कल्पेश रामोलिया ने 10 हजार रु से शुरू किया कूलर बनाने का बिजनेस, अब 150 करोड़ की कंपनी
मज़बूरी में स्कूल छूटा फिर भी कल्पेश रामोलिया ने हार नहीं मानी और 10,000 रु से Raj Cooling Systems की शुरुआत की. आज कंपनी 150 करोड़ टर्नओवर और 5000 से अधिक डीलर के साथ 32 देशों में कारोबार कर रही है. पढ़िए उनकी सफलता की प्रेरक कहानी.
“सिर्फ़ 10x10 फीट के एक छोटे से कमरे से शुरू होकर, 150 करोड़ रुपये की कंपनी और 32 से ज़्यादा देशों में एक्सपोर्ट – यह कहानी है एक ऐसे शख्स की, जिसने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी, लेकिन सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा.”
साल 2006 में जब राजकोट के एक साधारण से युवक कल्पेश रामोलिया (Kalpesh Ramoliya) ने Raj Cooling Systems (राज कूलिंग सिस्टम्स) की नींव रखी, तब उनके पास न तो ज्यादा पैसे थे, न कोई डिग्री, और न ही इंडस्ट्री का अनुभव. बस था तो एक सपना – कुछ अपना बनाने का, और उस सपने को साकार करने का ज़िद्दी हौसला. उन्होंने स्कूल की पढ़ाई मजबूरी में छोड़ दी थी, लेकिन सीखने और मेहनत करने का जज़्बा कभी नहीं छोड़ा. शुरूआती दो साल नुकसान और संघर्ष से भरे थे, पर हार नहीं मानी.
आज वही कल्पेश रामोलिया, राज कूलिंग सिस्टम्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) हैं – एक ऐसी कंपनी जो पर्यावरण के अनुकूल, स्मार्ट और एनर्जी-एफिशिएंट कूलिंग सॉल्यूशंस में देश भर में एक पहचान बन चुकी है.
YourStory हिंदी के साथ एक विशेष बातचीत में कल्पेश रामोलिया ने अपनी यात्रा, चुनौतियों, नवाचारों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया. यहां आप भी पढ़िए इस इंटरव्यू के संपादित अंश—
YourStory [YS]: Raj Cooling Systems की शुरुआत कैसे हुई और अब तक का सफर कैसा रहा है?
कल्पेश रामोलिया [कल्पेश]: 2006 में मैंने Raj Cooling Systems की शुरुआत एक छोटे से सपने के साथ की थी — अपना खुद का बिजनेस करने का सपना. मैं पढ़ाई में अच्छा नहीं था और स्कूल भी बीच में ही छोड़ दिया, लेकिन मन में हमेशा कुछ नया और अपना करने की चाह थी. महज ₹10,000 की पूंजी और 10×10 फीट के एक छोटे से कमरे से हमने यह यात्रा शुरू की.
शुरुआती दो साल बहुत कठिन थे — नुकसान उठाए, संसाधनों की कमी थी, लेकिन हम डटे रहे. धीरे-धीरे बेहतर प्लानिंग, प्रोफेशनल मैनेजमेंट और लगातार नवाचार के साथ हम आगे बढ़ते गए. आज हम ₹150 करोड़ की कंपनी हैं, जो 32 देशों में एक्सपोर्ट करती है. हमारी टीम में 300+ लोग हैं और देशभर में 5,000 से अधिक डीलर्स का नेटवर्क है. लेकिन मेरा मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है.
YS: आपकी कंपनी के कूलिंग प्रोडक्ट्स में ऐसी क्या खास बातें हैं, जो इसे बाकी ब्रांड्स से अलग बनाती है?
कल्पेश: हमारा फोकस है — स्मार्ट और एनर्जी-एफिशिएंट कूलिंग सॉल्यूशन्स देना, जो पूरी तरह से “Made in India” हैं. हमारे कूलर बिजली की बचत करते हैं, पर्यावरण के अनुकूल हैं और टिकाऊ मटेरियल से बनाए जाते हैं. सभी प्रोडक्ट्स ISO 9001:2015 सर्टिफाइड हैं, जो इंटरनेशनल क्वालिटी स्टैंडर्ड को दर्शाते हैं.
हमारे ब्रांड एंबेसडर ‘The Great Khali’ हमारी ताकत, भरोसे और विश्वसनीयता का प्रतीक हैं. ग्राहक हमारे लिए सर्वोपरि हैं और हम उनकी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार इनोवेशन करते रहते हैं.
YS: Raj Cooling के मुख्य प्रोडक्ट्स कौन-कौन से हैं, और वे लोगों की अलग-अलग जरूरतों को कैसे पूरा करते हैं?
