11 जून: सिकंदर की मौत और कारगिल वॉर में सेना की बड़ी कामयाबी
11 जून का इतिहास कई बड़ी घटनाओं से जुड़ा है—सिकंदर महान की मौत, कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की सफलता, स्पीलबर्ग की E.T. की रिलीज़, और बौद्ध भिक्षु का आत्मदाह. जानिए इस दिन की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्म, और रोचक तथ्य.
हर दिन इतिहास में कुछ खास होता है, और 11 जून भी अपवाद नहीं है. यह तारीख भारत और दुनिया के इतिहास (11 June Ka Itihas) में कई बड़े और निर्णायक मोड़ों की साक्षी रही है. आज के दिन दुनिया ने युद्ध, विज्ञान, राजनीति, साहित्य और खेल के क्षेत्रों में ऐसे पल देखे हैं जिन्होंने इतिहास की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल दिया.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 11 जून के दिन (11 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं 11 जून के दिन से जुड़े कुछ प्रमुख ऐतिहासिक घटनाक्रम —
भारत और विश्व के इतिहास में 11 जून की प्रमुख घटनाएं
323 ईसा पूर्व — अलेक्ज़ेंडर द ग्रेट (सिकंदर महान) का निधन
11 जून 323 ईसा पूर्व को विश्व इतिहास के सबसे महान सेनापतियों में से एक अलेक्ज़ेंडर द ग्रेट (Alexander the Great) (सिकंदर महान) का निधन बेबीलोन (वर्तमान इराक) में हुआ. मात्र 32 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया जो पूर्वी भूमध्यसागर से लेकर भारत तक फैला था. उनका जन्म मैसिडोनिया में राजा (King of Macedonia) फिलिप द्वितीय (King Philip II) और रानी ओलंपियास (Queen Olympias) के घर हुआ था. उन्होंने अरस्तू (Aristotle) जैसे महान दार्शनिक से शिक्षा ली और बहुत कम उम्र में ही युद्ध और प्रशासन में दक्षता हासिल कर ली थी. 16 वर्ष की उम्र में पहली बार सेना का नेतृत्व करने वाले सिकंदर ने 20 की उम्र में पिता की मृत्यु के बाद गद्दी संभाली और फारस, मिस्र, अफगानिस्तान से लेकर भारत तक विजय अभियान चलाया. वे इतिहास में रणनीति, नेतृत्व और साहस के प्रतीक माने जाते हैं. उनके असामयिक निधन को लेकर कई विवाद हैं, लेकिन उनका नाम आज भी दुनिया के सबसे प्रभावशाली शासकों में शामिल है.
1509 — हेनरी अष्टम ने इंग्लैंड की गद्दी संभाली
11 जून 1509 को हेनरी अष्टम (Henry VIII) का इंग्लैंड के राजा के रूप में औपचारिक राज्याभिषेक हुआ. वे अपने पिता हेनरी सप्तम (Henry VII) की मृत्यु के बाद 21 अप्रैल 1509 को ही राजा बने थे, लेकिन उनका औपचारिक राज्याभिषेक 11 जून को हुआ. हेनरी अष्टम ट्यूडर वंश (Tudor dynasty) के दूसरे शासक थे और उनका शासनकाल (1509–1547) ब्रिटिश इतिहास के सबसे निर्णायक युगों में से एक माना जाता है. हेनरी अष्टम का शासन धार्मिक और राजनीतिक बदलावों के लिए जाना जाता है. उन्होंने कैथोलिक चर्च (Catholic Church) से संबंध तोड़कर चर्च ऑफ इंग्लैंड (Church of England) की स्थापना की, जिससे प्रोटेस्टेंट सुधार आंदोलन (Protestant Reformation) को बल मिला. इसके पीछे मुख्य कारण उनका पहला विवाह रद्द करवाने की कोशिश थी, जिसे पोप (Pope) ने मंजूरी नहीं दी. उन्होंने जीवन में छह शादियाँ कीं, जो आज भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चर्चाओं का विषय हैं. हेनरी अष्टम को एक साहसी लेकिन विवादास्पद शासक के रूप में याद किया जाता है.
1770 — कैप्टन जेम्स कुक ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ की खोज की
11 जून 1770 को ब्रिटिश खोजकर्ता कैप्टन जेम्स कुक (Captain James Cook) का जहाज HM Bark Endeavour ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित ग्रेट बैरियर रीफ (Great Barrier Reef) से टकरा गया. यह घटना पहली बार थी जब यूरोपीय लोगों ने दुनिया की सबसे बड़ी कोरल रीफ इकोसिस्टम (Coral reef ecosystem) के अस्तित्व का प्रत्यक्ष अनुभव किया. उस समय कुक ऑस्ट्रेलिया की पूर्वी तटरेखा का मानचित्र बना रहे थे और यह दुर्घटना आधुनिक क्वींसलैंड (Queensland) के पास हुई थी. इस टकराव से कुक का जहाज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन वे किसी तरह पास के तट तक पहुंचने में सफल रहे और जहाज की मरम्मत की. ग्रेट बैरियर रीफ की यह "खोज" समुद्री अन्वेषण और भूगोल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई.
