Thermocool: 30 साल पहले कूलर बनाने से हुई शुरुआत, आज है 190 करोड़ का ब्रांड
भारत के कंज्यूमर ड्यूरेबल बाज़ार में 30 साल का सफर तय कर चुका Thermocool Home Appliances कैसे एक छोटे एयर कूलर ब्रांड से भरोसेमंद घरेलू नाम बना. YourStory हिंदी से हुई बातचीत में जानिए कंपनी की सोच, बदलाव, रणनीति और भविष्य की योजनाएं.
भारत में घरेलू उपकरणों का बाज़ार पिछले तीन दशकों में तेज़ी से बदला है. पहले जहां ज़रूरत सिर्फ ठंडक या सुविधा तक सीमित थी, वहीं आज लोग डिज़ाइन, ऊर्जा बचत और भरोसेमंद सर्विस भी चाहते हैं. इसी बदलाव के बीच कुछ ब्रांड ऐसे हैं, जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला, लेकिन अपनी बुनियादी सोच को नहीं छोड़ा. Thermocool Home Appliances ऐसा ही एक नाम है.
Thermocool की शुरुआत साल 1992 में गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से हुई थी. इसे दो भाइयों — राजीव कुमार गुप्ता और संजीव कुमार गुप्ता — ने मिलकर शुरू किया था. तब यह एक छोटी एयर कूलर कंपनी थी. संसाधन सीमित थे, टीम छोटी थी, लेकिन सोच साफ थी. आम भारतीय परिवार के लिए भरोसेमंद और किफायती प्रोडक्ट बनाना.
YourStory हिंदी से बात करते हुए, Thermocool के सेल्स और मार्केटिंग डिवीजन के डायरेक्टर तनुज गुप्ता कहते हैं, “कंपनी की पहचान हमेशा भरोसे और विश्वसनीयता से जुड़ी रही है. 30 साल बाद भी हम उसी मूल सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं, बस अब उसमें मॉडर्न डिज़ाइन और नई टेक्नोलॉजी जुड़ गई है.”
तीन दशक बाद Thermocool सिर्फ एक पुराना ब्रांड नहीं है. यह अनुभव और नए ज़माने की सोच का मेल बन चुका है. कंपनी ने समय के साथ अपने प्रोडक्ट्स में बदलाव किया है, लेकिन क्वालिटी और सर्विस को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया.
तनुज गुप्ता बताते हैं, “आज यह सिर्फ उपकरण बेचने वाली कंपनी नहीं है. हम ऐसे समाधान देना चाहते हैं, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आसान, आरामदायक और टिकाऊ बनाएं.”
यही वजह है कि ब्रांड अब युवा और डिज़ाइन को पसंद करने वाले ग्राहकों के बीच भी अपनी जगह बना पा रहा है.

(बाएं से दाएं) तुषार गुप्ता, सैफ अली खान (ब्रांड एंबेसडर), तनुज गुप्ता और राजीव के. गुप्ता.
छोटे कारखाने से 300 लोगों की टीम तक
Thermocool का सफर सिर्फ बिक्री बढ़ने की कहानी नहीं है. यह संगठन के भीतर हुए बदलावों की भी कहानी है. शुरुआती वर्षों में कंपनी एक क्षेत्रीय खिलाड़ी थी. धीरे-धीरे डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क बढ़ा और कंपनी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई.
दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व में कंपनी ने डेटा के आधार पर फैसले लेने शुरू किए. प्रोडक्शन में ऑटोमेशन आया और दक्षता बढ़ी.
तनुज गुप्ता कहते हैं, “हमने समय रहते समझ लिया था कि अगर हमें आगे बढ़ना है, तो टेक्नोलॉजी और प्रोसेस दोनों को मज़बूत करना होगा.”
आज Thermocool में 300 से ज़्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं और कंपनी कई प्रोडक्ट कैटेगरी में सक्रिय है. अब यह 190 करोड़ रुपये का ब्रांड बन चुकी है.