कल्पेश: हम तीन सेगमेंट — रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल — के लिए प्रोडक्ट्स बनाते हैं. घरेलू उपयोग के लिए हमारे कूलर स्टाइलिश, कॉम्पैक्ट और इन्वर्टर-फ्रेंडली होते हैं. शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों के लिए हमारे पास टेंट व कमर्शियल कूलर हैं, जो मोबाइल और हाई-कैपेसिटी वाले होते हैं.
इंडस्ट्रियल ज़रूरतों के लिए हम डक्ट कूलर, HVLS फैन और मिस्ट फैन बनाते हैं. इसके अलावा, हमने हाल ही में प्लास्टिक फर्नीचर सेगमेंट में भी कदम रखा है, जिससे हमारे प्रोडक्ट्स की रेंज और बढ़ गई है.

Raj Cooling Systems की प्रोडक्ट रेंज
YS: आप अपने प्रोडक्ट्स में अच्छी क्वालिटी, बेहतर काम करने की क्षमता (एफिशिएंसी) और पर्यावरण का ध्यान (सस्टेनेबिलिटी) कैसे रखते हैं?
कल्पेश: हम शुरुआत से ही क्वालिटी-फर्स्ट अप्रोच अपनाते हैं. बेहतरीन मटेरियल का उपयोग, मल्टीपल क्वालिटी चेक्स और ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग हमें दूसरों से अलग बनाती है.
हमारे प्रोडक्ट्स में एनर्जी सेविंग मोटर और रीसायक्लेबल प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है. इसके अलावा, हमारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में वॉटर री-यूज़ सिस्टम लगाया गया है, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है. टेक्नोलॉजी और पर्यावरण संरक्षण के इस तालमेल से हम टिकाऊ और भरोसेमंद प्रोडक्ट्स बनाते हैं.
YS: ‘Make in India’ मुहिम आपके लिए क्या मायने रखती है?
कल्पेश: "Make in India" हमारे ब्रांड की आत्मा है. हमारे सारे प्रोडक्ट्स भारत में ही डिज़ाइन और मैन्युफैक्चर होते हैं. हमारा उद्देश्य न केवल आत्मनिर्भर बनना है, बल्कि स्थानीय टैलेंट को मौका देना भी है.
हम मानते हैं कि भारतीय इनोवेशन में वह ताकत है, जो दुनिया को दिशा दे सकता है. Raj Cooling Systems इसी सोच का सजीव उदाहरण है.
YS: आपकी अब तक की कारोबारी यात्रा में कौन-कौन से अहम पड़ाव रहे और क्या बड़ी चुनौतियां आईं?
कल्पेश: शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती थी — बाजार में भरोसा और पहचान बनाना, वह भी बेहद सीमित संसाधनों के साथ. 2016 में ₹1 करोड़ का टर्नओवर हमारे लिए एक माइलस्टोन था. वित्त वर्ष 2024-25 में हम ₹150 करोड़ तक पहुंचे और अब हमारा लक्ष्य ₹400 करोड़ है.
2025 में हमने दुनिया का सबसे बड़ा एयर कूलर (ROXXCOOL) बनाया, जिसकी ऊंचाई 16 फीट और वॉटर कैपेसिटी 2,500 लीटर है. यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्शाता है कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है.
YS: निकट भविष्य में आप Raj Cooling Systems को कैसे आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं?
कल्पेश: हमारा लक्ष्य है कि हम Raj Cooling Systems को ₹6000 करोड़ वैल्यूएशन तक ले जाएं और एक ग्लोबल (वैश्विक) ब्रांड बनाएं. हम रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ा रहे हैं ताकि तकनीकी उन्नयन और बेहतर एनर्जी एफिशिएंसी हासिल की जा सके.
हम भारत के साथ-साथ नए इंटरनेशनल मार्केट्स में भी कारोबार विस्तार करना चाहते हैं. ग्राहक की संतुष्टि, नवाचार और नैतिक व्यापार हमारे मूल सिद्धांत बने रहेंगे.
YS: जो युवा मैन्युफैक्चरिंग या हार्डवेयर स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, आप उन्हें क्या सलाह देना चाहेंगे?
कल्पेश: सबसे ज़रूरी है — सीखने की भूख और लगातार खुद को बेहतर बनाते रहना. शॉर्टकट से कभी सफलता नहीं मिलती. हमेशा क्वालिटी को प्राथमिकता दें, एक भरोसेमंद टीम बनाएं और स्मार्ट नेटवर्किंग करें.
सफलता तुरंत नहीं मिलती — धैर्य रखें, बार-बार गिरेंगे लेकिन हर बार उठें. और सबसे अहम बात — नवाचार (इनोवेशन) करते रहें, क्योंकि यही आपको भीड़ से अलग बनाता है.



