75 सौ किलोमीटर साइकिल चलाकर सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता फैला रहे हैं ये दृष्टिबधित शख्स

इस शख्स का नाम अजय लालवानी है, जो सड़क सुरक्षा और हमारे देश की सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत भर में 7,500 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं।
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देश में सड़क सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा है जिसके प्रति जागरूकता फैलाने को लेकर सरकारें तमाम कदम उठाती रहती हैं, लेकिन आज यहाँ हम सरकार के बारे में नहीं बल्कि एक ऐसे शख्स के बारे में बात कर रहे हैं जो दृष्टिबाधित होते हुए भी 75 सौ किलोमीटर साइकिल चालकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

इस शख्स का नाम अजय लालवानी है, जो सड़क सुरक्षा और हमारे देश की सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत भर में 7,500 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हैं।

45 दिनों में पूरी होगी यात्रा

इस दृष्टिबाधित साइकिल चालक का कहना है कि वे खुद को बेहतर बनाना चाहते हैं और वह सब करना चाहते हैं जो दुनिया के हिसाब से उनके लिए संभव नहीं है। इसी साल 15 नवंबर को सुबह 4 बजे मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से अपनी यात्रा शुरू करते हुए वह अब देश भर की यात्रा करने के लिए निकल पड़े हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अजय श्रीनगर से कन्याकुमारी और फिर वापस मुंबई तक का सफर पूरा करने के लिए 12 राज्यों का सफर तय करेंगे। अजय की यह साइकिल यात्रा 45 दिन की है। इसके पहले इस 25 वर्षीय साइकिलिस्ट पहले मुंबई-गोवा-मुंबई और दादर-गोंदिया-दादर की यात्रा कर नेत्रहीन साइकिलिंग में दो विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं और अब उन्होंने ब्लाइंड साइकिलिंग अभियान 2021 शुरू किया है।

दे रहे हैं शक्तिशाली संदेश

मीडिया से बात करते हुए अजय का कहना है कि उनके लिए हर साल एक नई चुनौती लेने के बारे में है। अजय के अनुसार वे इस मौके से चूकना नहीं चाहते थे क्योंकि एक दृष्टिबाधित व्यक्ति द्वारा सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता पैदा करने का विचार एक शक्तिशाली संदेश है।

अजय कहते हैं कि “यहां तक कि दृष्टिबाधित लोग भी जी सकते हैं, सपने देख सकते हैं और अपनी क्षमता को महसूस कर सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से दिव्यांग समुदाय के लोगों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाता है।" अजय के अनुसार उन्हें उनके इस अभियान के लिए बहुत सारे प्रायोजकों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को पूरा करने कि दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा दिये।

पैरा खिलाड़ी भी हैं अजय

मालूम हो कि अजय पैरा खिलाड़ी भी हैं और उन्होंने जूडो और कबड्डी में राष्ट्रीय स्तर के पैरा-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट में कई पदक जीते हैं। अजय ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं हर साल कई लोगों की जान लेती हैं, फिर भी इनसे कोई सबक नहीं सीखता है।

अजय के अनुसार जब से उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की है, उनके सामने हर दिन ऐसी परेशानियाँ आई हैं जो उन्हें रोकने वाली थीं। इसमें सड़कों पर गड्ढों से लेकर स्ट्रीट लाइट की कमी तक ने उनकी यात्रा को हमारे लिए और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब अजय इन्हीं बातों के प्रति लोगों के भीतर जागरूकता भरना चाहते हैं। अजय के अनुसार उन्हें मुझे ऐसी सड़कें चाहिए जहां उनके जैसे किसी भी व्यक्ति को स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से सफर करने का मौका मिल सके।

 

 

Edited by रविकांत पारीक

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