शशि सोनी: 10000 रुपये से शुरू किया बिजनेस, आज है 4100 करोड़ का साम्राज्य
शशि सोनी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1971 में की थी. उस समय उन्होंने सिर्फ 10 हजार रुपये के निवेश से ‘दीप ट्रांसपोर्ट’ की शुरुआत की. आज यह 500 मिलियन डॉलर (करीब 4100 करोड़ रुपये) का बिजनेस एम्पायर है. यह सफलता उनके बिजनेस कौशल और दूरदर्शी सोच को दिखाती है.
भारत में कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने अपने दम पर बड़ी पहचान बनाई है. शशि सोनी (Shashi Soni) भी उन्हीं महिलाओं में से एक हैं. एक समय ऐसा था जब वह सिर्फ एक गृहिणी थीं. लेकिन उनके अंदर कुछ बड़ा करने की चाह थी. उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत की और धीरे-धीरे एक ऐसा बिजनेस खड़ा किया जिसकी कीमत आज करीब 4100 करोड़ रुपये बताई जाती है.
शशि सोनी की कहानी सिर्फ बिजनेस की नहीं है. यह हिम्मत, संघर्ष और लगातार आगे बढ़ते रहने की कहानी है. उन्होंने साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी इंसान बड़ी सफलता हासिल कर सकता है.
शशि सोनी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1971 में की थी. उस समय उन्होंने सिर्फ 10 हजार रुपये के निवेश से ‘दीप ट्रांसपोर्ट’ नाम का कारोबार शुरू किया. उस दौर में महिलाओं का बिजनेस करना आसान नहीं था. समाज की सोच अलग थी और मौके भी कम थे. लेकिन शशि सोनी ने इन मुश्किलों को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया.
उनका ट्रांसपोर्ट बिजनेस धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा. साल 1975 तक उन्होंने इस काम को सफलतापूर्वक संभाला. इसके बाद उन्होंने एक नया कदम उठाया और मुंबई के मुलुंड इलाके में ‘दीप मंदिर सिनेमा’ की स्थापना की. सिनेमा का यह कारोबार भी अच्छा चला और साल 1980 तक उन्होंने इसमें सफलता हासिल की.
लेकिन जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती. इसके बाद उनके जीवन में एक कठिन दौर आया. करीब 10 साल तक उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. बिजनेस में उतार चढ़ाव आए. मुश्किलें बढ़ीं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
इसी संघर्ष के बीच उन्होंने एक नया फैसला लिया. उन्होंने मैसूर में ‘ऑक्सीजन प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से गैस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया. यह उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. इस बिजनेस ने उन्हें इंडस्ट्रियल सेक्टर में नई पहचान दिलाई.

शशि सोनी
शशि सोनी हमेशा नए अवसर तलाशती रहीं. यही वजह थी कि उन्होंने साल 2005 में ‘इजमो लिमिटेड’ की स्थापना की. यह एक ग्लोबल सॉफ्टवेयर कंपनी है जो ऑटोमोबाइल और ई रिटेलिंग सेक्टर के लिए हाई टेक सॉल्यूशंस देती है. आज यह कंपनी BSE और NSE दोनों पर लिस्टेड है.
इजमो लिमिटेड की चेयरपर्सन के रूप में शशि सोनी ने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उन्होंने दिखाया कि उम्र या बैकग्राउंड सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनते. सही सोच और मेहनत से कोई भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है.
कभी सिर्फ 10 हजार रुपये से शुरू हुआ सफर आज 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4100 करोड़ रुपये के बिजनेस तक पहुंच चुका है. यह सफलता उनके बिजनेस कौशल और दूरदर्शी सोच को दिखाती है.
लेकिन शशि सोनी की पहचान सिर्फ एक सफल बिजनेस वुमन के रूप में नहीं है. वह समाज सेवा में भी काफी सक्रिय रही हैं. उन्होंने ‘दीप जनसेवा समिति’ के जरिए कई सामाजिक काम किए हैं. महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, पेंशन योजनाएं और दिव्यांग लोगों की मदद जैसे क्षेत्रों में उन्होंने बड़ा योगदान दिया है.
वह हमेशा मानती थीं कि किसी भी कंपनी की असली ताकत उसके कर्मचारी होते हैं. मजदूरों की हड़ताल के समय भी उन्होंने उनके दर्द को समझने की कोशिश की. उन्होंने कर्मचारियों की जरूरतों को महत्व दिया और उनके साथ खड़ी रहीं.
शशि सोनी ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाए. उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया ताकि वे अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकें.
उनकी उपलब्धियां यहीं खत्म नहीं होतीं. वह सात साल तक ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल गैसेस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की मैनेजिंग कमेटी की एकमात्र महिला सदस्य रहीं. उस समय इंडस्ट्री बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही थी और उन्होंने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
उनके सामाजिक और व्यावसायिक योगदान को देखते हुए उन्हें साल 1990 में ‘महिला गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा उन्होंने ब्लड डोनेशन कैंप, आई केयर कैंप और कई सामाजिक अभियानों में भी हिस्सा लिया. साल 1990 में उनको वुमन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया. उन्हें 2024 में पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है.
शशि सोनी की कहानी हर उस इंसान को प्रेरित करती है जो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहता है. उन्होंने साबित किया कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इंसान मेहनत और धैर्य नहीं छोड़ता तो सफलता जरूर मिलती है.
एक साधारण गृहिणी से 4100 करोड़ रुपये के बिजनेस साम्राज्य तक पहुंचने का उनका सफर वास्तव में प्रेरणादायक है.



