कौशांबी की शकुंतला देवी ने शुरू किया नमकीन का कारोबार, CM YUVA योजना बनी सहारा
कौशांबी की शकुंतला देवी ने घर की जिम्मेदारियों के बीच नमकीन यूनिट शुरू की. यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत 2.21 लाख रुपये का लोन लेकर मशीनें खरीदीं और स्थानीय बाजार के लिए पुल्ला, चुर्री व अन्य स्नैक्स बनाना शुरू किया. आज यह छोटा यूनिट उनके परिवार की आय का स्थिर सहारा बन चुका है.
कौशांबी में एक छोटा सा कमरा हर दिन आटे, गर्म तेल और मसाले की खुशबू से भर जाता है. यहीं से शकुंतला देवी का नमकीन यूनिट चलता है. काम सीधा है. आटा गूंथो. मशीन से आकार दो. तेल में तलो. मसाला मिलाओ. पैक करो. और बाजार में भेज दो.
वह पुल्ला, चुर्री, कटोरी और पास्ता आकार के तले हुए नमकीन बनाती हैं. यह कोई बड़ी ब्रांड कहानी नहीं है. यह रोज का काम है. जितना बने, उतना बिके. और घर का खर्च चलता रहे.
शकुंतला देवी बताती हैं कि यह काम उन्होंने करीब एक साल पहले शुरू किया. उनके पति एक साल से दुबई में हैं. घर का खर्च संभालना जरूरी था. बाहर से आने वाले पैसे का इंतजार करना आसान नहीं था. उन्हें लगा कि खुद का काम होना चाहिए.
शुरुआत आसान नहीं थी. पहले कुछ पैसे इधर उधर से जुटाए. छोटे स्तर पर काम शुरू किया. करीब तीस हजार रुपये से कच्चा माल लाकर ट्रायल किया. समझने में समय लगा कि मशीन कैसे चलेगी और उत्पादन कैसे नियमित होगा.
बाद में उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए आवेदन किया. उन्हें दो लाख इक्कीस हजार रुपये का लोन मिला. इसके साथ उन्होंने करीब चार लाख रुपये घर से जोड़कर मशीनें खरीदीं. कुल मिलाकर करीब छह लाख रुपये का सेटअप तैयार हुआ.
मशीनें आने के बाद भी काम तुरंत पटरी पर नहीं आया. आटा तैयार करना, मिश्रण सही रखना और तलने का तापमान संभालना सीखना पड़ा. वह कहती हैं कि सामग्री तैयार करने में ही कई दिन लग जाते हैं. धीरे धीरे उत्पादन की लय बनी.
यूनिट में काम का क्रम तय है. पहले आटा गूंथा जाता है. फिर मशीन से आकार निकलते हैं. फिर गर्म तेल में तलना होता है. इसके बाद हाथ से मसाला मिलाया जाता है. अंत में पैकिंग होती है. उसी दिन काम पूरा करना जरूरी होता है.
शकुंतला देवी का नमकीन अभी बड़े बाजार में नहीं जाता. बिक्री स्थानीय दुकानों और छोटे वितरकों के जरिए होती है. मुनाफा बहुत बड़ा नहीं है. लेकिन काम चलता रहता है. और यही सबसे बड़ी बात है.
वह कहती हैं, “तेल से निकालते हैं, मसाला मिलाते हैं, फिर पैक करके बेच देते हैं.” उनके लिए यही रोज की सच्चाई है. काम चलता रहे, यही संतोष है.
आज यह यूनिट उनके लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता है. पहले जहां अनिश्चितता थी, अब रोज का रूटीन है. पैकेट बनते हैं. बाजार जाते हैं. और घर में कुछ आमदनी लौटती है.
कौशांबी की शकुंतला देवी की कहानी दिखाती है कि छोटे स्तर का काम भी मजबूत आधार बन सकता है. जरूरत से लिया गया फैसला, धीरे धीरे स्थिरता में बदल सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



