जम्मू में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया गया CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर, युवाओं को मिलेगी आजीविका

By रविकांत पारीक
April 24, 2022, Updated on : Sun Apr 24 2022 05:49:23 GMT+0000
जम्मू में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया गया CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर, युवाओं को मिलेगी आजीविका
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य जम्मू में हजारों युवाओं को वैकल्पिक आजीविका प्रदान करना है।
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
  • +0
    Clap Icon
Share on
close
Share on
close

जम्मू क्षेत्र में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और वैकल्पिक आजीविका प्रदान करने के लिए, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपनी विभिन्न एजेंसियों और विभागों जैसे वित्त, प्रौद्योगिकी और परिवहन के माध्यम से विभिन्न तरीकों से सहायता प्रदान कर रहा है। इस पदोन्नति के परिणामस्वरूप, जम्मू में CSIR-IIIM के साथ 64 स्टार्टअप पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं। यह 14 उत्पाद बनाती है। इनमें 4 पहले ही बाजार में पहुंच चुके हैं।


यह बात यहां केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री ने CSIR-IIIM, जम्मू के BioNEST-बायोइनक्यूबेटर का उद्घाटन करते हुए कही, जो इस क्षेत्र के हजारों युवाओं को आजीविका के वैकल्पिक स्रोत प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर लॉन्च किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर लॉन्च किया।

BioNEST को देश में बायोटेक इनोवेशन इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) द्वारा लॉन्च किया गया। आईटी क्षेत्र में स्टार्टअप के विपरीत, बायोटेक क्षेत्र में उद्यमी विचारों को अलग तरह के इनक्यूबेशन सपोर्ट की जरूरत होती है, जहां उन्हें अपने विचारों का परीक्षण करने, कार्य संचालन करने, उच्च स्तरीय उपकरणों तक पहुंच बनाने और एक ऐसी जगह का पता लगाने के लिए अवतरण स्थान की आवश्यकता होती है, जहां वे अन्य स्टार्टअप और परामर्शदाता से जुड़ते हैं।BioNEST प्रोग्राम बायो-इनक्यूबेटर्स को या तो स्वचलित इकाई के रूप में या अकादमी के एक हिस्से के रूप में स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान करता है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि CSIR-IIIM, जम्मू के साथ पंजीकृत 64 स्टार्टअप जन केंद्रित परियोजनाओं पर आधारित हैं, 14 उत्पाद विकसित किए जा चुके हैं और चार पहले ही बाजार में पहुंच चुके हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि इस तीव्र गति के साथ, IIIM अब और नए स्टार्टअप के पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज करेगा।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि BioNEST-बायोइनक्यूबेटर का उद्घाटन और स्टार्टअप के साथ संवाद से पीएम की रैली में टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल सांबा जिले के पल्ली में ’पंचायती राज दिवस’ समारोह में हिस्सा लेने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्टार्टअप्स को प्रेरित करेगा और देशभर में आजीविका के नए अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर लॉन्च किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्टअप उद्यमियों को बताया कि राष्ट्रीय महत्व के इस संस्थान ने अरोमा मिशन की शुरुआत की है, जिसने क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि लेवेंडर ने क्षेत्र के किसानों के बीच भारी लोकप्रियता हासिल की है क्योंकि छनाई, तेल उत्पाद और अपशिष्ट पुनर्प्रयोजन क्षेत्र की आबादी के लिए उभरते हुए नए मार्ग हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह वर्तमान अर्थव्यवस्था की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि देश और विदेश में इसकी भारी मांग है और इससे देश के लिए मूल्यवान विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर सकते हैं।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस बात काव्यापक प्रचार करने की आवश्यकता है कि IIIM, जम्मू अरोमा मिशन और लेवेंडर की खेती से जुड़े स्टार्ट-अप को उनके उत्पाद बेचने मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई स्थित अजमल बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, अदिति इंटरनेशनल और नवनैत्री गमिका आदि जैसी प्रमुख कंपनियां प्राथमिक खरीदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी स्टार्टअप में शुद्ध दूध के उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्मों की स्थापना को बढ़ावा देने, बछिया पालन को प्रोत्साहित करने और स्वरोजगार पैदा करने की भारी संभावना है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पीएम की रैली में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विभिन्न विभागों और खंडों द्वारा प्रदर्शनी के लिए लगाए गए स्टॉल ग्रामीण क्षेत्रों और खेती के लिए फायदेमंद नवीनतम टेक्नोलॉजी और इनोवेशंस को प्रदर्शित करेंगे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को सांबा जिले की पल्ली पंचायत में 500 केवी सोलर प्लांट और अन्य प्रदर्शनी थीम का निरीक्षण किया, जिसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कार्बन मुक्त सोलर प्लांट यानी सौर संयंत्र कुल 6,408 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थापित किया गया है और इसे 18 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। इससे पंचायत में 340 घरों को स्वच्छ बिजली और रोशनी मिलेगी। डॉ. सिंह ने बताया कि इसे केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के तहत सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, सार्वजनिक उपक्रम द्वारा तैयार किया गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में CSIR-IIIM BioNEST-बायो इनक्यूबेटर लॉन्च किया।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी के लिए चिन्हित कुछ विषय हैं जिनमें गरीबी और उच्च आजीविका वाले गांव, स्वस्थ गांव, बच्चों के अनुकूल गांव, पर्याप्त पानी की सुविधा वाला गांव, स्वच्छ और हरा-भरा गांव, बुनियादी सुविधाओं से आत्मनिर्भर गांव, विकास की उपयुक्त दशाओं वाला गांव शामिल हैं जिन पर विज्ञान मंत्रालयों के विभिन्न विभागों द्वाराअमल किया जाएगा और इनसे ग्रामीण आबादी की घरेलू आय बढ़ाने में भारी परिवर्तन देखने को मिलेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसी तरह आम आदमी के फायदे के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज के विषयों के साथ विज्ञान और टेक्नोलॉजी के एकीकरण को प्रदर्शित करने वाले स्टाल लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन में पारंपरिक स्टॉल लगाने के बजाय, नवीनतम टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे किसानों की आय बढ़ सकती है और पंचायती राज की सुविधाओं के साथ विज्ञान आधारित प्रदर्शन कर सकती है।


Edited by Ranjana Tripathi