भीड़ भरे बाज़ार में अलग पहचान
भारत का कंज्यूमर ड्यूरेबल बाज़ार बेहद प्रतिस्पर्धी है. ऐसे में कंपनी खुद को संतुलन के ज़रिये अलग करता है. कंपनी ऐसे प्रोडक्ट बनाती है, जो मज़बूत हों, दिखने में सादे हों और रोज़मर्रा के इस्तेमाल में टिके रहें.
तनुज गुप्ता कहते हैं, “हम दिखावे से ज़्यादा उपयोगिता पर ध्यान देते हैं. हमारे प्रोडक्ट ऐसे होने चाहिए, जो भारतीय घरों की असली ज़रूरतों में फिट बैठें.”
स्थानीय निर्माण और मज़बूत आफ्टर सेल्स सर्विस भी ब्रांड की बड़ी ताकत है.
आज भारत की खपत की बड़ी कहानी छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) से आ रही है. कंपनी ने इसे जल्द समझा. कंपनी ने इन इलाकों में डीलर नेटवर्क को मज़बूत किया और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश किया.
तनुज कहते हैं, “छोटे शहरों के ग्राहक बहुत समझदार होते हैं. वे कीमत के साथ भरोसा और सर्विस भी देखते हैं.”
डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रचार ने भी इन बाज़ारों में ब्रांड की पकड़ मज़बूत की है.

Thermocool Home Appliances की प्रोडक्ट रेंज
प्रोडक्ट रेंज, ग्रोथ और रणनीति
Thermocool के लिए एयर कूलर आज भी सबसे अहम प्रोडक्ट हैं. यही उसकी पहचान भी है. लेकिन कंपनी अब इससे आगे बढ़ चुकी है. वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर और टीवी जैसे प्रोडक्ट भी ग्रोथ में योगदान दे रहे हैं.
तनुज गुप्ता बताते हैं, “ऊर्जा दक्ष और स्मार्ट प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है, खासकर छोटे शहरों में. लोग अब टिकाऊ और आधुनिक समाधान चाहते हैं.”
डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स ने Thermocool की सोच को नया आयाम दिया है. अब कंपनी सीधे उपभोक्ता से जुड़ पा रही है और उसकी पसंद को बेहतर समझ पा रही है.
तनुज बताते हैं, “डिजिटल चैनलों ने हमें ग्राहकों के और करीब ला दिया है. इससे हम बेहतर फैसले ले पा रहे हैं.”
ऑनलाइन और ऑफलाइन का यह मेल ग्राहकों के लिए सहज अनुभव बनाता है.
Thermocool मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग में पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपना रही है. ऊर्जा की बचत, कम वेस्ट और रिसाइकल सामग्री पर फोकस किया जा रहा है.
तनुज कहते हैं, “हम मानते हैं कि सस्टेनेबल (टिकाऊ) बिज़नेस वही है, जो पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार हो.”
आगे की तैयारी और विस्तार
आने वाले दो वर्षों में Thermocool गाज़ियाबाद मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का विस्तार करने जा रही है. इससे प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी. कंपनी बिहार, बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कंपनी भूटान और साउथ अफ्रीका जैसे बाज़ारों को देख रही है.
आने वाले वर्षों में Thermocool खुद को एक ऐसे उपभोक्ता केंद्रित ब्रांड के रूप में स्थापित करना चाहता है, जो बदलते भारतीय घरों की ज़रूरतों के साथ कदम से कदम मिलाकर चले.
तनुज बताते हैं, “हम सोच-समझकर विस्तार करना चाहते हैं, ताकि गुणवत्ता और भरोसे से कोई समझौता न हो.”
कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में आने वाले नए उद्यमियों को सलाह देते हुए तनुज गुप्ता कहते हैं, “ग्राहक की असली समस्या को समझिए. क्वालिटी और सर्विस से समझौता मत कीजिए. भरोसा बनाना सबसे बड़ी पूंजी है.”



