2 जून: एलिजाबेथ की ताजपोशी, चांद पर अमेरिका, तेलंगाना बना राज्य
2 जून का दिन इतिहास में खास है. इस दिन महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की ताजपोशी हुई, अमेरिका का यान पहली बार चांद पर उतरा और तेलंगाना भारत का 29वां राज्य बना. जानिए 2 जून से जुड़ी अन्य ऐतिहासिक घटनाएं, जन्म और निधन की प्रमुख जानकारियां.
हर दिन इतिहास के पन्नों में कोई न कोई महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है. 2 जून (2 June Ka Itihas) भी ऐसा ही एक दिन है, जब भारत और विश्व दोनों ने अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी बना. यह दिन आधुनिक भारत के इतिहास में तेलंगाना राज्य की स्थापना के कारण विशेष रूप से याद किया जाता है, वहीं विश्व इतिहास में भी कई अहम घटनाएं इसी तारीख से जुड़ी हुई हैं.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 2 जून के दिन (2 June History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं कि 2 जून के दिन इतिहास में क्या-क्या हुआ.
भारत और विश्व के इतिहास में 2 जून की प्रमुख घटनाएं
1953 – एलिजाबेथ द्वितीय का राज्याभिषेक
2 जून 1953 को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) का भव्य राज्याभिषेक समारोह वेस्टमिंस्टर ऐबे में आयोजित किया गया. यह पहला ऐसा ब्रिटिश राज्याभिषेक था जिसे टेलीविज़न पर सीधा प्रसारित किया गया, जिससे यह एक वैश्विक आयोजन बन गया. लगभग 2 करोड़ ब्रिटिश नागरिकों ने इसे टीवी पर देखा था. समारोह की अध्यक्षता कैंटरबरी के आर्कबिशप द्वारा की गई. इस समारोह में लगभग 8,000 मेहमानों ने भाग लिया, और यह करीब 3 घंटे तक चला. यह समारोह एलिजाबेथ द्वितीय को औपचारिक रूप से यूनाइटेड किंगडम और अन्य राष्ट्रमंडल देशों की महारानी के रूप में घोषित करने के लिए किया गया था. एलिजाबेथ द्वितीय उस समय केवल 27 वर्ष की थीं. एलिजाबेथ द्वितीय अपने पिता राजा जॉर्ज षष्ठम (King George VI) की मृत्यु के बाद 6 फरवरी 1952 को रानी बनी थीं. हालांकि, परंपरा के अनुसार राज्याभिषेक कुछ समय बाद किया जाता है, ताकि शोक की अवधि पूरी हो सके और समारोह की पूरी तैयारी की जा सके. समारोह में इस्तेमाल किया गया सेंट एडवर्ड्स क्राउन पारंपरिक ब्रिटिश राजमुकुट है, जो केवल राज्याभिषेक के समय ही पहना जाता है.
1941 – जर्मनी और इराक के बीच संघर्ष का अंत
द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के दौरान, इराक में ब्रिटिश हितों को चुनौती उस समय मिली जब अप्रैल 1941 में राशिद अली अल-गिलानी (Rashid Ali al-Gaylani) ने एक राष्ट्रवादी तख्तापलट कर ब्रिटिश समर्थक सरकार को हटा दिया. उन्होंने जर्मनी और इटली से समर्थन मांगा और ब्रिटिश सैन्य ठिकानों, खासकर हब्बानिया एयरबेस को घेर लिया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन ने तत्काल सैन्य कार्रवाई शुरू की और भारत तथा अन्य उपनिवेशों से सैनिकों को भेजा. लगभग एक महीने तक चले इस संघर्ष के अंत में, 2 जून 1941 को ब्रिटिश सेना ने बगदाद पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और राशिद अली देश छोड़कर भाग गए. इस विजय के बाद ब्रिटेन ने एक बार फिर एक मित्रवत सरकार की स्थापना की और अपने रणनीतिक तेल संसाधनों और मार्गों को सुरक्षित किया. यह घटना मध्य-पूर्व में ब्रिटिश सामरिक स्थिति को मजबूत करने में निर्णायक सिद्ध हुई और जर्मनी के पश्चिम एशिया में प्रभाव फैलाने के प्रयासों को विफल कर दिया.
