दोस्त की चक्की से मिला बिजनेस आइडिया, योगेश कुमार ने सोलर आटा चक्की से बदली गांव की तस्वीर
शाहजहांपुर के योगेश कुमार ने गांव में सोलर आटा चक्की शुरू की और यूपी सरकार की CM YUVA Yojana की मदद से मशीन व सोलर सिस्टम लगाया. यह कहानी दिखाती है कि स्थानीय जरूरत और सही योजना से ग्रामीण युवा कैसे स्थिर आजीविका बना सकते हैं.
शाहजहांपुर जिले के चौहानापुर गांव में रहने वाले योगेश कुमार आज सोलर से चलने वाली आटा चक्की चला रहे हैं. गांव और आसपास के इलाके के लोग रोजाना यहां अनाज पिसवाने आते हैं. कुछ महीने पहले तक इन्हें डीजल से चलने वाली चक्कियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जो अक्सर बंद रहती थीं या समय पर काम नहीं करती थीं.
योगेश की चक्की का काम सीधा और समझने में आसान है. गांव के लोग गेहूं और अन्य अनाज लेकर आते हैं. प्रति किलो के हिसाब से पिसाई होती है. मौसम और धूप के अनुसार काम के घंटे तय होते हैं. सर्दियों में मशीन करीब छह से सात घंटे चलती है. गर्मियों और साफ मौसम में यह समय और बढ़ जाता है. सोलर सिस्टम होने की वजह से ईंधन का खर्च नहीं है और मशीन खराब होने की समस्या भी कम रहती है.
योगेश के परिवार में इससे पहले किसी ने कारोबार नहीं किया था. यह विचार भी किसी बड़े प्लान से नहीं आया. वह एक बार गांव से बाहर अपने एक दोस्त की सोलर आटा चक्की देखने गए थे. वहीं उन्होंने देखा कि यह सिस्टम कैसे काम करता है. उन्हें लगा कि यही मॉडल उनके गांव में भी चल सकता है.
वापस आकर उन्होंने मोबाइल पर जानकारी खोजना शुरू किया. फिर स्थानीय दफ्तर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया समझी. धीरे धीरे कागजी काम शुरू हुआ. फिर यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत उन्हें लोन मिला. योगेश कहते हैं कि अपनी बचत से यह मशीन और सोलर सिस्टम लगाना संभव नहीं था.
करीब दो महीने में पूरी प्रक्रिया पूरी हुई. मंजूरी मिली तो मशीन आई. सोलर पैनल लगे. कुछ ही समय में चक्की चालू हो गई. योगेश बताते हैं कि शुरुआत में डर था कि काम चलेगा या नहीं. लेकिन एक बार सब ठीक से लग गया तो काम आसान लगने लगा.
चक्की गांव में लगाने का फैसला उन्होंने जरूरत देखकर लिया था. आसपास डीजल की चक्कियां थीं. लेकिन वे भरोसेमंद नहीं थीं. खर्च भी ज्यादा था. सोलर से चलने वाली चक्की ने इस कमी को पूरा किया. लोगों को नियमित सेवा मिलने लगी.
आज उनकी चक्की पर सिर्फ अपने गांव से नहीं, बल्कि चार पांच आसपास के गांवों से भी लोग आते हैं. रोज की कमाई बहुत बड़ी नहीं है. लेकिन नियमित है. इससे घर का खर्च निकल जाता है. व्यस्त समय में मदद के लिए लोग भी रखे जाते हैं. त्योहार और फसल के समय काम बढ़ जाता है. उसी हिसाब से व्यवस्था की जाती है.
भविष्य को लेकर योगेश बहुत तेजी से आगे बढ़ना नहीं चाहते. पहले वह मौजूदा काम को और स्थिर करना चाहते हैं. आगे चलकर वह चक्की के साथ तेल निकालने की यूनिट जोड़ने के बारे में सोच रहे हैं. लेकिन यह फैसला तभी होगा जब मौजूदा काम पूरी तरह जम जाएगा.
आज योगेश के दिन पहले से ज्यादा तय हैं. काम की एक दिनचर्या बन गई है. जो अनिश्चितता पहले थी, वह अब कम हो गई है. एक दोस्त की चक्की देखकर आया विचार आज गांव के लिए जरूरी सेवा बन चुका है. यह सफर धीरे धीरे आगे बढ़ा है. बिना जल्दबाजी के. स्थानीय जरूरत को समझकर उठाए गए छोटे कदमों से.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



