फटी-पुरानी जींस से करोड़ों की कमाई! स्टार्टअप Dwij का कमाल
मुंबई स्थित स्टार्टअप Dwij पुरानी जींस और फैब्रिक को नया जीवन दे रहा है. सौम्या कल्लुरी द्वारा स्थापित यह सस्टेनेबल ब्रांड अब तक 10,000 से अधिक जींस और हजारों मीटर डेनिम अपसायकल कर चुका है. Dwij के प्रोडक्ट्स भारत से लेकर दुनियाभर में बिक रहे हैं.
क्या आप जानते हैं कि हर साल इंसान कितने कपड़े फेंक देते हैं? जवाब सुनकर आप हैरान रह जाएंगे!
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अनुसार, हर साल दुनिया भर में 92 मिलियन टन कपड़े का कचरा (Textile Waste) बनता है. इनमें से भारत अकेले हर साल 3.9 मिलियन टन कपड़ों का कचरा पैदा करता है, लेकिन इसका सिर्फ 4% ही रीसायकल होता है (IIT दिल्ली के अनुसार).
वैश्विक स्तर पर, 2000 से 2015 के बीच कपड़ों का उत्पादन दोगुना हो गया, लेकिन उनके इस्तेमाल की अवधि 36% कम हो गई. करीब 11% प्लास्टिक वेस्ट कपड़ों और टेक्सटाइल्स से आता है, जबकि 2023 में सिर्फ 8% टेक्सटाइल फाइबर्स ही रीसायकल स्रोतों से बने थे.
भारत में पारंपरिक कपड़े जैसे साड़ी और कुर्ता तो आसानी से दान में चले जाते हैं, लेकिन डेनिम (Jeans) का ज्यादातर हिस्सा कूड़े में या कबाड़ में चला जाता है.
इसी समस्या को हल करने की ठानी सौम्या कल्लुरी (Soumya Kalluri) ने. सौम्या पहले John Deere और Godrej & Boyce जैसी कंपनियों में काम कर चुकी हैं. उन्हें एहसास हुआ कि “हर किसी को दूसरा मौका मिलना चाहिए, तो फिर डेनिम को क्यों नहीं?”
कैसे शुरू हुआ Dwij – ‘दूसरी ज़िंदगी’ की कहानी
2018 में सौम्या ने Dwij की शुरुआत की, जिसका संस्कृत में मतलब होता है “दूसरा जन्म” या “नई ज़िंदगी.”
इस मुंबई-स्थित ब्रांड का मिशन है—पुराने कपड़ों को बचाकर उन्हें खूबसूरत, उपयोगी और टिकाऊ प्रोडक्ट्स में बदलना.
Dwij आज एक ऐसा सर्कुलर सिस्टम बना चुका है, जहां फेंके हुए फैब्रिक्स को दोबारा इस्तेमाल में लाया जाता है. यह ब्रांड पुराने डेनिम से टोट बैग, बैकपैक, स्लिंग बैग, और पाउच जैसी चीजें बनाता है.
शुरुआत में Dwij सिर्फ एक सिंपल टोट बैग बनाता था. लेकिन टीम ने देखा कि असर तब ही पड़ेगा जब लोग रोज़मर्रा में इन बैग्स का इस्तेमाल करें. इसलिए महामारी के दौरान Dwij ने दिशा बदली और ऑफिस, ट्रैवल और स्कूल बैग्स, साथ ही होम डेकोर प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया.
बेहतर क्वालिटी और स्टाइल के साथ यह एक प्रीमियम, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल ब्रांड के रूप में उभरा.
सौम्या कहती हैं, “अगर ज़िप खराब हो जाए या बैग शेल्फ पर पड़ा रहे, तो हमारे सारे प्रयास बेकार हैं.”
आज Dwij के SKU (प्रोडक्ट्स की वैराइटी) बढ़कर 66 से 162 हो चुके हैं.
वित्त वर्ष 22 से अब तक कंपनी का रेवेन्यू 6 गुना और प्रोडक्ट सेल्स 3.5 गुना बढ़ चुकी हैं.
वेस्ट से वर्कशॉप तक का सफर
Dwij हर 2-3 महीने में दो तरह के स्रोतों से फैब्रिक लाता है —
- पोस्ट-कंज़्यूमर डेनिम: यानी इस्तेमाल की हुई जींस
- प्री-कंज़्यूमर रिजेक्ट्स: मिल्स के वो फैब्रिक्स जिनमें छोटे दोष होते हैं.
“हम सबसे नीचे की ग्रेड की मटेरियल मांगते हैं, क्योंकि अच्छी क्वालिटी वाला फैब्रिक तो वैसे भी बिक जाता है,” सौम्या बताती हैं.
