Univision Foods: हेल्दी इंडिया की चाहत से खड़ा किया 25 करोड़ रु का ड्राई फ्रूट्स बिज़नेस
Univision Foods ने हेल्दी इंडिया के सपने को साकार करते हुए ड्राई फ्रूट्स इंडिस्ट्री में बेहद खास पहचान बनाई है. सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता और पोषक आहार की मांग को देखते हुए कंपनी ने किफायती और उच्च गुणवत्ता वाले ड्राई फ्रूट्स को हर घर तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है.
स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे लोगों की खानपान की आदतों में भी बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. इसी बदलती सोच को समझते हुए और हेल्दी इंडिया के सपने को साकार करते हुए भारतीय ब्रांड — Univision Foods — ने ड्राय फ्रूट्स इंडस्ट्री में कदम रखा और मिशन बना लिया कि देशभर के उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले ड्राय फ्रूट्स उपलब्ध कराए जाएं.
Univision Foods की स्थापना हरियाणा के बहरामपुर में, 2023 में हुई थी. चौधरी देव प्रताप सिंह इसके को-फाउंडर हैं.
देव प्रताप सिंह का बचपन राजस्थान के भरतपुर ज़िले के एक छोटे से कस्बे, कामां में बीता, जहाँ की संस्कृति और परंपराओं ने उनके जीवन और सोच को गहराई से प्रभावित किया. गाँव की मिट्टी में पले-बढ़े देव की सोच हमेशा ज़मीन से जुड़ी रही.
देव की स्कूली शिक्षा कामां से ही शुरू हुई. साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रति गहरी रुचि ने उन्हें 2007 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से फ़ूड टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (B.Tech) करने के लिए प्रेरित किया. इसके बाद उन्होंने बिज़नेस की समझ को और बेहतर करने के लिए सेल्स में मेजर के साथ बिज़नेस स्टडीज़ में डिप्लोमा भी पूरा किया.
देव का प्रोफेशनल करियर 2011 में Hexin Foods Pvt. Ltd. से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने फूड प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग की बारीकियों को सीखा. 2014 में वह उच्च शिक्षा के लिए न्यूजीलैंड चले गए और 2015 में ऑकलैंड स्थित Whitireia Polytech से बिज़नेस स्टडीज़ में डिप्लोमा प्राप्त किया. न्यूजीलैंड में उन्होंने Service Foods के साथ काम करते हुए प्राइवेट ब्रांड डेवेलपमेंट और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट मार्केट की गहरी समझ हासिल की.
2018 में भारत लौटने के बाद, देव ने Finelife Retail Foods LLP के साथ जुड़कर वैल्यू-एडेड गॉरमेट प्रोडक्ट्स तैयार करने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद उन्होंने Vishal Mega Mart में प्राइवेट ब्रांड डेवलपमेंट, प्रोडक्ट लॉन्च और मार्केटिंग कम्युनिकेशन जैसे अहम कार्यों को संभाला. फिर City Mall में उन्होंने फूड कैटेगरीज़ (ब्रांडेड और इन-हाउस दोनों) को मैनेज किया.
जून 2024 में देव ने एक बड़ा कदम उठाया और Univision Foods से जुड़ गए. उनका मकसद था – किफायती दामों पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराना. उन्होंने एंट्री-प्राइस पॉइंट सेगमेंट में एक बड़ा मार्केट गैप पहचाना और उसे भरने का संकल्प लिया. यही विज़न उनकी उद्यमशीलता की यात्रा की नींव बना.

Univision Foods के को-फाउंडर चौधरी देव प्रताप सिंह
हाल ही में Univision Foods के को-फाउंडर चौधरी देव प्रताप सिंह ने YourStory से बात की. यहां पढ़िए इस इंटरव्यू के संपादित अंश.
YourStory [YS]: आपने ड्राई फ्रूट्स के कारोबार में आने की कैसे ठानी और आपने इसमें ग्रोथ की संभावना कैसे पहचानी?
चौधरी देव प्रताप सिंह [देव प्रताप]: हमने देखा कि भारत में लोग अब सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और हेल्दी खाने की तलाश में हैं. ड्राई फ्रूट्स पोषण और सुविधा दोनों के लिहाज़ से बेहतरीन विकल्प हैं, लेकिन अच्छे क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स आम उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर थे. यहीं से आइडिया आया कि क्यों न एक ऐसा ब्रांड बनाया जाए जो किफायती दामों में हाई-क्वालिटी ड्राई फ्रूट्स दे सके.
YS: आप अलग-अलग देशों से ड्राई फ्रूट्स कैसे सोर्स करते हैं और इसमें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
देव प्रताप: हम सीधे फार्मर्स और भरोसेमंद सप्लायर्स के साथ काम करते हैं. जैसे कि कैलिफोर्निया से बादाम, ईरान से पिस्ता, दक्षिण भारत और गोवा से काजू, बिहार से मखाना और मिडिल ईस्ट से खजूर मंगाते हैं. सीज़नल बदलाव से दाम और उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, इसलिए हम पहले से प्लानिंग और बफर स्टॉक तैयार रखते हैं. सप्लाई चेन में फ्रेशनेस बनाए रखने के लिए लॉजिस्टिक्स पर खास ध्यान देते हैं. हम फेयर ट्रेड, एथिकल लेबर और सस्टेनेबल फार्मिंग जैसे सिद्धांतों का पालन करते हैं.
