21 की उम्र में शुरू किया बिजनेस, अब 500 करोड़ का फैशन ब्रांड
The Indian Garage Co (TIGC) की शुरुआत अनंत तांतेड ने 21 साल की उम्र में की थी. ब्रांड ने D2C मॉडल और बिना ब्रांड टैक्स वाली रणनीति से 500 करोड़ रु का GMV पार किया और भारतीय फैशन को नई दिशा दी.
हाइलाइट्स
अनंत तांतेड ने 21 की उम्र में शुरू किया TIGC ब्रांड
D2C मॉडल से सीधे ग्राहक तक पहुंच
TMRW से मिली ₹155 करोड़ की फंडिंग
₹500Cr GMV पार, दुनिया भर में विस्तार जारी
2012 का भारत—फैशन की दुनिया में कुछ ही बड़े नाम राज कर रहे थे. ट्रेंड्स पर कुछ गिने-चुने ब्रांड्स का कब्ज़ा था, और आम उपभोक्ता को या तो बहुत महंगे दामों पर कपड़े खरीदने पड़ते थे या फिर क्वालिटी से समझौता करना पड़ता था.
इसी दौर में बेंगलुरु के युवा उद्यमी अनंत तांतेड (Anant Tanted) ने यह सोचते हुए कुछ अलग करने की ठानी कि, “क्या फैशन सिर्फ अमीरों का हक है?”
मैन्युफैक्चरिंग बैकग्राउंड से आने वाले अनंत ने देखा कि नामी ब्रांड्स की असली कमाई ‘ब्रांड टैक्स’ से हो रही थी—यानी ग्राहक कपड़े की कीमत नहीं, लेबल की कीमत चुका रहा था. यही सोच उन्हें अंदर तक झकझोर गई.
YourStory हिंदी से बात करते हुए अनंत कहते हैं, “मुझे लगता था कि उपभोक्ता प्रोडक्ट के लिए नहीं, बल्कि ब्रांड के नाम के लिए ज्यादा कीमत चुका रहा है. इससे एक सिंपल लेकिन पावरफुल आइडिया आया—क्यों न ऐसा ब्रांड बनाया जाए जहां ग्राहक सिर्फ फैशन के लिए पैसा दे, न कि नाम के लिए.”
उन्होंने फैसला किया कि एक ऐसा ब्रांड बनाना है जो ब्रांड की चमक नहीं, प्रोडक्ट की सच्चाई पर खड़ा हो. जहां ग्राहक उस चीज के लिए पैसे दे, जो वह पहन रहा है—टैग पर लिखे नाम के लिए नहीं.
इसी सोच के साथ जन्म हुआ Co (TIGC) का—एक ऐसा D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड जिसने फैशन को आम लोगों की पहुंच में लाकर एक नई क्रांति की शुरुआत की.

शुरुआत में, TIGC को पारंपरिक रिटेल मॉडल के चक्कर में काफी संघर्ष करना पड़ा. दुकानों में जगह पाने के लिए अनंत शहर-शहर घूमते थे, सैंपल दिखाते थे, लेकिन नतीजा धीरे-धीरे आता था.
तब उन्होंने D2C यानी डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर मॉडल अपनाया. अनंत बताते हैं, “अब ग्राहक ही असली किंग है. वो जो पसंद करता है, वही बिकता है. रिटेलर की मर्जी अब फैशन तय नहीं करती. D2C ने फैशन को डेमोक्रेटिक बना दिया है.”
अब TIGC अपने प्रोडक्ट्स , , Ajio, जैसी वेबसाइट्स पर सीधे ग्राहकों तक पहुंचाता है, बिना किसी मिडलमैन (बिचौलिए) के.
अनंत बताते हैं कि जब उन्होंने TIGC शुरू किया, वे सिर्फ 21 साल के थे और उनके पास फंड्स नहीं थे. बैंक से लोन मिलना मुश्किल था, ऑफिस छोटा था और टीम जुटाना भी चुनौती थी.
वे आगे बताते हैं, “मैं हर किसी को कुछ न कुछ बेच रहा था—सप्लायर्स को क्रेडिट के लिए, बैंकों को वर्किंग कैपिटल के लिए, एम्प्लॉयीज़ को विज़न पर भरोसा करने के लिए. हर दिन एक जंग थी.” लेकिन इसी हौसले और भरोसे ने TIGC को खड़ा किया.
