Zepto की 10-मिनट क्रांति अब फैशन, ब्यूटी और फार्मेसी तक पहुंची, जानिए कैसे...
Zepto अब सिर्फ ग्रोसरी नहीं, बल्कि फैशन, ब्यूटी और फार्मेसी जैसी नई कैटेगरी में भी 10 मिनट में डिलीवरी कर रहा है. को-फाउंडर कैवल्य वोहरा ने TechSparks 2025 के मंच पर बताया कि D2C ब्रांड्स और इन-हाउस टेक्नोलॉजी Zepto की तेज़ सफलता की असली कुंजी हैं.
भारत का क्विक कॉमर्स बाजार तेजी से बढ़ रहा है और Zepto इस क्रांति के केंद्र में है. कंपनी के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा (Kaivalya Vohra) ने YourStory की फाउंडर और सीईओ श्रद्धा शर्मा से TechSparks 2025 के मंच पर बातचीत के दौरान बताया कि Zepto की ज़्यादातर बिक्री आज भी पारंपरिक श्रेणियों से आती है, जैसे फल, सब्जियां, आटा, दाल, मसाले और रोज़मर्रा के FMCG प्रोडक्ट.
लेकिन अब इन पारंपरिक श्रेणियों में भी नए D2C ब्रांड्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है.
वोहरा ने कहा, “घी और तेल जैसी पारंपरिक कैटेगरी में भी नए ब्रांड्स की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है. हमने जानबूझकर इन ब्रांड्स को बढ़ने का मौका दिया है.”
उन्होंने बताया कि Two Brothers जैसे नए ब्रांड Zepto पर बेहद अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
D2C ब्रांड्स की लहर
वोहरा ने कहा कि अब हर कैटेगरी में उद्यमी नए अवसर खोज रहे हैं. उन्होंने कहा, “अगर आपको किसी बुनियादी चीज़ में भी कोई समस्या दिखती है, तो आप उसमें नवाचार कर सकते हैं. बड़ा करने के लिए बड़ी आइडिया की ज़रूरत नहीं होती.”
Zepto ने D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स के लिए प्लेटफॉर्म को आसान बनाया है. कंपनी उन्हें सही ग्राहक तक पहुंचाने के लिए टूल्स, विज़िबिलिटी और डेटा सपोर्ट दे रही है.
वोहरा ने कहा, “अगर आप Zepto ऐप खोलकर किसी भी कैटेगरी में जाएंगे, तो आपको दर्जनों नए D2C ब्रांड्स मिलेंगे जो शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.”
वितरण का लोकतंत्रीकरण
वोहरा ने कहा कि पहले FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) में वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) ही सबसे बड़ा मोर्चा होता था. जो जितने पिन कोड में पहुंचा, वही जीता. लेकिन अब Zepto जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने यह दीवार तोड़ दी है. अब छोटे ब्रांड भी देशभर के ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं.
Zepto के CTO निखिल मित्तल ने बताया कि भारतीय उपभोक्ता अब पहले से कहीं ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने आगे कहा, “कई बार कहा जाता है कि भारतीय ग्राहक खर्च नहीं करते, लेकिन हमने इसका उल्टा देखा है. आज की पीढ़ी वैल्यू-सेंसिटिव है, लेकिन अगर उन्हें सही गुणवत्ता और कीमत मिले, तो वे खर्च करने से पीछे नहीं हटते.”

YourStory के प्रमुख इवेंट TechSparks 2025 के मंच पर Zepto के को-फाउंडर कैवल्य वोहरा
ग्रोसरी से फैशन और फार्मेसी तक
Zepto अब सिर्फ ग्रोसरी प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है. वोहरा ने बताया कि कंपनी ने नए कैटेगरी जैसे फैशन और फार्मेसी में भी तेजी से विस्तार किया है.
उन्होंने कहा, “सिर्फ एक साल पहले तक Zepto पर कपड़ों में मोजे और अंडरवियर जैसे बेसिक आइटम ही होते थे. आज यह हमारी सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली कैटेगरी बन चुकी है.”
