ऑपरेशन थिएटर की बदलती दुनिया में नर्सों की नई भूमिका, RGCIRC ने OTCON 2026 में बताई राह
RGCIRC ने OTCON 2026 का आयोजन किया, जिसमें ऑपरेटिव नर्सिंग, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक पेरीऑपरेटिव केयर पर चर्चा हुई. इस मौके पर ‘Mastering Operative Nursing: Theory to Theater’ किताब भी लॉन्च की गई.
ऑपरेशन थिएटर में नर्स की भूमिका केवल सर्जरी के दौरान डॉक्टर की मदद करने तक सीमित नहीं है. मरीज की सुरक्षा से लेकर संक्रमण रोकने, सर्जरी की तैयारी और ऑपरेशन के बाद की देखभाल तक नर्सों की अहम जिम्मेदारी होती है.
इसी बदलती भूमिका और ऑपरेटिव नर्सिंग की नई जरूरतों पर चर्चा के लिए RGCIRC (Rajiv Gandhi Cancer Institute & Research Centre) ने OTCON 2026 का आयोजन किया. “Beyond the Scalpel: Shaping the Future of OT Nursing” थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में ऑपरेटिव नर्सिंग और सर्जरी के दौरान मरीजों की देखभाल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि ऑपरेशन थिएटर की नर्सें सर्जिकल टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उनकी जिम्मेदारी ऑपरेशन के दौरान सहायता करने से कहीं ज्यादा है. मरीज की सुरक्षा, संक्रमण की रोकथाम, सर्जरी की तैयारी, उपकरणों का प्रबंधन और सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल में भी उनकी भूमिका अहम होती है.
कार्यक्रम की शुरुआत पेरीऑपरेटिव नर्सिंग में एविडेंस बेस्ड प्रैक्टिस पर चर्चा के साथ हुई. इसके बाद सर्जरी के दौरान होने वाले संक्रमण को रोकने और ऑपरेशन थिएटर की टीम की भूमिका को मजबूत करने पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए.
सम्मेलन में सर्जिकल सेफ्टी चेकलिस्ट पर भी चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने कहा कि इसे केवल एक औपचारिक प्रक्रिया की तरह नहीं देखा जाना चाहिए. इसका उद्देश्य टीम के बीच बेहतर संवाद, जिम्मेदारी और मरीज की सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करना होना चाहिए.
OTCON 2026 में कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई. इनमें विशेष सर्जिकल उपकरणों को संभालना, रोबोटिक सर्जरी के दौरान नर्सों की जिम्मेदारियां, स्टोमा केयर, ब्लीडिंग मैनेजमेंट और हाई रिलायबिलिटी ऑपरेशन थिएटर कल्चर शामिल रहे.
इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर नर्सों के सशक्तिकरण, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हुई. कार्यक्रम में आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने सीखने के इस अनुभव को और रोचक बनाया.
इस मौके पर RGCIRC की डायरेक्टर ऑफ नर्सिंग कर्नल मधुमिता ढल्ल ने कहा कि ऑपरेशन थिएटर एक बेहद विशेष वातावरण है. यहां तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और छोटी से छोटी बात पर ध्यान सीधे मरीज की सुरक्षा को प्रभावित करता है.
उन्होंने कहा कि OT नर्सों के पास केवल प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी होना पर्याप्त नहीं है. उन्हें आत्मविश्वास के साथ संवाद करने, जोखिमों को पहचानने और क्लिनिकल फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी तैयार होना चाहिए. OTCON 2026 का उद्देश्य सीखने, जिम्मेदारी और पेशेवर उत्कृष्टता की इसी संस्कृति को मजबूत करना था.
RGCIRC की असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट OT और कार्यक्रम की ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी श्रीबा राधाकृष्णन ने कहा कि ऑपरेटिव नर्सिंग में तकनीकी कौशल, परिस्थिति को समझने की क्षमता और टीमवर्क तीनों जरूरी हैं.