TIGC की डिज़ाइन फिलॉसफी सादा लेकिन दमदार है — “बोल्ड स्टाइल, किफ़ायती कीमत पर”. अनंत बताते हैं, “हम ट्रेंड्स को जल्दी पकड़ते हैं, लेकिन भारतीय कंफ़र्ट और जलवायु के हिसाब से ढालते हैं. TIGC सिर्फ ग्लैमर नहीं बेचता, बल्कि पहचान बनाता है.”
शुरुआत एक डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड के तौर पर हुई, लेकिन आज TIGC का ऑफलाइन नेटवर्क भी मजबूत है. बेंगलुरु में फ्लैगशिप स्टोर से लेकर पुणे, हैदराबाद, लखनऊ, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स हैं. इसके साथ-साथ 100 से ज्यादा फैशन फैक्ट्री स्टोर्स में भी TIGC मौजूद है.
भविष्य में कंपनी 100 खुद के स्टोर खोलने की योजना बना रहा है, जिससे ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर एक बहुत ही सहज फैशन अनुभव ले सकें.

The Indian Garage Co (TIGC) की टीम
ब्रांड TIGC का यूनिक सेलिंग पॉइंट है उसकी मैन्युफैक्चरिंग ताकत. अनंत कहते हैं, “हम ब्रांड नहीं, इकोसिस्टम हैं. खुद कपड़ा खरीदते हैं, डिज़ाइन बनाते हैं और मैन्युफैक्चर करते हैं. इसीलिए हम ब्रांड टैक्स नहीं लगाते.”
₹500 करोड़ की GMV (Gross Merchandise Value) तक पहुंचने का बड़ा श्रेय इसी मॉडल को जाता है. स्केल के कारण लागत घटती है और ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी कम दाम में मिलती है. आसान भाषा में समझें तो GMV वह रकम है जो अगर आपने एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस से सारे प्रोडक्ट्स बेचे हों, तो उनकी कुल कीमत क्या होगी. GMV से कंपनी की बिक्री की रफ्तार और प्लेटफॉर्म की स्केल का अंदाजा लगाया जाता है, लेकिन यह सीधे मुनाफे या कमाई को नहीं दर्शाता.
आज कंपनी ₹500 करोड़ का GMV पार कर चुकी है और लक्ष्य है इस साल ₹800 करोड़ तक पहुंचने का, और अगले 5 वर्षों में ₹1500 करोड़ तक.
अब TIGC एक ग्रोथ स्टोरी बन चुका है. के वेंचर से ₹155 करोड़ की फंडिंग हासिल हुई है.
ब्रांड TIGC अब सिर्फ पुरुषों की कैजुअल वियर कैटेगरी तक सीमित नहीं है. कंपनी ने वुमेन्स वियर और प्लस-साइज कैटेगरी में भी एंट्री कर ली है. अब नजर है फुटवियर और अन्य लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स पर. साथ ही, भारत से बाहर GCC (Middle East) मार्केट में भी TIGC ने दस्तक दे दी है.
जो लोग फैशन D2C ब्रांड शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए अनंत का संदेश साफ है: “हाइप या वैनिटी मेट्रिक्स के पीछे न भागें. ऐसा मॉडल बनाएं जो कागज़ पर ही नहीं, हकीकत में भी चले. और सबसे ज़रूरी—ऐसा प्रोडक्ट बनाएं जो किसी की ज़िंदगी में फर्क लाए.”
The Indian Garage Co (TIGC) की कहानी एक ऐसे इंसान की है जिसने फैशन को आम आदमी के करीब लाने का सपना देखा और उसे सच्चाई बना दिया. D2C मॉडल को गले लगाकर, मैन्युफैक्चरिंग का अनुभव लेकर, और ग्राहकों की पसंद को सबसे ऊपर रखकर TIGC ने यह साबित किया है कि भारत में भी वर्ल्ड-क्लास ब्रांड बनाए जा सकते हैं—जो सिर्फ नाम से नहीं, काम से बड़ा बनें.





