2055 करोड़ में Unacademy को खरीदेगी रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी UpGrad: रिपोर्ट
UpGrad इससे पहले Internshala का भी अधिग्रहण कर चुकी है. कंपनी लगातार नए अवसर तलाश रही है और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. अगर यह डील पूरी होती है, तो यह भारत के एडटेक सेक्टर की सबसे बड़ी कंसोलिडेशन डील्स में से एक होगी.
भारत के एडटेक सेक्टर में एक और बड़ी डील की चर्चा तेज हो गई है. UpGrad ने Unacademy को खरीदने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं. बताया जा रहा है कि इस सौदे की वैल्यू करीब 2,055 करोड़ रुपये यानी लगभग 218 मिलियन डॉलर हो सकती है. इस संभावित अधिग्रहण की जानकारी The Economic Times की एक रिपोर्ट में सामने आई है.
यह डील पूरी तरह शेयर के जरिए होगी. यानी नकद लेनदेन नहीं होगा. कई महीनों की बातचीत के बाद अब दोनों कंपनियां इस समझौते के अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में एग्रीमेंट साइन हो जाएगा और इसके बाद Competition Commission of India यानी CCI से मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा.
इस डील की सबसे खास बात यह है कि Unacademy की वैल्यूएशन अपने पीक से 90 प्रतिशत से भी ज्यादा गिर गई है. साल 2021 में इसकी वैल्यू 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी. लेकिन अब यह करीब 218 मिलियन डॉलर पर आ गई है. कोविड के दौरान ऑनलाइन लर्निंग का जो बूम आया था, वह अब ठंडा पड़ चुका है और पूरा एडटेक सेक्टर मुश्किल दौर से गुजर रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, Unacademy के पास इस समय करीब 900 से 950 करोड़ रुपये का कैश मौजूद है. यही बात UpGrad के लिए इस डील को और आकर्षक बनाती है. अधिग्रहण के बाद UpGrad की कुल नकदी 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है. कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने में करेगी. खासकर B2B सेगमेंट, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और AI आधारित लर्निंग पर फोकस बढ़ाया जाएगा.
UpGrad के फाउंडर रॉनी स्क्रूवाला इस समय कंपनी के विस्तार के लिए काफी आक्रामक रणनीति पर काम कर रहे हैं. कंपनी Temasek से करीब 375 करोड़ रुपये का नया निवेश भी जुटाने की बातचीत कर रही है. Temasek दोनों कंपनियों में निवेशक भी है. उसके पास UpGrad में करीब 22 प्रतिशत और Unacademy में करीब 5 प्रतिशत हिस्सेदारी है.
हालांकि, YourStory हिंदी स्वतंत्र रुप से इस ख़बर की पुष्टि नहीं कर सका.
Unacademy की शुरुआत एक YouTube चैनल के रूप में हुई थी. इसे गौरव मुंजाल, हेमेश सिंह और रोमन सैनी ने शुरू किया था. साल 2015 में यह एक फुल एडटेक प्लेटफॉर्म बना. लेकिन पिछले कुछ सालों में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ऑफलाइन सेंटर खोलने से लेकर फिर उन्हें फ्रेंचाइजी मॉडल में बदलने तक कंपनी ने कई बदलाव किए.
रेवेन्यू के मामले में भी गिरावट देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू 702 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल से 16 प्रतिशत कम है. वहीं 2026 में कंपनी का लक्ष्य करीब 400 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है.
इस डील के बाद गौरव मुंजाल CEO बने रहेंगे. उन्होंने पहले कंपनी से अलग होने का फैसला किया था ताकि वह AirLearn पर ध्यान दे सकें, लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है.
यह अधिग्रहण ऐसे समय पर हो रहा है जब एडटेक सेक्टर में बड़ी उथल-पुथल चल रही है. Byju’s जैसी बड़ी कंपनी के संकट में आने के बाद पूरे सेक्टर पर असर पड़ा है. निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हुआ है. ऐसे में UpGrad और Unacademy का यह विलय सेक्टर में एक नई दिशा दे सकता है.
UpGrad इससे पहले Internshala का भी अधिग्रहण कर चुकी है. कंपनी लगातार नए अवसर तलाश रही है और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है.
अगर यह डील पूरी होती है, तो यह भारत के एडटेक सेक्टर की सबसे बड़ी कंसोलिडेशन डील्स में से एक होगी. इससे यह भी साफ संकेत मिलता है कि अब कंपनियां तेजी से विस्तार के बजाय टिकाऊ और मजबूत बिजनेस मॉडल पर ध्यान दे रही हैं.
अब सबकी नजर CCI की मंजूरी और इस डील के आधिकारिक ऐलान पर है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विलय भारतीय एडटेक इंडस्ट्री को किस दिशा में ले जाता है.



