राजनीति नहीं, स्टार्टअप का था सपना! उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू की दिलचस्प कहानी
TechSparks 2025 में बोलते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि वे राजनीति में अपने पिता के 2012 में हुए असमय निधन के बाद आए. उन्होंने कहा, अगर ऐसा नहीं हुआ होता, तो वे एक उद्यमी (entrepreneur) बनना चाहते थे.
अगर वे राजनीति में नहीं होते, तो शायद किसी बिज़नेस की शुरुआत कर चुके होते या उद्यमी (ऑन्त्रप्रेन्योर) बन गए होते — ऐसा कहना है केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (Union Minister for Civil Aviation) राममोहन नायडू किंजारापु (Rammohan Naidu Kinjarapu) का.
वे YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा के साथ एक फायरसाइड चैट में बात कर रहे थे. यह बातचीत YourStory के प्रमुख इवेंट TechSparks के 16वें संस्करण TechSparks 2025 के दौरान हुई.
नायडू ने कहा, “मैं श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश के उत्तरी भाग) से हूं और किसी न किसी वजह से हमेशा अपनी जमीन से जुड़ा रहा हूं. मैंने दिल्ली में पढ़ाई की, फिर अमेरिका जाकर बैचलर और मास्टर्स किया. लेकिन हमेशा मन में यही था कि मुझे अपने श्रीकाकुलम के लिए कुछ करना है. मैं एक स्टार्टअप या किसी बिजनेस के जरिए कुछ बड़ा करना चाहता था. मैं एक उद्यमी बनने का सपना देखता था.”
तीसरी बार सांसद बने राममोहन नायडू ने Long Island University, न्यूयॉर्क और Purdue University, इंडियाना से पढ़ाई की है. उनके पिता किंजारापु येर्रन नायडू, जो एक वरिष्ठ राजनेता थे, साल 2012 में श्रीकाकुलम में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया.
नायडू ने आगे कहा, “मैंने हमेशा देखा कि मेरे पिता राजनीति में दिन-रात काम करते थे. वे लोगों के लिए जो अच्छा करते थे, जो मेहनत करते थे, वो सब देखकर मुझे लगता था कि मैं राजनीति के लिए नहीं बना हूं. मुझे हमेशा लगता था कि मुझे कुछ खुद का शुरू करना है. इसलिए अगर राजनीति में नहीं आता, तो मैं पूरी ताकत से उद्यमी बनने की कोशिश करता.”
भारत के एविएशन सेक्टर में नए बदलाव
राममोहन नायडू के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.
भारत के ड्रोन उद्योग को बड़ा फायदा हुआ है जब सरकार ने GST दरों में कटौती की. पहले कैमरे वाले ड्रोन पर 18% GST और पर्सनल इस्तेमाल वाले ड्रोन पर 28% GST लगता था. लेकिन अब नई नीति के तहत सभी ड्रोन — चाहे कैमरा लगा हो या न हो, व्यावसायिक या निजी उपयोग के लिए — सिर्फ 5% GST पर मिलेंगे.
इसके अलावा, गुरुवार को नायडू ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही “सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)” पर राष्ट्रीय नीति लाने जा रही है.
यह ईंधन गैर-जीवाश्म स्रोतों से बनाया जाएगा. भारत में यह ईंधन बायोमास और कृषि अवशेषों से तैयार किया जा सकता है, जो देश को एक बड़ी बढ़त देता है.
इससे भारत अपनी कच्चे तेल पर निर्भरता घटा सकेगा और नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के करीब पहुंच सकेगा.
क्या आपको भी लगता है कि अगर राममोहन नायडू राजनीति में न आते, तो एक सफल स्टार्टअप फाउंडर होते?

Edited by रविकांत पारीक