YS: आप ड्राई फ्रूट्स की गुणवत्ता और ताजगी को कैसे सुनिश्चित करते हैं?
देव प्रताप: हमारी क्वालिटी कंट्रोल प्रक्रिया बेहद सख्त है. अगर सोर्सिंग की बात की जाए तो, हम विश्वसनीय फार्म्स से ही प्रोडक्ट्स लेते हैं. इसके बाद मल्टी लेवल टेस्टिंग की जाती है, जिसमें साइज, स्वाद, पोषण, नमी और अफ्लाटॉक्सिन की जांच होती है. फिर, कोल्ड स्टोरेज में रखते हुए एयर-टाइट, मॉइस्चर-रेसिस्टेंट पैकिंग की जाती है. सर्टिफिकेशन के मामले में हम FSSAI, ISO और HACCP स्टैंडर्ड्स का पालन करते हैं. और अंत में, ग्राहकों तक फास्ट डिलीवरी के लिए हम फार्म-टू-शेल्फ मॉडल अपनाते हैं ताकि प्रोडक्ट ताज़ा रहे.
YS: प्रोडक्शन और पैकेजिंग में आप पर्यावरण के लिहाज़ से क्या कदम उठा रहे हैं?
देव प्रताप: हां, हम सस्टेनेबल सोर्सिंग, इको-फ्रेंडली पैकेजिंग और फार्मिंग प्रैक्टिसेस को बढ़ावा देते हैं. हमारा उद्देश्य है कि हम हाई क्वालिटी प्रोडक्ट दें और साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी करें.
YS: समय के साथ उपभोक्ताओं की मांग कैसे बदली है और कौन-से ट्रेंड्स उभर रहे हैं?
देव प्रताप: हेल्दी स्नैक्स की ओर रुझान बढ़ा है. लोग अब ऑर्गेनिक और प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स मांगते हैं. इसके साथ ही, इको-फ्रेंडली पैकेजिंग का क्रेज़ है. पर्सनलाइज़्ड मिक्स पैक, डाइट-फ्रेंडली ऑप्शन पसंद किए जा रहे हैं. इन ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए हम प्रोडक्ट्स को कस्टमाइज़ करते हैं.
YS: इस बिज़नेस को खड़ा करने में क्या मुख्य चुनौतियां आईं?
देव प्रताप: गुणवत्ता बनाए रखना और कंज्यूमर का भरोसा जीतना सबसे बड़ी चुनौती रही. लेकिन सही सोर्सिंग, ट्रांसपेरेंसी और निरंतर इनोवेशन के चलते हम यह चुनौती पार कर पाए.
YS: आपके कस्टमर्स में सबसे ज्यादा लोकप्रिय ड्राई फ्रूट्स कौन-से हैं, और भविष्य में क्या बदलाव देख रहे हैं?
देव प्रताप: हमने इस कैटेगरी को 3 भागों में बांटा है:
- रॉ ड्राई फ्रूट्स: बादाम, खजूर, अंजीर, सीड्स. खजूर और अंजीर की डिमांड बढ़ रही है.
- एक्ज़ॉटिक बेरीज और नट्स: जैसे क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, गोजी बेरी—यह सेगमेंट नया है लेकिन तेजी से बढ़ रहा है.
- स्नैक्स: जीरो ऑयल ड्राई फ्रूट स्नैक्स गिफ्टिंग के लिए भी पसंद किए जा रहे हैं.
YS: Univision Foods के बिज़नेस मॉडल और रेवेन्यू के आंकड़ों के बारे में बताएं.
देव प्रताप: Univision का बिजनेस मॉडल मल्टी-चैनल है:
- B2C: खुद की वेबसाइट, ई-कॉमर्स (Amazon, Flipkart), और रिटेल स्टोर्स.
- B2B: होटल्स, रेस्टोरेंट्स, कॉर्पोरेट्स को बल्क में सप्लाई.
- प्राइवेट लेबलिंग: बड़े ब्रांड्स और सुपरमार्केट्स के लिए ड्राई फ्रूट्स सप्लाई करते हैं.
अब रेवेन्यू की बात की जाए, तो हम अभी तक लगभग $3 मिलियन (लगभग ₹25 करोड़) का कारोबार कर चुके हैं.
YS: जो लोग ड्राई फ्रूट्स का बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, उन्हें क्या सलाह देंगे?
देव प्रताप: क्वालिटी और कस्टमर ट्रस्ट सबसे जरूरी हैं. मार्केट की जरूरतों को समझें—हेल्दी और अफोर्डेबल प्रोडक्ट्स की डिमांड है. मार्केट में अपने ब्रांड की अलग पहचान बनाएं. सही सप्लायर्स से ही सोर्सिंग करें. ट्रेंड्स जैसे ऑर्गेनिक, सस्टेनेबिलिटी को अपनाएं. मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का पूरा उपयोग करें.




