Startups fight Covid-19: अलीगढ़ के इस स्टार्टअप ने बनाया स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ताकि महामारी में ना हो इसकी कमी

By Rashi Varshney
May 14, 2021, Updated on : Fri May 14 2021 04:34:37 GMT+0000
Startups fight Covid-19: अलीगढ़ के इस स्टार्टअप ने बनाया स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ताकि महामारी में ना हो इसकी कमी
टेक स्टार्टअप, इंजीनियरिंग एंड एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस (E&E Solutions) की एक टीम ने एक स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर विकसित किया है। इसके प्रोटोटाइप का अलीगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में परीक्षण भी हो चुका है।
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देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत सामने आई है। इसे देखते हुए अलीगढ़ के युवा टेक्नोक्रेट और उद्यमियों के एक समूह ने अपने योगदान से इस समस्या को कम करने का फैसला लिया।


उभरती टेक्नोलॉजी कंपनी इंजीनियरिंग एंड एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस (E&E Solutions) की एक टीम ने अपना खुद का ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का डिजाइन बनाया और इसे देश में ही अलीगढ़ में स्थित अपने प्लांट में विकसित किया।


इस एनवायरमेंटल टेक्नोलॉजी कंपनी की स्थापना 2015 में की गई और इसका मुख्य लक्ष्य एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, वाटर लेवल मीटर्स और वेदर मॉनिटरिंग सिस्टम्स के लिए हाई-टेक सेंसर आधारित प्रोडक्ट का उत्पादन करना है। हालांकि देश में मौजूदा संकट को बड़ा होते हुए देख E&E सॉल्यूशंस की टीम ने अपने संसाधनों की मदद से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर विकसित करने का फैसला किया।


इसके प्रोटोटाइप का मई के पहले सप्ताह में अलीगढ़ स्थित उनके विनिर्माण संयंत्र में परीक्षण किया गया, जो सफल रहा। टीम का कहना है कि अब तक के परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। वे अब इस डिवाइस को अधिक कुशल बनाने और जल्द ही बाजार में लॉन्च करने के लिए काम कर रहे हैं।

E&E के रिसर्च और डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के हेड सैयद अबु रेहान ने बताया, “हमने दिन-रात युद्धस्तर पर काम किया और उपकरणों का प्रोटोटाइप बनाया। हमारे प्रयासों को डिविजनल कमिश्नर गौरव दयाल ने भी सराहना की, जब वे अलीगढ़ में हमारे प्रोडक्शन फैसिलिटी का दौरा करने आए थे। उन्होंने जिला प्रशासन से सभी आवश्यक समर्थन का वादा किया।"
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उत्पादन को बेहतर बनाने के लिए, E&E ने अलीगढ़ की एक अन्य कंपनी, प्रेसिजन ग्रुप के साथ साझेदारी की है, जो तकनीकी और उत्पादन सहायता प्रदान करेगी।


YourStory को दिए एक इंटरव्यू में, E&E की टीम ने बताया कि इस मशीन की कीमत काफी कम होगी और यह एक बार पूरी तरह से विकसित हो जाने के बाद, यह मशीन विदेशों से मंगाए गए महंगे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के मुकाबले एक कम लागत वाला विकल्प होगी।


E&E की मशीनों की कीमत 40,000 रुपये प्रति यूनिट से कम होने की उम्मीद है। वहीं विदेशों से मंगाए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की कीमत औसतन 65000-75000 रुपये प्रति यूनिट के बीच और कभी-कभी इससे भी अधिक होती है।


कंपनी कैसे कीमत घटाने में सफल रही, यह पूछे जाने पर सैयद ने बताया कि E&E के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स गैसों का अधिशोषण करने के लिए एक मॉलिक्यूलर छलनी का उपयोग करती हैं और यह उच्च दबाव में जिओलाइट खनिज पर वायुमंडलीय नाइट्रोजन के तेजी से दबाव स्विंग अधिशोषण के सिद्धांत पर काम करते हैं।


मशीन को विकसित करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक को प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन (PSA) के रूप में जाना जाता है। इस तकनीक का इस्तेमाल गैसों के मिश्रण से कुछ गैस प्रजातियों को अलग करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो एक अधिशोषित सामग्री के लिए प्रजातियों की आणविक विशेषताओं और आत्मीयता के अनुसार होता है।


यह लगभग परिवेश के तापमान पर संचालित होता है और गैस पृथक्करण की क्रायोजेनिक आसवन तकनीकों से काफी भिन्न होता है। विशिष्ट अधिशोषण सामग्री (जैसे, जिओलाइट्स, सक्रिय कार्बन, आणविक सिव्स, आदि) का उपयोग एक जाल के रूप में किया जाता है, खासतौर से उच्च दबाव पर लक्षित गैस प्रजातियों को अधिशोषित करने में। सैयद बताते हैं कि इस प्रक्रिया के बाद अधिशोषित सामग्री को हटाने के लिए कम दबाव में स्विंग होता है।

मशीन के प्रोटोटाइप का अलीगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में परीक्षण किया जा चुका है। स्टार्टअप उन कंपनियों के साथ साझेदारी करना चाहता है जो कच्चे माल की व्यवस्था कर सकती हैं, खास तौर से मेडिकल ग्रेड जोलाइट का। बिजनेस स्ट्रेटजी के प्रमुख राहील अहमद कहते हैं कि वर्तमान उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 30-50 मशीनों तक सीमित है, लेकिन कंपनी द्वारा इस विशेष उपक्रम के लिए निवेशकों को लुभाने में सक्षम होने के बाद यह संख्या बढ़ाई जाएगी।

राहील कहते हैं, “यह पूरी टीम के लिए गर्व और भावुक करने वाला क्षण है कि हमारे प्रयासों से कुछ अच्छा हुआ है, और जिसकी इस संकट के दौरान बेहद जरूरत है। हम अगले कुछ दिनों के भीतर इसे बाजार में उतारना चाहते हैं ताकि लोगों की बहूमूल्य जानें बचाई जा सके।"