डॉक्यूमेंट्री शूटिंग में मिला बिजनेस आइडिया और Radhika Dang Gambhir ने खड़े कर दिए दो ब्रांड
टीवी और ट्रैवल कंटेंट से करियर शुरू करने वाली राधिका डांग गंभीर ने कॉस्मेटिक साइंस की पढ़ाई के बाद Wildflower Naturals और Good Karma Wellness की शुरुआत की. दोनों बिजनेस बूटस्ट्रैप्ड हैं और राधिका के मुताबिक सालाना 50% से अधिक की दर से बढ़ रहे हैं.
हाइलाइट्स
टीवी करियर छोड़ राधिका डांग गंभीर ने शुरू किया स्किनकेयर बिजनेस
Wildflower Naturals नेचर और मॉडर्न साइंस पर करता है फोकस
Good Karma Wellness दूसरे ब्यूटी ब्रांड्स के लिए बनाता है प्रोडक्ट
बिना बाहरी फंडिंग के सालाना 50% ग्रोथ का दावा
करीब 15 साल पहले राधिका डांग गंभीर (Radhika Dang Gambhir) का काम कैमरे के पीछे कहानियां तलाशना था. टेलीविजन इंडस्ट्री में एक दशक से ज्यादा समय बिताते हुए उन्होंने ट्रैवल और लाइफस्टाइल कंटेंट पर काम किया. तब शायद उन्होंने भी नहीं सोचा था कि एक डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग उनके करियर की दिशा बदल देगी.
केरल में शूटिंग के दौरान पारंपरिक वनस्पति के ब्यूटी नुस्खों से हुई मुलाकात ने उनकी दिलचस्पी कॉस्मेटिक साइंस की तरफ मोड़ दी. 100 से ज्यादा पारंपरिक नुस्खों पर रिसर्च और कॉस्मेटिक साइंस की पढ़ाई के बाद उन्होंने Wildflower Naturals की शुरुआत की. बाद में इसी अनुभव से Good Karma Wellness का जन्म हुआ, जो दूसरे ब्यूटी ब्रांड्स के लिए फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग का काम करता है.
आज दोनों कारोबार बिना बाहरी फंडिंग के आगे बढ़ रहे हैं. राधिका ने कंपनी के रेवेन्यू के आंकड़े साझा नहीं किए हैं, लेकिन उनके मुताबिक कारोबार मुनाफे में है और सालाना 50 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहा है.
शूटिंग के दौरान मिला बिजनेस आइडिया
राधिका ने National Geographic, Discovery, TLC और Fox Traveller जैसे चैनलों के लिए ट्रैवल और लाइफस्टाइल कंटेंट पर काम किया. उनके मुताबिक मीडिया में बिताए वर्षों ने उन्हें कंज्यूमर बिहेवियर और ब्रांड कम्युनिकेशन समझने में मदद की.
इसी दौरान केरल में एक डॉक्यूमेंट्री शूट करते हुए उन्हें वनस्पति के पारंपरिक ब्यूटी नुस्खों के बारे में जानने का मौका मिला. राधिका के मुताबिक उन्होंने ऐसे 100 से ज्यादा नुस्खों पर रिसर्च की. इसके बाद कॉस्मेटिक साइंस में उनकी दिलचस्पी बढ़ी और उन्होंने ब्रिटेन के Formula Botanica से इसकी औपचारिक पढ़ाई की.
YourStory से बात करते हुए राधिका बताती हैं, “अगर 15 साल पहले किसी ने मुझसे कहा होता कि मैं एक दिन स्किनकेयर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी बनाऊंगी, तो शायद मुझे यकीन नहीं होता. केरल में पारंपरिक वनस्पति आधारित ब्यूटी नुस्खों को करीब से देखने के बाद मेरी दिलचस्पी कॉस्मेटिक साइंस में बढ़ी और आखिरकार Wildflower Naturals की शुरुआत हुई.”

नेचुरल स्किनकेयर में साइंस का तड़का
कॉस्मेटिक साइंस की पढ़ाई के दौरान राधिका ने नेचुरल इंग्रीडिएंट्स और आधुनिक स्किनकेयर एक्टिव्स को साथ इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर काम करना शुरू किया. इसी सोच के साथ Wildflower Naturals का बिजनेस मॉडल तैयार हुआ.
कंपनी बोटैनिकल इंग्रीडिएंट्स के साथ नियासिनामाइड, सेरामाइड्स और पेप्टाइड्स जैसे एक्टिव्स वाले प्रोडक्ट बनाती है. राधिका के मुताबिक किसी नए प्रोडक्ट को लॉन्च करने का फैसला केवल बाजार में चल रहे ट्रेंड के आधार पर नहीं किया जाता, बल्कि फॉर्मुलेशन और उसके इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाती है.
वह कहती हैं, “अच्छी कहानी ग्राहक को पहली बार प्रोडक्ट तक ला सकती है, लेकिन वह दोबारा तभी लौटेगा जब प्रोडक्ट असरदार होगा. हमारा पहला सवाल यही होता है कि क्या यह फॉर्मुलेशन वास्तव में ग्राहक के लिए उपयोगी है.”
