The Sweet Change को IAN Angel Fund की अगुवाई में मिली 70 लाख रुपये की फंडिंग
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करने, ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर विस्तार करने, ब्रांड की पहचान बढ़ाने और नई टीम तैयार करने में करेगी. कंपनी आने वाले समय में पूरे भारत में तेजी से अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती है.
भारत में हेल्दी फूड और फिटनेस को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है. अब लोग सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि सेहत को भी प्राथमिकता देने लगे हैं. इसी बदलाव के बीच नेचुरल स्वीटनर ब्रांड The Sweet Change ने ₹70 लाख की शुरुआती फंडिंग जुटाई है. इस फंडिंग राउंड की अगुवाई IAN Angel Fund ने की और इसमें Udaan Angel Partners ने भी हिस्सा लिया है.
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करने, ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर विस्तार करने, ब्रांड की पहचान बढ़ाने और नई टीम तैयार करने में करेगी. कंपनी आने वाले समय में पूरे भारत में तेजी से अपने कारोबार को बढ़ाना चाहती है.
The Sweet Change की शुरुआत साल 2024 में मानवी अग्निहोत्री (को-फाउंडर और CEO) और शीन हितैषी (को-फाउंडर और CBO) ने की थी. इस स्टार्टअप की कहानी एक ऐसी समस्या से शुरू हुई जिसे मानवी अग्रिहोत्री ने बहुत करीब से देखा था. वह पिछले 12 सालों से क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट के तौर पर काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने 11 हजार से ज्यादा मरीजों के साथ काम किया जो डायबिटीज, Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome - PMOS (पहले Polycystic Ovary Syndrome - PCOS), इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा और लाइफस्टाइल से जुड़ी दूसरी समस्याओं से जूझ रहे थे.
उन्होंने देखा कि ज्यादातर लोग चीनी कम करना चाहते थे लेकिन स्वाद छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था. बाजार में मौजूद कई शुगर सब्स्टीट्यूट लोगों का भरोसा नहीं जीत पाए. कई प्रोडक्ट्स में आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स थे और उनका स्वाद भी लोगों को पसंद नहीं आता था. इसी समस्या का हल निकालने के लिए The Sweet Change की शुरुआत की गई.
आज कंपनी ऐसे स्वीटनर प्रोडक्ट्स बना रही है जो नेचुरल इंग्रीडिएंट्स से तैयार होते हैं. कंपनी दावा करती है कि उसके प्रोडक्ट्स जीरो कैलोरी, जीरो शुगर और जीरो ग्लाइसेमिक हैं. इन्हें खासतौर पर हेल्थ कॉन्शियस लोगों और लाइफस्टाइल बीमारियों से जूझ रहे लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
कंपनी की को-फाउंडर और CEO मानवी अग्रिहोत्री का कहना है कि भारत को ऐसे स्वीटनर की जरूरत है जिस पर लोग भरोसा कर सकें. उन्होंने कहा कि कई सालों तक उन्होंने लोगों को चीनी छोड़ने की कोशिश करते देखा, लेकिन बाजार में सही विकल्प नहीं होने की वजह से लोग सफल नहीं हो पाए. उनका मानना है कि यह निवेश उन्हें भारत के हर ऐसे घर तक पहुंचने में मदद करेगा जो चीनी से बचना चाहता है.
स्टार्टअप ने बहुत कम समय में अच्छी शुरुआत दिखाई है. लॉन्च के सिर्फ एक साल के भीतर कंपनी ने ₹1.5 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर लिया. इसके अलावा कंपनी अपनी वेबसाइट के जरिए देशभर में 12 हजार से ज्यादा ऑर्डर पूरे कर चुकी है. कंपनी ने D2C (डायरेक्ट टू कंज्यूमर) मॉडल के जरिए पूंजी का सही इस्तेमाल करते हुए तेजी से ग्रोथ हासिल की है.
निवेशकों का मानना है कि भारत में अब लोग प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, फिटनेस और बेहतर खानपान की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में हेल्दी स्वीटनर कैटेगरी में लंबी अवधि की बड़ी संभावनाएं हैं. कंपनी की शुरुआती ग्रोथ, ग्राहकों का भरोसा और दोबारा खरीदारी के बढ़ते आंकड़ों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया.
कंपनी की योजना आने वाले समय में D2C, मार्केटप्लेस और क्विक कॉमर्स चैनलों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने की है. इसके साथ ही कंपनी कैफे, हॉस्पिटैलिटी और इंस्टीट्यूशनल पार्टनरशिप जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर तलाश रही है.



