स्पेसटेक स्टार्टअप Pixxel को मिली 100 मिलियन डॉलर की Series C फंडिंग
Pixxel ने Temasek और Seraphim की अगुवाई में सीरीज C फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस फंडिंग के साथ कंपनी की कुल फंडिंग 195 मिलियन डॉलर पहुंच गई है. Pixxel इस फंडिंग का इस्तेमाल सैटेलाइट्स, अर्थ इंटेलिजेंस और स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में करेगी.
स्पेसटेक स्टार्टअप ने Series C फंडिंग राउंड में 100 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Temasek और Seraphim ने किया है.
कंपनी का कहना है कि यह निवेश उसे अपनी टेक्नोलॉजी और कारोबार का विस्तार करने में मदद करेगा. Pixxel अब सिर्फ हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट्स तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी अर्थ इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर, सॉवरेन स्पेस सिस्टम्स और सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी तेजी से आगे बढ़ रही है.
इस फंडिंग राउंड में नए निवेशक 360 ONE Asset और IMM Investment भी शामिल हुए हैं. वहीं, मौजूदा निवेशकों Radical Ventures और growX ventures समेत अन्य निवेशकों ने भी कंपनी का समर्थन किया है.
इस निवेश के साथ Pixxel की अब तक की कुल फंडिंग बढ़कर 195 मिलियन डॉलर हो गई है.
कंपनी के मुताबिक, यह भारत की किसी स्पेसटेक कंपनी द्वारा जुटाए गए सबसे बड़े फंडिंग राउंड्स में से एक है. यह फंडिंग Pixxel के लिए एक नए ग्रोथ फेज की शुरुआत भी मानी जा रही है.
Pixxel की शुरुआत हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट्स के साथ हुई थी. इन सैटेलाइट्स की मदद से धरती की सतह से जुड़ी ऐसी जानकारी देखी और समझी जा सकती है, जो सामान्य तस्वीरों से दिखाई नहीं देती. अब कंपनी ने अपना दायरा बढ़ा लिया है.
Pixxel ने Aurora नाम का अपना अर्थ इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर भी डेवलप किया है. इसके अलावा कंपनी कमर्शियल और सॉवरेन स्पेस मिशन्स के लिए सैटेलाइट सिस्टम्स पर भी काम कर रही है.
कंपनी का लक्ष्य सेंसर्स, सॉफ्टवेयर और स्पेस सिस्टम्स को एक साथ जोड़ना है. इससे सरकारों, उद्योगों और संस्थानों को धरती से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से समझने और सही समय पर फैसले लेने में मदद मिल सकती है.
Pixxel के फाउंडर और CEO अवैस अहमद ने कहा कि कंपनी ने वर्षों पहले धरती के लिए एक हेल्थ मॉनिटर बनाने का लक्ष्य रखा था.
उन्होंने कहा कि हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग ने धरती को देखने का एक बिल्कुल नया तरीका दिया. अब नई फंडिंग कंपनी को इस सोच को बड़े स्तर पर प्लैनेटरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलने में मदद करेगी.
उनके मुताबिक, Pixxel का लक्ष्य एक बदलती हुई धरती को समय रहते समझने लायक बनाना है, ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें.
Pixxel इस फंडिंग का इस्तेमाल अपनी चार बड़ी रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए करेगी.
कंपनी अपनी सेंसिंग कैपेबिलिटीज का विस्तार करेगी. इसके तहत हनीबी कॉन्स्टेलेशन और हाई रेजोल्यूशन ऑप्टिकल इमेजिंग सैटेलाइट्स जैसी टेक्नोलॉजी पर काम आगे बढ़ाया जाएगा.
Aurora प्लेटफॉर्म को भी और मजबूत किया जाएगा. कंपनी चाहती है कि अलग अलग सैटेलाइट्स और सेंसर्स से मिलने वाले डेटा को एक साथ जोड़कर उपयोगी और फैसले लेने में मदद करने वाली जानकारी तैयार की जा सके.
Pixxel सॉवरेन अर्थ ऑब्जर्वेशन सिस्टम्स पर भी अपना काम बढ़ाएगी. ऐसे सिस्टम्स देशों और सरकारों को अपनी जरूरतों के अनुसार अर्थ ऑब्जर्वेशन कैपेबिलिटीज विकसित करने में मदद कर सकते हैं.
इसके साथ ही कंपनी अपनी सैटेलाइट मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को भी तेजी से बढ़ाएगी.
Pixxel अपनी Gigapixxel फैसिलिटी पर काम कर रही है. यह कंपनी की नेक्स्ट जेनरेशन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी होगी, जिसे एडवांस्ड सैटेलाइट्स के बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है.
पिछले दो साल Pixxel के लिए काफी महत्वपूर्ण रहे हैं. कंपनी ने अब तक छह Firefly सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे हैं. कंपनी के अनुसार, इन सैटेलाइट्स ने दुनिया का सबसे हाई रेजोल्यूशन कमर्शियल हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन तैयार किया है.
Pixxel ने इसी दौरान Aurora अर्थ इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया.
कंपनी को NASA और NRO के साथ कॉन्ट्रैक्ट्स भी मिले हैं. Pixxel ने भारतीय रक्षा मंत्रालय के कई iDEX चैलेंजेस भी जीते हैं. इसके अलावा कंपनी ने ऑर्बिटल डेटा सेंटर डेमॉन्स्ट्रेशन सैटेलाइट बनाने की अपनी योजना का भी खुलासा किया है.
Pixxel को IN-SPACe के तहत भारत की पहली पब्लिक प्राइवेट अर्थ ऑब्जर्वेशन कॉन्स्टेलेशन के विकास का नेतृत्व करने के लिए भी चुना गया है.
इस परियोजना के तहत 12 सैटेलाइट्स की अर्थ ऑब्जर्वेशन कॉन्स्टेलेशन विकसित करने की योजना है.
Seraphim Space के CEO मार्क बोगेट ने कहा कि Pixxel स्पेसटेक सेक्टर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में है.
उन्होंने कहा कि कंपनी AI-पावर्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन, सॉवरेन स्पेस कैपेबिलिटीज और भारत के एक ग्लोबल स्पेसटेक लीडर के रूप में उभरने जैसे बड़े बदलावों के बीच काम कर रही है.
नई फंडिंग के साथ Pixxel अब अपने प्लैनेटरी इन्फ्रास्ट्रक्चर विजन को और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है.
कंपनी का फोकस ऐसी टेक्नोलॉजी बनाने पर है, जो बदलती हुई धरती से जुड़ी जानकारी को समझने में मदद कर सके.
छह सैटेलाइट्स पहले ही अंतरिक्ष में पहुंच चुके हैं. अब 100 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग के साथ Pixxel की नजर सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, अर्थ इंटेलिजेंस और स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर के अगले चरण पर है.
भारत की तेजी से बढ़ती स्पेसटेक इंडस्ट्री के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि घरेलू कंपनियां अब ग्लोबल स्तर पर बड़े निवेश और बड़े अंतरिक्ष प्रोजेक्ट्स की दौड़ में तेजी से अपनी जगह बना रही हैं.



