TechSparks 2025: कुणाल कपूर बोले — अपने मकसद से कभी न भटकें, जिज्ञासु बने रहें
आज की जुड़ी हुई दुनिया में एक्टर और Ketto के को-फाउंडर कुणाल कपूर का मानना है कि जिज्ञासा इंसान की सबसे बड़ी ताकत है. वह कहते हैं, “जिज्ञासा एक सुपरपावर है. हमारे आसपास इतनी जानकारी और अवसर हैं, लेकिन हमें कभी भी जिज्ञासु होने की इच्छा नहीं खोनी चाहिए.”
एक्टर और Ketto के को-फाउंडर कुणाल कपूर (Kunal Kapoor) का मानना है कि असली और लंबे समय तक चलने वाली सफलता का राज है—अपने उद्देश्य के प्रति सच्चे रहना और हमेशा जिज्ञासु बने रहना.
TechSparks 2025 में YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा के साथ एक बातचीत में कुणाल कपूर ने बताया कि कैसे जिज्ञासा ने उनके अभिनय और उद्यमिता, दोनों सफरों को आकार दिया है. उनके लिए जिज्ञासा सिर्फ एक गुण नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है.
कुणाल कहते हैं, “मेरे पास कभी कोई बड़ा या तयशुदा प्लान नहीं था. लेकिन चाहे मैं फिल्मों में हूं या बिजनेस में, मैं हमेशा यही सोचता हूं कि मैंने शुरुआत क्यों की थी. उसी मकसद को याद रखना सबसे जरूरी है.”
वह कहते हैं कि कई बार स्टार्टअप्स अपने उद्देश्य से भटक जाते हैं.
उन्होंने आगे कहा, “आप शुरुआत में एक मकसद लेकर चलते हैं—कुछ बदलने या कुछ अच्छा बनाने के लिए. फिर कोई निवेशक कहता है पिवट करो, या प्रतिस्पर्धा के कारण लागत घटानी पड़ती है, और धीरे-धीरे आपकी कहानी कमजोर पड़ने लगती है. आप सब जैसे बन जाते हैं. यही सबसे खतरनाक स्थिति होती है.”
कुणाल के लिए स्पष्ट उद्देश्य ही उन्हें ज़मीन से जोड़े रखता है.
वह कहते हैं, “फिल्मों में भी कुछ प्रोजेक्ट्स चले नहीं, लेकिन मेरा ‘क्यों’ साफ था, इसलिए मुझे निराशा नहीं हुई. और कुछ फिल्में चलीं, लेकिन उनका मकसद मेरे मूल्यों से मेल नहीं खाता था—तो संतोष नहीं मिला.”
कुणाल के अनुसार, केवल उद्देश्य ही नहीं, बल्कि जिज्ञासा उन्हें आगे बढ़ाती है.
वह मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं हमेशा जिज्ञासु रहा हूं. मैंने खुद को सिर्फ ‘एक्टर कुणाल कपूर’ तक सीमित नहीं रखा. मैं कुणाल कपूर पायलट भी हो सकता हूं, रेस कार ड्राइवर, उद्यमी, कवि या लेखक—जो भी मैं बनना चाहूं.”
आज की दुनिया में, जहां हर जगह जानकारी और अवसर हैं, कुणाल मानते हैं कि जिज्ञासा ही सबसे बड़ी ताकत है.
वह कहते हैं, “जिज्ञासा एक सुपरपावर है. इतनी जानकारी और संभावनाओं के बीच, हमें कभी भी जिज्ञासु होना नहीं छोड़ना चाहिए.”
क्या आप भी अपने जीवन में जिज्ञासा की ताकत को महसूस करते हैं? कुणाल कपूर का यह संदेश शायद वही प्रेरणा है जिसकी आज हर युवा को जरूरत है.

Edited by रविकांत पारीक