यह रणनीति ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय ब्यूटी मार्केट में घरेलू और ग्लोबल ब्रांड्स के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. India Brand Equity Foundation (IBEF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर बाजार करीब 28 अरब डॉलर का था और 2028 तक इसके 34 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसी अवधि में स्किनकेयर बिक्री में करीब 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की बात कही गई है.
कंज्यूमर ब्रांड से कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग तक
Wildflower Naturals के साथ काम करते हुए राधिका को कारोबार का दूसरा अवसर दिखाई दिया. उनके मुताबिक दूसरे ब्यूटी ब्रांड्स के फाउंडर्स उनसे फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर संपर्क करने लगे. इसके बाद Good Karma Wellness की शुरुआत हुई.
दोनों कंपनियों की भूमिका अलग है. Wildflower Naturals एक कंज्यूमर ब्रांड है, जबकि Good Karma Wellness दूसरे ब्रांड्स के लिए स्किनकेयर, हेयरकेयर और पर्सनल केयर प्रोडक्ट का फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग करता है. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, इसका मॉडल थर्ड-पार्टी और प्राइवेट-लेबल मैन्युफैक्चरिंग तक फैला है और इसमें फॉर्मुलेशन से लेकर प्रोडक्शन तक की सेवाएं शामिल हैं.
राधिका कहती हैं, “जब Wildflower Naturals आगे बढ़ने लगा, तो कई फाउंडर्स फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग में मदद के लिए हमारे पास आने लगे. इसी जरूरत से Good Karma Wellness की शुरुआत हुई.”
इस मॉडल में एक तरफ अपना ब्रांड बाजार और ग्राहकों से सीधे फीडबैक हासिल करता है, वहीं दूसरी तरफ B2B (बिजनेस टू बिजनेस) मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस दूसरे ब्रांड्स के लिए प्रोडक्ट तैयार करता है.

Wildflower Naturals की टीम
बिना फंडिंग के कारोबार विस्तार
राधिका ने दोनों कंपनियों की शुरुआत निजी बचत से की. उनके मुताबिक दोनों कंपनियों ने अब तक किसी भी इन्वेस्टर से फंडिंग नहीं जुटाई है. उत्पादन क्षमता बढ़ाने, मशीनरी खरीदने और मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए मुनाफे को वापस कारोबार में लगाया गया.
Wildflower Naturals अपनी वेबसाइट, ऑनलाइन मार्केटप्लेस और रिटेल पार्टनर्स के जरिए ग्राहकों तक पहुंचता है. दूसरी तरफ Good Karma Wellness का रेवेन्यू B2B फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग से आता है.
कंपनी ने रेवेन्यू, बिक्री की मात्रा या मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के आंकड़े साझा नहीं किए हैं. राधिका का कहना है कि दोनों बिजनेस मुनाफे में हैं और सालाना 50 प्रतिशत से अधिक की ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं.
वह कहती हैं, “बूटस्ट्रैपिंग आसान रास्ता नहीं था, लेकिन इसने हमें पैसे को लेकर अनुशासन सिखाया. हमने तेज ग्रोथ के बजाय लंबे समय के फैसलों पर ध्यान दिया.”
अगला लक्ष्य: रिटेल, एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग
अगले तीन से पांच वर्षों में राधिका Wildflower Naturals का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और रिटेल मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं. इसके साथ एक्सपोर्ट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में निवेश की योजना है. Good Karma Wellness को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी ब्रांड्स के लिए बड़े मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में विकसित करना भी उनकी योजना का हिस्सा है.
हालांकि आगे की राह आसान नहीं है. Wildflower Naturals ऐसे बाजार में विस्तार कर रहा है जहां Minimalist, Plum, Forest Essentials और कई नए D2C (डायरेक्ट टू कंज्यूमर) ब्रांड स्किनकेयर ग्राहकों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. दूसरी ओर Good Karma Wellness का मुकाबला कॉन्ट्रैक्ट और प्राइवेट-लेबल मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में HCP Wellness जैसे स्थापित खिलाड़ियों और कई क्षेत्रीय निर्माताओं से है.
राधिका के लिए चुनौती दो अलग तरह के कारोबार को एक साथ स्केल करने की है. एक तरफ कंज्यूमर ब्रांड में प्रोडक्ट, कीमत, डिस्ट्रीब्यूशन और ग्राहक हासिल करने की प्रतिस्पर्धा है, तो दूसरी तरफ मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में क्षमता, लागत, क्वालिटी और बड़े B2B क्लाइंट्स हासिल करना अहम होगा.
टीवी से शुरू हुआ उनका सफर अब ब्यूटी ब्रांड और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग तक पहुंच चुका है. आगे Wildflower Naturals और Good Karma Wellness कितनी जगह बना पाते हैं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बूटस्ट्रैप्ड रहते हुए वे तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी भारतीय ब्यूटी बाजार में अपने प्रोडक्ट, डिस्ट्रीब्यूशन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को किस तरह स्केल करते हैं.



