घर से शुरू किया ऑनलाइन बिज़नेस, आज सालाना कमाई 2 करोड़
बिहार के नवादा जिले के छोटे कस्बे हिसुआ से निकले अम्मार महमूद ने सीमित संसाधनों के बावजूद ऑनलाइन बिज़नेस की दुनिया में अपनी पहचान बनाई. Aykitzil Inc के फाउंडर अम्मार की कहानी बताती है कि अगर जज़्बा और सीखने की ललक हो, तो कोई भी 2 करोड़ रु का बिज़नेस खड़ा कर सकता है.
बिहार के नवादा जिले का छोटा सा कस्बा हिसुआ, जहां आज भी ज़्यादातर लोग परंपरागत कारोबार या सरकारी नौकरियों की ओर झुकाव रखते हैं, वहीं से एक युवा ने अपने सपनों की दिशा खुद तय की. यह कहानी (Success story) है अम्मार महमूद (Ammar Mahmood) की, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.
एक छोटे कस्बे के वातावरण में पले-बढ़े अम्मार ने वो रास्ता चुना, जिसके बारे में बहुत कम लोग सोचते हैं. उन्होंने यह साबित किया कि अगर आपके अंदर जिज्ञासा और जुनून है, तो इंटरनेट जैसे प्लेटफॉर्म भी बड़े अवसरों का दरवाज़ा खोल सकते हैं. आज अम्मार Aykitzil Inc के फाउंडर हैं, जो टॉर्चलाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज़ की रीसेलिंग करने वाली ऑनलाइन कंपनी है. उनका सबसे लोकप्रिय प्रोडक्ट Torch है, जिसकी बिक्री देशभर में होती है.
उनकी यह यात्रा बताती है कि सफलता पाने के लिए शहर या साधन नहीं, बल्कि सोच और संकल्प सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं.
पिता से सीखे बिज़नेस के गुर
अम्मार कहते हैं, “मैंने बचपन से अपने पिता को बिज़नेस करते देखा है. सप्लायर से लेकर ग्राहकों तक का पूरा सिस्टम मेरे सामने था.”
यहीं से उनके मन में सवाल उठा कि छोटे बिज़नेस आखिर अपनी सीमाओं से आगे कैसे बढ़ सकते हैं.
जब दूसरे बच्चे खेलकूद में व्यस्त होते थे, तब अम्मार अपने पिता के साथ बैठकर बिज़नेस के गुर सीखते थे. उन्हें यह समझ आने लगा कि बिज़नेस में समझदारी, धैर्य और सीखने की इच्छा सबसे महत्वपूर्ण होती है.
ऑनलाइन सेलिंग से बदली तकदीर
इंटरनेट पर घंटों बिताना अम्मार का शौक था. एक दिन उन्होंने ऑनलाइन सेलिंग के बारे में पढ़ा और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया. उन्होंने खुद से सीखना शुरू किया कि क्या बिकता है, कैसे बेचा जाता है और ग्राहकों तक कैसे पहुंचा जाए.
बीबीए की पढ़ाई के साथ उन्होंने पिता का बिज़नेस भी संभालना जारी रखा. उनका मानना है कि जिज्ञासा, मेहनत और खुद सीखने की चाह किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ा सकती है, चाहे वह किसी भी शहर या कस्बे से क्यों न हो.
वर्ष 2019 में अम्मार ने अपना एक वेंचर शुरू किया और फ्लिपकार्ट पर प्रोडक्ट बेचने लगे. उस समय भारत में ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा था और कोविड महामारी के दौरान तो ऑनलाइन शॉपिंग आम बात बन गई थी. अम्मार ने महसूस किया कि यही सही वक्त है जब छोटे शहर से भी एक बड़ा बिज़नेस खड़ा किया जा सकता है.
इसके बाद 20 साल की उम्र में, वर्ष 2022 में अम्मार ने Aykitzil Inc की अधिकारिक शुरूआत की.
शुरुआत में उन्होंने टॉर्चलाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज़ पर फोकस किया. उन्होंने क्वालिटी, पैकेजिंग और ग्राहक सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. धीरे-धीरे ग्राहकों ने उनके ब्रांड पर भरोसा जताना शुरू किया.
अम्मार कहते हैं, “हमारा लक्ष्य हमेशा यही रहा कि हर ग्राहक को ऐसा अनुभव मिले कि वह दोबारा हमारे पास आए.”
घर से शुरू हुआ कारोबार, देशभर में पहचान
आज अम्मार नवादा स्थित अपने घर से पाँच लोगों की टीम के साथ Aykitzil Inc चला रहे हैं. फुलफिलमेंट सेंटर्स के जरिए उनके प्रोडक्ट्स देश के हर हिस्से में पहुंचते हैं.
अम्मार गर्व से बताते हैं, “मेरी टीम के कई सदस्य अब अपने खुद के ऑनलाइन बिज़नेस शुरू कर चुके हैं. अपने शहर के युवाओं को उद्यमी (ऑन्त्रप्रेन्योर) बनते देखना मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है.”
अम्मार बताते हैं, “शुरुआत में चुनौतियाँ बहुत थीं. पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट की दिक्कतें अक्सर परेशान करती थीं. लेकिन जब अम्मार ने वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम से जुड़ना शुरू किया, तब उनकी दिशा बदल गई.”
इस प्रोग्राम की ट्रेनिंग और मेंटॉरशिप ने उन्हें सही प्रोडक्ट चुनने, क्वालिटी सुधारने और ग्राहकों से बेहतर जुड़ने का तरीका सिखाया. उन्होंने सीखा कि पैकेजिंग सप्लायर्स से सीधे जुड़ने से लागत कम होती है और क्वालिटी बढ़ती है.
इसी सीख का नतीजा है कि 2022 में जहाँ उनकी बिक्री लगभग ₹7–8 लाख थी, वहीं 2023 में यह ₹75 लाख पहुंची. अगले साल यानी 2024 में उनका कारोबार ₹2 करोड़ को पार कर गया.
भविष्य की योजनाएं
अब अम्मार का लक्ष्य अपना खुद का ब्रांड बनाना और वेबसाइट लॉन्च करना है. वे हाई क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स का आयात (import) शुरू करने की योजना बना रहे हैं. साथ ही, भविष्य में निर्यात (export) के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाना चाहते हैं.
वह कहते हैं, “वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम से मैंने सीखा कि क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड यानी एक्सपोर्ट में बहुत बड़ा अवसर है. अब मैं उसी दिशा में काम कर रहा हूँ.”
युवा उद्यमियों के लिए अम्मार का संदेश सरल है. वे कहते हैं, “हमेशा ग्राहक की जगह खुद को रखिए. अगर आप खुद उस प्रोडक्ट को उस कीमत पर खरीदना चाहेंगे, तो बाकी लोग भी ज़रूर खरीदेंगे. सच्चाई और ईमानदारी से काम करें. ग्राहक उसे महसूस करते हैं.”
अम्मार की कहानी यह साबित करती है कि सफलता किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती. अगर जज़्बा, मेहनत और सीखने की ललक है, तो कोई भी नवादा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर भारत के हर कोने में अपनी पहचान बना सकता है. आज उनका सफर उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं.



