90% कंटेंट AI से बना, Pocket FM अब मुनाफे में — CEO रोहन नायक
Pocket FM ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी दिशा बदल दी. अब 90% कंटेंट AI से तैयार होता है, जिससे कंपनी 1000 करोड़ रु से ज्यादा की आय और फ्री कैश फ्लो हासिल कर चुकी है. अमेरिका, जर्मनी और लैटिन अमेरिका में भी Pocket FM की कहानियां धूम मचा रही हैं.
ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म Pocket FM ने यह साबित कर दिया है कि अगर टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल किया जाए, तो सबसे चुनौतीपूर्ण इंडस्ट्री में भी मुनाफा कमाया जा सकता है. मनोरंजन सेक्टर में जहां लगातार नया कंटेंट बनाना और दर्शकों को जोड़े रखना बेहद मुश्किल होता है, वहीं Pocket FM ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी पूरी दिशा बदल दी है.
कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ रोहन नायक ने YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा से TechSparks 2025 के मंच पर हुई बातचीत में बताया कि आज Pocket FM का 90 प्रतिशत से ज्यादा कंटेंट AI से तैयार होता है.
उन्होंने कहा, “हमारे 100 प्रतिशत मार्केटिंग वीडियो भी AI से बनते हैं. जर्मनी और लैटिन अमेरिका जैसे नए बाजारों में हमने बिना किसी टीम के सिर्फ AI की मदद से लॉन्च किया है. इसी वजह से आज हम मुनाफे में हैं.”
AI ने बचाया खर्च, बढ़ाई कमाई
रोहन नायक ने बताया कि साल 2025 की शुरुआत में कंपनी कैश खर्च कर रही थी, लेकिन जैसे-जैसे AI प्रोजेक्ट्स का असर दिखा, नतीजे आने लगे.
उन्होंने कहा, “AI के इस्तेमाल से न सिर्फ हमारे प्लेटफॉर्म पर नए यूज़र्स आए, बल्कि यूज़र रिटेंशन भी बढ़ा. इससे हमारी प्रॉफिटेबिलिटी पर लगभग 20 प्रतिशत का सीधा असर पड़ा. अब हम फ्री कैश फ्लो जेनरेट कर रहे हैं.”
तेज़ी से बढ़ता कारोबार
Pocket FM इस समय साल-दर-साल 80 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है. कंपनी का एनुअल रेवेन्यू रन रेट (ARR) 350 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. नायक का कहना है कि अगर AI न होता, तो यह ग्रोथ संभव नहीं थी.
उन्होंने कहा, “पहले हम 40 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद करते थे. लेकिन जैसे ही हमने AI पर फोकस किया, हमें दुनियाभर के कई टैलेंटेड राइटर्स मिले. उनके शानदार शो ने हमें तेजी से स्केल करने में मदद की.”

Pocket FM के को-फाउंडर और सीईओ रोहन नायक YourStory के प्रमुख इवेंट TechSparks 2025 के मंच पर
बनारस से अमेरिका तक पहुंची कहानियां
नायक ने एक खास अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ा पल वह था जब बनारस के एक लेखक की कहानी अमेरिका के दर्शकों तक पहुंची. उस लेखक ने प्लेटफॉर्म से हुई कमाई से अपने परिवार की मदद की. यह बहुत भावुक करने वाला पल था.”
उन्होंने बताया कि दुनिया की ज्यादातर कहानियों का मूल एक जैसा होता है.
उन्होंने आगे कहा, “अगर सांस्कृतिक पहलू हटा दें तो कहानी का दिल हर जगह एक जैसा होता है.”
AI बना कंपनी की रीढ़
वित्त वर्ष 24 Pocket FM के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. कंपनी की आय छह गुना बढ़कर ₹1,000 करोड़ से ज्यादा हो गई. वहीं नुकसान 21 प्रतिशत घटकर ₹165 करोड़ पर आ गया.
रोहन नायक ने कहा कि Pocket FM के लिए AI कोई ट्रेंड या बज़वर्ड नहीं है, बल्कि यह कंपनी के अस्तित्व से जुड़ा फैसला था.
उन्होंने कहा, “अगर हम AI पर काम नहीं करते, तो शायद हम टिक नहीं पाते. क्योंकि आज कंटेंट प्रोडक्शन की लागत तेजी से शून्य की ओर जा रही है. हमें उसी रफ्तार से आगे बढ़ना था.”
AI टूल्स से हुआ कंटेंट क्रिएशन आसान
पिछले एक साल में कंपनी ने कई AI-पावर्ड टूल्स लॉन्च किए हैं. इनमें नया AI Copilot भी शामिल है जो राइटर्स को पूरी ऑडियो सीरीज बनाने में मदद करता है. यह टूल लेखक के ब्रीफ के आधार पर एपिसोड तैयार कर सकता है, आवाज़ और बैकग्राउंड म्यूजिक खुद जोड़ता है.
Pocket FM के मुताबिक अब तक 50,000 से ज्यादा AI शो प्लेटफॉर्म पर तैयार हो चुके हैं. कंपनी के टॉप राइटर्स सालाना ₹50 लाख तक कमा रहे हैं.
AI ने बनाया आत्मनिर्भर, दुनिया भर में विस्तार
Pocket FM ने तीन साल पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखा था. आज इसकी 75 प्रतिशत से ज्यादा कमाई विदेशों से आती है, खासकर अमेरिका से. अब कंपनी ने AI की मदद से जर्मनी और लैटिन अमेरिका में भी एंट्री ली है.
रोहन नायक कहते हैं, “अब मैं देख रहा हूं कि भारतीय उद्यमी भी ग्लोबल सोचने लगे हैं. अमेरिका में कोई नहीं पूछता कि आप विदेशों में जाएंगे या नहीं. वहां यह सवाल ही नहीं उठता. हमें भी यही मानसिकता अपनानी होगी.”
साल 2025 की शुरुआत में Pocket FM नुकसान में थी. लेकिन जैसे ही AI प्रोजेक्ट्स का असर दिखा, कंपनी ने न केवल ग्रोथ हासिल की बल्कि प्रॉफिटेबल बनकर फ्री कैश फ्लो जेनरेट करना शुरू कर दिया.
AI ने Pocket FM के लिए केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि एक नई कहानी लिखी है, जहां टेक्नोलॉजी, टैलेंट और कहानियों का संगम एक वैश्विक मंच पर हुआ.

Edited by रविकांत पारीक