उन्होंने कहा कि सर्जरी की तकनीक लगातार आगे बढ़ रही है. ऐसे में OT नर्सों को भी अपनी जानकारी लगातार अपडेट करनी होगी. उन्हें जटिल क्लिनिकल परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा. OTCON 2026 ने नर्सिंग प्रोफेशनल्स को विशेषज्ञों से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच दिया.
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण ‘Mastering Operative Nursing: Theory to Theater’ किताब का लॉन्च भी रहा. इस किताब को RGCIRC के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार देवान और सीनियर कंसल्टेंट ऑनकोएनेस्थीसियोलॉजी डॉ. शगुन भाटिया शाह ने लिखा है.
यह किताब अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट नर्सिंग छात्रों, पेरीऑपरेटिव नर्सों और सर्जिकल प्रोफेशनल्स के लिए तैयार की गई है. इसमें ऑपरेटिव नर्सिंग से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी के साथ उसके व्यावहारिक पहलुओं को भी समझाया गया है.
किताब में सर्जरी से पहले मरीज की तैयारी, ऑपरेशन के दौरान देखभाल और सर्जरी के बाद की देखभाल को विस्तार से शामिल किया गया है. इसमें मरीज की सुरक्षा, संक्रमण से बचाव, स्टेरिलाइजेशन, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स और टीमवर्क पर भी ध्यान दिया गया है.
इसके अलावा किताब में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, रोबोटिक सर्जरी, एन्हांस्ड रिकवरी प्रोटोकॉल और ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल हो रही नई तकनीकों से जुड़े विषय भी शामिल हैं.
किताब के बारे में डॉ. अजय कुमार देवान ने कहा कि सुरक्षित सर्जरी के लिए एक अच्छी तरह तैयार और समन्वित टीम जरूरी है. ऑपरेटिव नर्स इस टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि किताब का उद्देश्य नर्सिंग प्रोफेशनल्स को सर्जिकल सिद्धांतों, उनकी व्यावहारिक जिम्मेदारियों और अलग अलग सर्जिकल विशेषज्ञताओं की जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से समझाना है.
डॉ. शगुन भाटिया शाह ने कहा कि सर्जिकल और एनेस्थीसिया तकनीक में तेजी से बदलाव हो रहा है. इसके साथ पेरीऑपरेटिव नर्सिंग की भूमिका भी बदल रही है. नर्सों को जटिल परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ काम करने और हर चरण में मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहना होगा.
उन्होंने कहा कि इस किताब को एक व्यावहारिक और एविडेंस बेस्ड संसाधन के तौर पर तैयार करने की कोशिश की गई है. इसका इस्तेमाल सीखने के साथ रोजाना की क्लिनिकल प्रैक्टिस में भी किया जा सकता है.
सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आधुनिक ऑपरेशन थिएटर तेजी से टेक्नोलॉजी आधारित और मल्टीडिसिप्लिनरी होते जा रहे हैं. ऐसे माहौल में नर्सों की लगातार ट्रेनिंग जरूरी है.
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने बेहतर टीम कोऑर्डिनेशन, सर्जरी के दौरान होने वाली गलतियों को कम करने, जटिल परिस्थितियों से निपटने और मरीजों को बेहतर देखभाल देने के तरीकों पर अपने अनुभव साझा किए.
OTCON 2026 और ‘Mastering Operative Nursing: Theory to Theater’ के लॉन्च के जरिए RGCIRC ने नर्सिंग शिक्षा, मरीजों की सुरक्षा और मल्टीडिसिप्लिनरी हेल्थकेयर को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. RGCIRC अपने Ethics, Empathy और Excellence के मूल्यों के साथ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लगातार विकास पर जोर दे रहा है. इसका उद्देश्य सर्जिकल केयर के मानकों को मजबूत करना और मरीजों के बेहतर इलाज में योगदान देना है.
Edited by Ravi Pareek



