73 बार रिजेक्ट हुआ आइडिया, आज हैं 5 अरब डॉलर की कंपनी के मालिक — OfBusiness के आशीष मोहापात्रा की कहानी
आशीष मोहापात्रा की प्रेरणादायक कहानी जानिए, जिन्हें 73 बार रिजेक्शन मिला लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. IIT ग्रेजुएट आशीष ने OfBusiness की शुरुआत की और आज उनकी कंपनी 22,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर रही है और इसकी वैल्यूएशन 5 अरब डॉलर से भी अधिक है.
स्टार्टअप की दुनिया में सफलता की कहानियां अक्सर सुनने को मिलती हैं. लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो लोगों को अंदर तक प्रेरित कर देती हैं. ऐसी ही कहानी है आशीष मोहापात्रा (Asish Mohapatra) की. एक ऐसे युवा की जिसने 73 बार रिजेक्शन झेला, लेकिन हार नहीं मानी. आज वही शख्स 5 अरब डॉलर वैल्यूएशन (16 अप्रैल 2025 तक के आंकड़े) वाली कंपनी का मालिक है.
आशीष मोहापात्रा ने साल 2015 में अपनी उद्यमिता की शुरुआत की थी. IIT खड़गपुर से पढ़ाई करने वाले आशीष के पास बड़ा विजन था. वह ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते थे जो मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मुश्किलों को आसान कर सके. लेकिन उनका आइडिया निवेशकों को पसंद नहीं आया.
एक बार नहीं. दो बार नहीं. पूरे 73 बार उन्हें रिजेक्ट किया गया.
कई लोग इस स्थिति में टूट जाते हैं. सपने छोड़ देते हैं. लेकिन आशीष अलग थे. उन्होंने हर रिजेक्शन को सीख की तरह लिया. वह लगातार निवेशकों से मिलते रहे. अपने मॉडल को बेहतर बनाते रहे. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने OfBusiness की शुरुआत की.
OfBusiness ने कारोबार करने का तरीका बदल दिया. यह कंपनी उद्योगों को कच्चा माल खरीदने में मदद करती है. साथ ही सप्लायर फाइनेंसिंग और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग जैसी सेवाएं भी देती है. यानी कंपनियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई जरूरी सुविधाएं मिलने लगीं.
धीरे-धीरे कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना ली.
साल 2021 तक OfBusiness यूनिकॉर्न बन चुकी थी. यूनिकॉर्न मतलब ऐसी स्टार्टअप कंपनी जिसकी वैल्यूएशन 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो. लेकिन यहां भी कहानी नहीं रुकी. कुछ ही समय में कंपनी की वैल्यूएशन 5 बिलियन डॉलर से ज्यादा पहुंच गई.
कंपनी की कमाई भी तेजी से बढ़ने लगी.
2020 और 2021 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 1757 करोड़ रुपये था. अगले ही साल यह बढ़कर 7269 करोड़ रुपये पहुंच गया. इसके बाद कंपनी ने इंडस्ट्रियल गुड्स, केमिकल्स और कृषि उत्पादों जैसे कई सेक्टर में काम शुरू किया. यही विस्तार उसकी तेजी से बढ़ती सफलता की बड़ी वजह बना.
OfBusiness का रेवेन्यू 22,500 करोड़ रुपये (31 मार्च, 2025 तक) के पार पहुंच गया.

आशीष मोहापात्रा और रुची कालरा, OfBusiness के को-फाउंडर
आज जब कई स्टार्टअप सिर्फ ग्रोथ के पीछे भागते हैं, तब आशीष मोहापात्रा शुरू से मुनाफे पर फोकस करते रहे. जब उन्होंने कहा कि हर ट्रांजैक्शन में प्रॉफिट होना चाहिए, तब कई निवेशकों ने उनका मजाक उड़ाया. लोगों ने उन्हें सलाह दी कि पहले तेजी से बढ़ो और पैसा जलाओ.
लेकिन आशीष अपनी सोच पर टिके रहे.
उन्होंने अपनी मां से सीखा था कि किसी भी काम की असली ताकत उसकी स्थिरता और मुनाफे में होती है. उनकी मां फिजिक्स प्रोफेसर थीं. उन्हीं की सीख ने आशीष को मुश्किल समय में भी डगमगाने नहीं दिया.
इस सफर में उनकी पत्नी रुची कालरा ने भी उनका पूरा साथ दिया. वह कंपनी की को-फाउंडर हैं. दोनों ने मिलकर हर चुनौती का सामना किया. जब लोग उनके मॉडल पर सवाल उठा रहे थे, तब यह जोड़ी अपने विजन पर भरोसा बनाए हुए थी.
आज आशीष मोहापात्रा की कहानी लाखों युवाओं को प्रेरणा देती है. यह कहानी बताती है कि रिजेक्शन अंत नहीं होता. असली फर्क इस बात से पड़ता है कि इंसान हार मानता है या फिर दोबारा कोशिश करता है.
73 बार “ना” सुनने वाला यह युवक आज करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद की मिसाल बन चुका है.