1963 — बौद्ध भिक्षु थिच क्वांग डुक की आत्मदाह
11 जून 1963 को दक्षिण वियतनाम की राजधानी साइगॉन (अब हो ची मिन्ह सिटी) में एक बौद्ध भिक्षु थिच क्वांग डुक (Buddhist monk Thich Quang Duc) ने अपनी सार्वजनिक आत्मदाह (self-immolation) के ज़रिए दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने यह कदम तत्कालीन राष्ट्रपति नगो दिनह दियेम (Ngo Dinh Diem) की सरकार द्वारा बौद्धों पर हो रहे धार्मिक भेदभाव और दमन के विरोध में उठाया. शांत भाव से ध्यान की मुद्रा में बैठकर उन्होंने खुद को आग लगा ली, और यह दृश्य अमेरिकी पत्रकारों ने कैमरे में कैद किया, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया. थिच क्वांग डुक की यह बलिदानी घटना न सिर्फ दक्षिण वियतनाम में बौद्ध आंदोलन का प्रतीक बनी, बल्कि यह अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक राजनीतिक और नैतिक चेतावनी साबित हुई. इसके बाद वियतनाम में सरकार के खिलाफ कड़े प्रदर्शन शुरू हुए और अंततः राष्ट्रपति दियेम की सत्ता गिर गई. डुक का यह कृत्य आज भी शांतिपूर्ण प्रतिरोध और आत्मबलिदान का एक ऐतिहासिक उदाहरण माना जाता है.
1999 — कारगिल युद्ध में भारतीय सेना को बड़ी सफलता
11 जून 1999 को भारत-पाकिस्तान कारगिल युद्ध (1999 Kargil War) के दौरान भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय (Operation Vijay) के तहत दुश्मनों से कई रणनीतिक चोटियों पर नियंत्रण वापस हासिल किया. यह दिन युद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ जब भारतीय जवानों ने दुर्गम पहाड़ी इलाकों में दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त कर टाइगर हिल (Tiger Hill), तोलोलिंग (Tololing) और द्रास सेक्टर (Dras sector) की ऊंची पहाड़ियों पर फिर से कब्जा जमाना शुरू किया. ये इलाके सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण थे क्योंकि इन पर कब्जा होने से दुश्मन राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (NH-1) को निशाना बना सकता था. भारतीय सेना की साहसिक कार्रवाई, अनुशासन और बलिदान के कारण धीरे-धीरे दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा. टाइगर हिल पर पूर्ण नियंत्रण हालांकि जुलाई की शुरुआत में मिला, लेकिन 11 जून से ही यह निर्णायक अभियान तेज हो गया था. यह सफलता भारतीय सेना के जज्बे, रणनीति और बलिदान का प्रतीक बन गई, जिसने करगिल युद्ध की दिशा और गति दोनों बदल दी.
11 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1897 — राम प्रसाद 'बिस्मिल', महान स्वतंत्रता सेनानी
1927 — लालडेंगा, मिज़ो राष्ट्रवादी नेता और मिज़ोरम राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री
1948 — लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री
11 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
323 ईसा पूर्व — अलेक्ज़ेंडर द ग्रेट (सिकंदर महान), विश्व इतिहास के सबसे महान सेनापतियों में से एक
1924 — वासुदेव वामन शास्त्री खरे, मराठी भाषा के प्रसिद्ध इतिहासकार कवि, नाटककार
1963 — थिच क्वांग डुक, बौद्ध भिक्षु
1983 — घनश्यामदास बिड़ला, प्रसिद्ध उद्योगपति, स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी और बिड़ला ग्रुप के फाउंडर
1997 — मिहिर सेन, भारत के प्रसिद्ध लम्बी दूरी के तैराक
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि आज ही के दिन, 11 जून 1982 को स्टीवन स्पीलबर्ग (Steven Spielberg) द्वारा निर्देशित फिल्म "E.T. the Extra-Terrestrial" रिलीज़ हुई थी. यह फिल्म न केवल दुनियाभर में दिलों को छू गई, बल्कि उस समय की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म भी बन गई. खास बात यह रही कि इसने यह रिकॉर्ड लगातार 11 वर्षों तक अपने नाम रखा.
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