मेडटेक स्टार्टअप MedVital को मिली 18 करोड़ रुपये की फंडिंग
इस ग्रोथ फंडिंग राउंड की अगुवाई Alkemi Growth Capital ने की. साल 2024 में शुरू हुई MedVital ऐसी मेडिकल टेक्नोलॉजी विकसित कर रही है जो एडवांस्ड वाउंड केयर, रीजेनरेटिव एस्थेटिक्स और क्रॉनिक स्किन समस्याओं पर फोकस करती है.
मेडटेक स्टार्टअप MedVital ने ₹18 करोड़ की ग्रोथ फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग राउंड की अगुवाई Alkemi Growth Capital ने की. इसके साथ ही डॉ. संजय अरोड़ा, Shubhan Ventures और मौजूदा निवेशकों ने भी इसमें हिस्सा लिया है. इससे पहले MedVital ने अपने प्री-सीड फंडिंग राउंड में ₹8.4 करोड़ जुटाए थे. इस राउंड का नेतृत्व 4point0 Health Ventures के फाउंडर निहार पारिख ने किया. इसमें Tata 1mg, NephroPlus, SafeExpress, Eye Q Hospital, Hexa Health और AstroTalk के फाउंडर ने भी हिस्सेदारी ली.
साल 2024 में शुरू हुई MedVital ऐसी मेडिकल टेक्नोलॉजी विकसित कर रही है जो एडवांस्ड वाउंड केयर, रीजेनरेटिव एस्थेटिक्स और क्रॉनिक स्किन समस्याओं पर फोकस करती है.
कंपनी का कहना है कि यह ताजा फंडिंग कंपनी के विस्तार, नए प्रोडक्ट डेवलपमेंट और अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में इस्तेमाल होगी. कंपनी डिवाइस, बायोमैटेरियल और बायोलॉजिक्स जैसे क्षेत्रों में अपनी रिसर्च और निर्माण क्षमता बढ़ाना चाहती है. साथ ही सप्लाई चेन और यूनिट इकॉनॉमिक्स को भी बेहतर बनाया जाएगा.
कंपनी फिलहाल एडवांस्ड वाउंड केयर सेगमेंट में अपने NoWound पोर्टफोलियो के जरिए काम कर रही है. इसमें Negative Pressure Wound Therapy यानी NPWT और चिटोसन आधारित लिक्विड बैंडेज शामिल हैं. ये तकनीक खासतौर पर अस्पतालों में इस्तेमाल की जाती है. भारत में एडवांस्ड वाउंड केयर थेरेपी अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं.

MedVital की टीम
गुरुग्राम स्थित MedVital ने बहुत कम समय में 200 से ज्यादा कॉरपोरेट और सरकारी हेल्थकेयर संस्थानों तक अपनी पहुंच बना ली है. कंपनी का दावा है कि उसके प्रोडक्ट्स का लगातार दोबारा इस्तेमाल हो रहा है, जो शुरुआती क्लिनिकल भरोसे को दिखाता है.
इसके अलावा कंपनी ने Elyara नाम से रीजेनरेटिव मेडिकल एस्थेटिक्स प्रोडक्ट्स की एक नई रेंज भी लॉन्च की है. यह पोर्टफोलियो बिना सर्जरी के स्किन और हेयर रिस्टोरेशन पर काम करता है. इसमें पेप्टाइड आधारित सिग्नलिंग और रीजेनरेटिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है.
MedVital के को-फाउंडर डॉ. वरुण गुप्ता ने कहा कि स्किन शरीर का सबसे बड़ा अंग है, लेकिन उम्र बढ़ने, डायबिटीज और स्किन से जुड़ी बीमारियों के कारण इसकी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इसके बावजूद आधुनिक और वैज्ञानिक इलाज अभी भी आम लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाए हैं. उन्होंने कहा कि MedVital क्लिनिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई टेक्नोलॉजी तैयार कर रही है.
वहीं Alkemi Growth Capital की फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अलका गोयल का कहना है कि MedVital एक बड़े और तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर अवसर पर काम कर रही है. कंपनी ने शुरुआती स्तर पर अस्पतालों में मजबूत पकड़ बनाई है और उसकी प्रोडक्ट क्षमता भी मजबूत दिख रही है. उनका मानना है कि यह कंपनी भारत से एक वैश्विक स्तर का रीजेनरेटिव केयर बिजनेस बना सकती है.
Shubhan Ventures के फाउंडिंग पार्टनर डॉ. संजय अरोड़ा ने कहा कि कंपनी का फोकस प्रोडक्ट क्वालिटी, रेगुलेटरी तैयारी और लंबे समय की क्षमता निर्माण पर है. हेल्थकेयर सेक्टर में टिकाऊ ग्रोथ के लिए यही सबसे जरूरी आधार होते हैं.
आने वाले समय में MedVital देशभर के अस्पतालों और हेल्थकेयर संस्थानों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. कंपनी क्लिनिकल एजुकेशन और वैज्ञानिक प्रमाण आधारित इलाज को भी बढ़ावा देगी. अपने बढ़ते वाउंड केयर पोर्टफोलियो और रीजेनरेटिव एस्थेटिक्स पाइपलाइन के साथ MedVital भारत के मेडटेक सेक्टर में बड़ी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.



