Rapido का ‘Pink Mobility’ मिशन, 2 लाख महिलाएं चलाएंगी बाइक, कैब और ऑटो: को-फाउंडर अरविंद संका
Rapido के को-फाउंडर अरविंद संका ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि Rapido की लगभग 35% राइड्स महिलाएं लेती हैं. इसी वजह से कंपनी ने कई सुरक्षा फीचर्स और उपाय शुरू किए हैं, ताकि महिला यात्रियों में भरोसा और आराम की भावना बनी रहे.
ज़रा सोचिए, अगर आपके शहर की सड़कों पर हज़ारों महिलाएं बाइक, कैब या ऑटो चलाती दिखें, जो आपको ट्रैफिक के बीच से सुरक्षित आपकी मंज़िल तक पहुंचा रही हों. सुनने में सपना सा लगता है, लेकिन Rapido इस सपने को हकीकत बनाने जा रहा है.
Rapido के को-फाउंडर अरविंद संका (Aravind Sanka) ने बताया कि कंपनी की अगली बड़ी योजना है—अधिक महिलाओं को कैप्टन के रूप में शामिल करना.
वे बेंगलुरु में आयोजित TechSparks 2025 के दौरान YourStory और The Bharat Project की फाउंडर श्रद्धा शर्मा से बात कर रहे थे.
अरविंद संका ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा कंपनी के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि बड़े शहरों में Rapido की लगभग 35% राइड्स महिलाएं बुक करती हैं.
उन्होंने कहा, “समय के साथ हमने महिलाओं के बीच सुरक्षा को लेकर भरोसा बनाया है. हमने कई सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े हैं, प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षा को और मजबूत किया है. अगर ग्राहक महिला होती है, तो हम अतिरिक्त सतर्कता बरतते हैं. इन सबने महिलाओं में विश्वास और आराम की भावना पैदा की है, जिस पर हमें गर्व है.”
अब Rapido का अगला कदम है—महिलाओं को ‘कैप्टन’ के रूप में जोड़ना.
संका ने कहा, “हम चाहते हैं कि प्लेटफ़ॉर्म के दूसरे हिस्से में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़े. आज भी गिग इकॉनमी में 98–99% पुरुष हैं. चाहे डिलीवरी पार्टनर हों या कैब और ऑटो कैप्टन—महिलाएं अभी भी बहुत पीछे हैं. इसका कारण है जागरूकता, प्रशिक्षण और संसाधनों की कमी. अगर हमें ये बदलना है, तो इसके लिए साफ़ इरादा और मेहनत ज़रूरी है.”
उन्होंने आगे कहा कि Rapido महिलाओं को ट्रेनिंग देने और उन्हें वाहन तक पहुंच उपलब्ध कराने पर काम कर रहा है.
उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि बड़ा बदलाव तभी आता है जब उसके पीछे सच्चा इरादा हो. हमारे लिए वो इरादा बहुत स्पष्ट है. चुनौती बड़ी है, लेकिन अगर हम सरल और केंद्रित रहेंगे, तो इसे हासिल किया जा सकता है.”
इस साल की शुरुआत में Rapido ने घोषणा की थी कि वह अपने ‘Pink Mobility’ इनिशिएटिव के तहत 2 लाख महिला कैप्टन को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ेगा.
Rapido का यह कदम न केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित सफर सुनिश्चित करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा.

Edited by रविकांत पारीक