कंपनी अब Manyavar के कुर्ते, Levi’s की जींस और Reebok के जूते भी 10 मिनट में डिलीवर कर रही है.
वोहरा ने बताया, “इसके लिए हमें सप्लाई चेन में बड़े बदलाव करने पड़े. अब हम 10 मिनट में रिटर्न भी हैंडल कर सकते हैं.”
टेक्नोलॉजी बनी Zepto की सबसे बड़ी ताकत
Zepto ने अपनी पूरी टेक्नोलॉजी इन-हाउस बनाई है. इससे कंपनी नई कैटेगरी लॉन्च करने में बेहद तेज़ी से काम कर सकती है. वोहरा ने कहा, “हर कैटेगरी अलग होती है, लेकिन चूंकि हमने पूरा टेक स्टैक खुद बनाया है, इसलिए नए वर्टिकल जोड़ना बहुत आसान है.”
निखिल मित्तल ने बताया कि Zepto ने अपने ग्राहक सहायता केंद्रों में AI का बड़ा इस्तेमाल किया है.
उन्होंने कहा, “पिछले 12 महीनों में हमने 70% से ज्यादा कस्टमर टिकट्स को जनरेटिव AI एजेंट्स से पूरी तरह ऑटोमेट किया है. इससे लागत घटी है और ग्राहक अनुभव बेहतर हुआ है.”
AI का इस्तेमाल डिमांड प्रेडिक्शन, सर्च ऑप्टिमाइजेशन और इन्वेंटरी मैनेजमेंट में भी किया जा रहा है. वोहरा ने बताया, “हमारी एक्सपायरी या डंप रेट इंडस्ट्री में सबसे कम है.”
शक से शुरुआत, IPO तक की उड़ान
वोहरा ने याद किया कि जब Zepto ने मुंबई में शुरुआत की, तब बहुत लोगों को शक था कि 10 मिनट में डिलीवरी संभव भी है या नहीं.
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मेरी मां तक को विश्वास नहीं हुआ था. उन्होंने कहा था कि लोकल डिलीवरी भी मुश्किल है, तो पूरे शहर में कैसे होगा. लेकिन हमने कर दिखाया.”
Zepto ने हाल ही में 450 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई है, जिससे कंपनी की कुल वैल्यू 7 बिलियन डॉलर हो गई है. कंपनी के पास अब करीब 900 मिलियन डॉलर की नकदी है.
वोहरा ने कहा, “हमने जो फंडिंग हासिल की है, उसका इस्तेमाल बहुत समझदारी से किया है. हमारा लक्ष्य सिर्फ खर्च करना नहीं, बल्कि समझदारी से निवेश करना है.”
उन्होंने जोड़ा, “हम चाहें तो आज ही लाभ में जा सकते हैं, लेकिन अभी हमारा मकसद भारत के सबसे बड़े रिटेल बाजार को कैप्चर करना है. यह बाजार ट्रिलियन डॉलर से बड़ा है, और हम अभी बस 0.1% रास्ता ही तय कर पाए हैं.”
भविष्य की दिशा
Zepto का लक्ष्य स्पष्ट है—ग्राहकों को तेज़, सस्ता और बेहतर अनुभव देना. वोहरा ने कहा, “Jeff Bezos ने 20 साल पहले जो दर्शन दिया था—ग्राहक हमेशा तेज़ डिलीवरी, ज्यादा विकल्प और कम कीमत चाहते हैं—हम उसी पर काम कर रहे हैं. हमारा काम है, हर दिन थोड़ा बेहतर बनना.”
Zepto का सफर यह साबित करता है कि जब तकनीक, नवाचार और सादगी एक साथ आते हैं, तो कोई भी विचार असंभव नहीं रहता—यहां तक कि 10 मिनट में किसी भी चीज़ की डिलीवरी भी.

Edited by Ravi Pareek



