतर पैकेजिंग कैसे हो. काम को थोड़ा और व्यवस्थित कैसे किया जाए. लेकिन साथ ही वह यह भी कहते हैं कि प्रक्रिया पर उनका नियंत्रण बना रहना चाहिए.
फिलहाल उनका व्यवसाय छोटा है. लेकिन स्थिर है.
उनके दिन अब अनिश्चित नहीं हैं. जो समय कभी इंतज़ार और चिंता में गुजरता था, वह अब काम और भरोसे में बदल गया है.
राजू मौर्या की कहानी बताती है कि छोटे स्तर पर भी ईमानदारी और धैर्य के साथ किया गया काम धीरे धीरे अपनी जगह बना लेता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