सारे कपड़ों को इंडस्ट्रियल वॉश और सैनिटाइज करने के बाद Dwij की मुंबई (विक्रोली) यूनिट में उन्हें तैयार किया जाता है.
डिज़ाइन इस बात पर निर्भर करता है कि उस वक्त किस तरह का डेनिम उपलब्ध है. कभी ज्यादा गहरा नीला, तो कभी हल्का नीला.
Dwij की टीम में 15 दर्जी, कटर और एम्ब्रॉयडरी आर्टिस्ट हैं, साथ ही तीन महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के करीब 30-35 महिलाएं जुड़ी हैं.
सौम्या कहती हैं, “हम मशीनों से ज़्यादा हाथों की कला पर भरोसा करते हैं. यह तरीका एनर्जी भी बचाता है और असली वैल्यू भी देता है.”
विदेश में भी बिक रहे Dwij के प्रोडक्ट्स
B2B (बिज़नेस-टू-बिज़नेस) स्तर पर Dwij ने अपनी सस्टेनेबल सोच और क्वालिटी प्रोडक्ट्स से कई दिग्गज कंपनियों का भरोसा जीता है. ब्रांड ने RBI, Marico, Alkem, Novo Nordisk, IIM Bombay, Godrej, Bajaj और Marsh McLennan जैसे बड़े क्लाइंट्स को अपने अपसायकल्ड बैग्स और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग प्रोडक्ट्स सप्लाई किए हैं.
जहां वित्त वर्ष 2020 में Dwij के पास सिर्फ एक ऑर्डर था, वहीं आज वित्त वर्ष 2025 तक कंपनी ने 20 से ज़्यादा बड़े कॉर्पोरेट ऑर्डर पूरे किए हैं. यह बताता है कि ब्रांड ने कितनी तेजी से इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है.
Dwij ने न सिर्फ भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहुंच बढ़ाई है. इसके प्रोडक्ट्स अब Etsy और Good Market Global जैसे इंटरनेशनल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी बिक रहे हैं, जिससे भारतीय हैंडमेड अपसायकल्ड फैशन को ग्लोबल पहचान मिल रही है.
Dwij को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) से सर्टिफाइड टेक्सटाइल अपसायकलर का दर्जा मिला हुआ है. यह स्टार्टअप NSRCEL, IIM बैंगलोर द्वारा इनक्यूबेटेड है. अब तक Dwij ने 10,000 से ज़्यादा पुरानी जींस, 2,000 मीटर प्री और पोस्ट-इंडस्ट्रियल डेनिम, 2,000 मीटर शर्टिंग और कुर्ता लाइनिंग फैब्रिक, और 750 मीटर रीसायकल फेल्ट को अपसायकल किया है. यानी इन सबको दोबारा इस्तेमाल में लाकर उन्हें नई ज़िंदगी दी है.
हर अपसायकल्ड प्रोडक्ट इस बात का सबूत है कि रद्दी समझी जाने वाली चीज़ें भी अगर सही सोच से इस्तेमाल की जाएं, तो वो न सिर्फ पर्यावरण बचा सकती हैं बल्कि रोजगार और नई उम्मीदें भी पैदा कर सकती हैं.
ऑनलाइन से ऑफलाइन तक
Dwij की वेबसाइट पर सबसे ज़्यादा बिक्री होती है, जबकि बाकी सेल Myntra, FirstCry, Zwende जैसे मार्केटप्लेस और Kala Ghoda, Dastkar, Soul Sante, Goa Collective जैसे फेस्टिवल्स से आती है.
कीमतें ₹200 से ₹4,500 तक हैं. लगभग H&M जैसी, लेकिन ज़्यादा टिकाऊ. हर प्रोडक्ट को डिज़ाइन फॉर डिसअसेंबली किया जाता है ताकि बाद में कपड़ा, धातु या बेल्ट को अलग कर रीसायकल किया जा सके.
सौम्या कहती हैं, “हम जल्दबाजी में नंबर नहीं बढ़ा रहे, क्योंकि हमारा मॉडल हैंडमेड और सस्टेनेबल है.”
वो यह भी मानती हैं कि “सस्टेनेबिलिटी शब्द का आज गलत इस्तेमाल हो रहा है. असली अपसायकलिंग वो है, जहां पुराने कपड़ों को नई ज़िंदगी दी जाए, न कि नया कचरा बनाया जाए.”
Dwij सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक पर्यावरण-सचेत आंदोलन है जो दिखाता है कि थोड़ी समझदारी और कला से पुराने कपड़ों को नई पहचान दी जा सकती है.
(Translated by: रविकांत पारीक)



