Startup India का स्वर्णिम साल: 2 लाख स्टार्टअप्स, 21 लाख लोगों को रोजगार
भारत में अब 2 लाख से ज्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हो चुके हैं. सिर्फ 2025 में ही 44 हजार नए स्टार्टअप्स जुड़े हैं. इस बढ़ोतरी से 21 लाख से ज्यादा नौकरियां बनी हैं. लगभग 48% स्टार्टअप्स में अब कम से कम एक महिला फाउंडर या डायरेक्टर है. यह भारत में समावेशी नवाचार की मजबूत दिशा को दिखाता है.
भारत का उद्यमिता क्षेत्र एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच गया है. देश में सरकारी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या दो लाख के पार हो गई है. सिर्फ 2025 में ही 44 हजार से ज्यादा नई मान्यताएं मिली हैं. यह 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया (Startup India) पहल के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक बढ़ोतरी है.
जैसा कि साल 2025 समाप्त होने को है, ऐसे में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने यह जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेज गति से आगे बढ़ रहा है और रोजगार, नवाचार और समावेशी आर्थिक विकास में इसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है.
तेजी से बढ़ता और अधिक समावेशी स्टार्टअप इकोसिस्टम
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब ज्यादा समावेशी होता जा रहा है.
लगभग 48 प्रतिशत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है. यह भारत की नवाचार अर्थव्यवस्था में महिलाओं की तेजी से बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.
ये स्टार्टअप्स बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा कर रहे हैं. अब तक 21 लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां बन चुकी हैं. यह दिखाता है कि स्टार्टअप्स का प्रभाव देश के श्रम बाजार पर कितना बढ़ गया है.
मजबूत सरकारी समर्थन और तेजी पकड़ती फंडिंग
सरकार की कई प्रमुख योजनाओं ने स्टार्टअप ग्रोथ को नई गति दी है.
- फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS): 25320 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश 1350 से ज्यादा स्टार्टअप्स में किया गया. इससे वेंचर कैपिटल निवेश को मजबूत बढ़ावा मिला.
- क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स: 775 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मंजूर की गई. इससे नए स्टार्टअप्स को शुरुआती कर्ज सहायता मिली.
- स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS): 585 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी 3200 से ज्यादा स्टार्टअप आवेदनों को मिली. इससे शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिली.
- पेटेंट फाइलिंग: स्टार्टअप्स ने 16400 से अधिक नए पेटेंट आवेदन दर्ज किए. इससे नवाचार की मजबूत रफ्तार का अंदाज़ा मिलता है.
- सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM पर ऑनबोर्डिंग: 34800 से ज्यादा स्टार्टअप्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े. इससे उन्हें सरकारी खरीद में भाग लेने का अवसर मिला.
ये सभी पहलें Startup India Action Plan का हिस्सा हैं. यह प्लान नियमों में राहत, टैक्स छूट, मेंटरशिप और फंडिंग के अवसर प्रदान करता है. इससे स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर स्केलिंग तक पूरी मदद मिलती है.
भविष्य की दिशा और भारत की बड़ी महत्वाकांक्षा
स्टार्टअप्स की यह बड़ी बढ़ोतरी उस समय दिखाई दे रही है जब भारत आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से काम कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्यमियों, निवेशकों और नीतिनिर्माताओं के साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं.
जैसे ही देश 2026 की ओर बढ़ रहा है, उम्मीद है कि नवाचार और स्टार्टअप ग्रोथ और तेज होगी. इससे नए अवसर बनेंगे. तकनीकी प्रगति बढ़ेगी. और देश का आर्थिक विकास और अधिक समावेशी होता जाएगा.
Edited by Ravi Pareek



