सिद्धार्थनगर के अजीत राज ने गांव में खोला ऑप्टिकल सेंटर, CM YUVA योजना से बदली किस्मत!
सिद्धार्थनगर के अजीत राज ने CM YUVA Yojana के तहत मिले ब्याज-मुक्त लोन से अपने ऑप्टिकल सेंटर का विस्तार किया. इंस्टाग्राम रील से मिली जानकारी ने उन्हें सरकारी योजना तक पहुंचाया. आज वह गांव में भरोसेमंद आंखों की जांच, चश्मा और स्थानीय युवाओं को रोजगार दे रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के मझवां कला गांव के रहने वाले अजीत राज एक ऑप्टोमेट्रिस्ट हैं. आज वह खुद के ऑप्टिकल सेंटर के मालिक हैं और साथ ही कुछ युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं. उनकी कहानी दिखाती है कि सही हुनर, थोड़ी हिम्मत और सरकारी योजना का सहारा मिल जाए, तो छोटे जिले में भी टिकाऊ कारोबार खड़ा किया जा सकता है.
अजीत राज ने बारहवीं के बाद ऑप्टोमेट्री का कोर्स किया. इसके बाद इंटर्नशिप की और करीब चार साल तक काम सीखते रहे. अनुभव बढ़ा तो अपने ही इलाके में छोटी सी ऑप्टिकल प्रैक्टिस शुरू की. पिछले करीब सात साल से वह आंखों की जांच और किफायती चश्मों की सेवा दे रहे हैं.
बड़े शहरों की ऑप्टिकल शोरूम देखकर उनके मन में एक सवाल आया. अगर यह सुविधा शहरों में भरोसेमंद हो सकती है, तो जिले में क्यों नहीं. उन्होंने तय किया कि गांव और आसपास के इलाकों के लोगों को भी अच्छी आंखों की जांच और सही चश्मा मिलना चाहिए.
इंस्टाग्राम से मिली योजना की जानकारी
अजीत राज बताते हैं कि एक दिन इंस्टाग्राम रील देखते समय उन्हें यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में पता चला. उन्होंने योजना की जानकारी पोर्टल पर जाकर देखी. इसके बाद जिला उद्योग विकास भवन में जाकर पूरी प्रक्रिया समझी.
आवेदन करना आसान था. यह योजना खास तौर पर पहली बार कारोबार शुरू करने वाले युवाओं के लिए बनी है. अजीत कहते हैं कि समय पर किश्त चुकाने पर इसमें ब्याज नहीं लगता. चार साल बाद देरी होने पर ब्याज लागू होता है.
मशीनें आईं तो काम बढ़ा
इस वित्तीय मदद से अजीत ने अपने सेंटर में जरूरी मशीनें खरीदीं. पहले कुछ काम बाहर करवाने पड़ते थे. अब आंखों की जांच और चश्मा फिटिंग का काम सेंटर पर ही हो जाता है. इससे समय भी बचता है और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिलती है.
नकदी का दबाव भी कम हुआ. किराया, बिजली और दूसरे रोजमर्रा के खर्च संभालना आसान हो गया. काम बढ़ा तो उन्होंने दो से तीन युवाओं को काम पर रखा. इससे सेंटर भी संभला और स्थानीय रोजगार भी बना.
नौकरी से खुद के वेंचर तक का भरोसा
अजीत बताते हैं कि पहले वह दूसरों के यहां काम करते थे. महीने की आमदनी सीमित थी. अब कमाई स्थिर है. घर के खर्च पूरे होते हैं. साथ ही इस सेंटर से दूसरे परिवारों की आजीविका भी जुड़ गई है.
उनका सपना बहुत बड़ा नहीं है. वह चाहते हैं कि मोहल्ले के स्तर पर भरोसेमंद आंखों की जांच मिलती रहे. बिना शहर गए लोग सही इलाज और चश्मा पा सकें.
अजीत राज कहते हैं कि अगर आपके पास काम का हुनर और एक साफ योजना है, लेकिन पूंजी नहीं है, तो सरकारी योजनाओं को जरूर देखें. सही कागजात के साथ आवेदन करें. प्रक्रिया ऑनलाइन है और समयबद्ध भी.
उनके लिए यह सफर एक सीख है. थोड़ी सी पूंजी, सही उपकरण और जिम्मेदारी से काम किया जाए, तो छोटे जिलों में भी माइक्रो एंटरप्राइज सफल हो सकते हैं. अजीत का सेंटर आज उसी भरोसे की मिसाल है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



