बांदा के रवि ने एक मशीन से खड़ा किया रेडीमेड कपड़ों का कारोबार
बांदा के रवि ने पारिवारिक सिलाई काम को आगे बढ़ाकर छोटा रेडीमेड गारमेंट यूनिट खड़ा किया. यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत मिले 5 लाख रुपये के लोन से उन्होंने नई मशीनें खरीदीं और उत्पादन बढ़ाया. आज उनका यूनिट अलग अलग राज्यों तक कपड़े सप्लाई कर रहा है.
बांदा जिले के रवि एक छोटे रेडीमेड गारमेंट यूनिट चलाते हैं. उनकी वर्कशॉप साल भर चलती रहती है. फर्क सिर्फ इतना है कि मौसम के साथ कपड़े बदल जाते हैं. सर्दियों में हुडी बनती है. गर्मियों में लोअर और टी शर्ट. जुलाई के आसपास स्कूल ड्रेस और यूनिफॉर्म के ऑर्डर आते हैं. मशीनें खाली न रहें, यही उनकी कोशिश रहती है.
रवि बताते हैं कि यह काम नया नहीं है. यह परिवार का पुराना कारोबार है. बचपन में उन्होंने अपने पिता को सिलाई करते देखा. वहीं से सीखा. पिछले आठ से दस साल से वह इसे अपने तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं.
उनकी सप्लाई चेन उत्तर प्रदेश से बाहर से शुरू होती है. कपड़ा लुधियाना से आता है. बांदा पहुंचने के बाद रोल खोले जाते हैं. साफ किया जाता है. नाप के अनुसार काटा जाता है. फिर कारीगर सिलाई करते हैं. उसके बाद प्रेस और फिनिशिंग होती है. अंत में पैकिंग कर माल व्यापारियों को दिया जाता है.
रवि सीधे ग्राहकों को नहीं बेचते. उनके खरीदार व्यापारी हैं. माल बांदा से निकलकर छत्तीसगढ़, ओडिशा, झांसी, छतरपुर, जबलपुर, महोबा और आसपास के बाजारों तक जाता है. वह कहते हैं कि बांदा रेडीमेड कपड़ों के लिए अपनी पहचान बना चुका है.
रवि मानते हैं कि बाजार पहले जैसा नहीं रहा. प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. फैशन तेजी से बदलता है. आज ग्राहक छोटे डिजाइन बदलाव भी देखते हैं. वह इसे पैटर्न का काम कहते हैं.
रवि खुद बाजार देखकर डिजाइन तय करते हैं. साधारण लोअर में कभी साइड पाइपिंग जोड़ दी जाती है. कभी डी पॉकेट डिजाइन. छोटे बदलाव से कपड़ा नया लगता है. कुछ पैटर्न महीनों चलते हैं. फिर मांग बदल जाती है.
उनका कहना है कि समय के साथ चलना जरूरी है. वरना ऑर्डर रुक सकते हैं.
रवि ने शुरुआत एक मशीन से की थी. धीरे धीरे चार मशीनें हो गईं. लेकिन काम बढ़ने लगा तो दो और मशीनों की जरूरत महसूस हुई. तब उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत पांच लाख रुपये का लोन लिया.
वह कहते हैं, “मुझे पांच लाख का क्रेडिट मिला और मैंने काम बढ़ा लिया.” बैंक में पहले से खाता होने के कारण प्रक्रिया ज्यादा कठिन नहीं रही.
इस पैसे से नई मशीनें खरीदी गईं. कच्चा माल भी बढ़ाया गया. अब यूनिट रोज ज्यादा उत्पादन कर पाती है.
घर पर भी बदलाव दिखता है. बच्चे बड़े हो गए हैं. छोटे छोटे काम में हाथ बंटाते हैं. धागा डालना, कपड़ा संभालना, छंटाई करना जैसे काम में मदद करते हैं.
रवि का कारोबार किसी बड़ी छलांग की कहानी नहीं है. यह धीरे धीरे बढ़ते कदमों की कहानी है. मौसम के हिसाब से काम बदलना. पैटर्न के अनुसार डिजाइन सुधारना. जरूरत पड़ने पर मशीन जोड़ना.
आज उनकी वर्कशॉप में एक स्थिर लय है. यह लय ही उनकी मजबूती है. बांदा का यह छोटा गारमेंट यूनिट दिखाता है कि अगर हुनर और समझ हो तो छोटे शहर से भी बड़ा बाजार संभाला जा सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



