उन्नाव के देवेंद्र गौर की कहानी: CM YUVA योजना से कैसे खड़ी हुई ऑटो वर्कशॉप
उन्नाव के देवेंद्र गौर ने ऑटोमोबाइल वर्कशॉप शुरू कर CM YUVA Yojana की मदद से अपने अनुभव को व्यवसाय में बदला. यह कहानी दिखाती है कि सरकारी योजना कैसे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थिर रोजगार का रास्ता खोलती है.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के रहने वाले देवेंद्र गौर एक छोटी सी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप चलाते हैं. उनकी वर्कशॉप में रोजमर्रा की गाड़ियों की सर्विसिंग होती है. साथ ही डेंटिंग पेंटिंग और सामान्य इंजन रिपेयर का काम भी किया जाता है. यहां ज्यादातर आसपास के लोग अपनी कारों की नियमित देखभाल के लिए आते हैं.
देवेंद्र का यह सफर अचानक शुरू नहीं हुआ. वह काफी समय से इस काम से जुड़े हुए थे. उनके भाई की एक गैरेज है. उसी के साथ रहते और काम करते हुए देवेंद्र ने गाड़ियों की मरम्मत का काम सीखा. शुरुआत में वह सिर्फ मदद करते थे. धीरे धीरे औजारों की समझ बढ़ी. पार्ट्स की पहचान हुई. ग्राहकों से बात करना और काम को संभालना भी सीख गए. एक समय ऐसा आया जब उन्हें लगा कि अब यह काम उनकी अपनी पहचान बन सकता है.
अपना काम शुरू करने का विचार मन में पहले से था. लेकिन फैसला तब मजबूत हुआ जब उन्हें सोशल मीडिया के जरिए यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) की जानकारी मिली. पहले थोड़ी झिझक थी. फिर उन्होंने जिला उद्योग केंद्र (DIC) जाकर पूरी प्रक्रिया समझी. वहां से उन्हें ट्रेनिंग और जरूरी जानकारी मिली. धीरे धीरे दस्तावेज तैयार होने लगे.
इसके बाद देवेंद्र बैंक पहुंचे. उन्होंने ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अपनी परियोजना रिपोर्ट जमा की. शुरुआत में कागजी काम उन्हें काफी मुश्किल लगा. अलग अलग तरह के लोन और नियम समझना आसान नहीं था. कई बार भ्रम भी हुआ. लेकिन अधिकारियों ने बार बार समझाया. समय के साथ सारी बातें साफ होती चली गईं.
वर्कशॉप शुरू होने के बाद ध्यान कागजों से हटकर रोज के काम पर आ गया. सुबह करीब दस बजे वर्कशॉप खुलती है. थोड़ी देर में कर्मचारी आ जाते हैं. दिन भर गाड़ियों की सर्विसिंग होती रहती है. डेंटिंग और पेंटिंग का काम अलग से चलता है. शाम होते होते अधूरे काम पूरे किए जाते हैं. आमतौर पर वर्कशॉप सात से आठ बजे के बीच बंद हो जाती है.
इस समय वर्कशॉप में पांच लोग काम करते हैं. दो अनुभवी मैकेनिक हैं जो तकनीकी काम संभालते हैं. बाकी लोग मदद करते हैं और काम सीखते भी हैं. देवेंद्र और उनके भाई मिलकर जिम्मेदारियां बांटते हैं. सभी मिलजुलकर काम करते हैं ताकि रोज का काम बिना रुकावट चलता रहे.
शुरुआती दिनों में सबसे बड़ी परेशानी पार्ट्स की थी. कई जरूरी सामान कानपुर से मंगाने पड़ते थे. इससे काम में देर हो जाती थी. सीएम युवा योजना से मिली मदद के बाद देवेंद्र ने वर्कशॉप में ज्यादा स्टॉक रखना शुरू किया. इससे समय की बचत हुई और काम की रफ्तार भी बेहतर हो गई.
देवेंद्र कहते हैं कि पहले मन में डर रहता था कि सब होगा या नहीं. लेकिन एक बार प्रक्रिया पूरी हो गई तो चीजें आसान लगने लगीं. धीरे धीरे आत्मविश्वास बढ़ा और काम में स्थिरता आई.
आज यह वर्कशॉप उन्हें एक भरोसेमंद रोजमर्रा की जिंदगी देती है. चुनौतियां अब भी हैं. लेकिन वे जानी पहचानी हैं. अब डर नहीं लगता. मेहनत है और उसी से आगे बढ़ने का रास्ता भी.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