1946 – इटली बना गणराज्य
द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के बाद 2 जून 1946 को इटली में एक जनमत संग्रह (जनता द्वारा मतदान) के माध्यम से देश को राजशाही से गणराज्य (Italian Republic) में परिवर्तित किया गया. इस जनमत संग्रह में इटालियन जनता ने सवॉय राजवंश (Royal House of Savoy) की राजशाही को समाप्त कर गणराज्य की स्थापना का निर्णय लिया. इसके परिणामस्वरूप राजा विक्टर इमैनुएल III (King Victor Emmanuel III) के उत्तराधिकारी उम्बर्टो द्वितीय (Umberto II) को गद्दी छोड़नी पड़ी और उन्हें देश छोड़कर निर्वासन में जाना पड़ा. यह दिन अब इटली में “फेस्टा डेला रिपुब्बलिका” (गणराज्य दिवस - Republic Day of Italy) के रूप में मनाया जाता है, जो इटली का एक राष्ट्रीय अवकाश है.
1966 – सर्वेयर-1 की चांद पर पहली सॉफ्ट लैंडिंग
सर्वेयर-1 (Surveyor-1) अमेरिका का एक मानवरहित अंतरिक्ष यान था, जिसे नासा (NASA) ने चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए भेजा था. यह यान 30 मई 1966 को लॉन्च किया गया था और 2 जून 1966 को सफलतापूर्वक चंद्रमा की सतह पर उतरा. यह पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान था जिसने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की. सर्वेयर-1 ने चंद्रमा की सतह से लगभग 11,000 तस्वीरें लीं और मिट्टी की संरचना, तापमान तथा सतह की सहनशीलता पर डेटा भेजा. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भविष्य में मनुष्यों को चंद्रमा पर उतारने के लिए सतह सुरक्षित और उपयुक्त है या नहीं. सर्वेयर-1 का यह मिशन 1967 तक सक्रिय रहा और इसकी सफलता ने बाद में अपोलो मिशनों (The Apollo Missions), खासकर अपोलो-11 (Apollo 11), की योजना को व्यवहारिक रूप से संभव बनाया.
2014 – तेलंगाना बना भारत का 29वां राज्य
भारत के मानचित्र में एक नया राज्य जुड़ गया जब 2 जून 2014 को तेलंगाना (Telangana Formation Day) आधिकारिक रूप से भारत का 29वां राज्य बना. आंध्र प्रदेश से अलग होकर बने इस राज्य की राजधानी हैदराबाद घोषित की गई, जो अगले 10 वर्षों तक दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी बनी रही. यह आंदोलन दशकों तक चला और इसमें हजारों लोगों की भागीदारी रही. तेलंगाना बनने के बाद भारत का राजनीतिक और भौगोलिक नक्शा बदल गया.
2 जून को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1930 — बाबूलाल गौर, भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री
1951 — अनंत गीते, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ
1956 — मणिरत्नम, भारत के प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता-निर्देशक
1955 — नंदन नीलेकणि, ऑन्त्रप्रेन्योर और इन्फोसिस के सह अध्यक्ष और संस्थापक सदस्यों में से एक
1980 — डोला बनर्जी, तीरंदाज़ महिला खिलाड़ी
2 जून को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1978 — प्राण कृष्ण पारिजा, 'पद्मभूषण' से सम्मनित भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक
1984 — विश्वनाथ दास, भारतीय राजनीतिज्ञ एवं ब्रिटिश भारत उड़ीसा प्रान्त के मुख्यमंत्री
1988 — राज कपूर, हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता एवं निर्देशक
2004 — श्रीकांत जिचकर, IAS और 42 यूनिवर्सिटी से 20 डिग्रियां हासिल करने वाले शख्स
2 जून को क्यों याद रखा जाए?
- अंतरराष्ट्रीय यौनकर्मी दिवस (International Sex Workers' Day): यह दिवस न केवल यूरोप में बल्कि पूरी दुनिया में 2 जून को मनाया जाता है. अंतरराष्ट्रीय यौनकर्मी दिवस 2 जून को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 2 जून 1975 को लगभग 100 यौनकर्मियों ने फ्रांस के लियोन शहर में स्थित सेंट-निज़िए चर्च पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने अपने शोषणकारी जीवन स्थितियों और कार्य संस्कृति के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया था. 10 जून को पुलिस ने इस चर्च पर बर्बर छापेमारी की. यह घटना एक राष्ट्रीय आंदोलन बन गई और तभी से यह दिवस यूरोप सहित दुनिया भर में मनाया जाता है.
- तेलंगाना स्थापना दिवस (Telangana Formation Day)
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