भारतीय अंतरिक्ष मिशन के लिए खास होगा 2023, इसरो की तीन बड़े मिशन की तैयारी

इस साल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा. 2023 में इसरो आदित्य L-1 सूर्य और चंद्रयान-3 जैसे बड़े अंतरग्रहीय मिशन लॉन्च करेगा.

भारतीय अंतरिक्ष मिशन के लिए खास होगा 2023, इसरो की तीन बड़े मिशन की तैयारी

Saturday January 21, 2023,

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अगले तीन महीनों में तीन प्रमुख रॉकेट प्रक्षेपित करने की योजना बनाई है. इस साल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा. 2023 में इसरो आदित्य L-1 सूर्य और चंद्रयान-3 जैसे बड़े अंतरग्रहीय मिशन लॉन्च करेगा.

इसके अलावा गगनयान मिशन भी लॉन्च करेगा ये भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा. इन रॉकेट में छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी), प्रक्षेपण यान मार्क-3 (एलवीएम-3) और ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) शामिल हैं.

इसरो कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एयरोनॉटिकल रीक्षण रेंज में पुन: प्रक्षेपित होने वाले वाहन का पहला रनवे लैंडिंग प्रयोग करने की भी योजना बना रहा है.

आदित्य सूर्य मिशन

इसरो 2023 के शुरुआती महीनों में आदित्य सूर्य मिशन शुरू करने की योजना बना रहा है. अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी सिस्टम के लाग्रेंज प्वाइंट-1 (L-1) के चारों ओर एक आर्बिट में रखा जाएगा, जो हमारे ग्रह से लगभग 15 लाख किमी दूर है.

L-1 प्वाइंट के आसपास स्थित एक सैटेलाइट से सूर्य को बिना किसी ग्रहण के लगातार देखा जा सकता है. मिशन में सूर्य के कोरोना, क्रोमोस्फीयर और फोटोस्फीयर, इससे निकलने वाले कण प्रवाह और चुंबकीय क्षेत्र की ताकत की स्टडी की जा सकती है.

चंद्रयान-3

इसरो जून 2023 में अपने तीसरे चंद्र मिशन, चंद्रयान-3 को भी लॉन्च करने वाला है. लैंडर-रोवर मिशन चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर निर्भर करेगा, जो पहले से ही चंद्रमा का चक्कर लगा रहा है.

7 सितंबर 2019 को चंद्रमा पर चंद्रयान-2 लैंडर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई गड़बड़ी को ठीक करने के लिए एजेंसी ने लैंडर सिस्टम में कई बदलाव किए हैं. इस मिशन के सफल होते ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा.

गगनयान मिशन

इसी साल के अंत में इसरो गगनयान मिशन लॉन्च करेगा. ये पहला मानवरहित मिशन मानव-रेटेड प्रक्षेपण ऑर्बिट मॉड्यूल सिस्टम के प्रदर्शन के लिए होगा. इसके बाद एक और मानव रहित मिशन और अंत में पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन होगा, जिसमें 3 एस्ट्रोनॉट शामिल होंगे.

2022 में लॉन्च हुए थे 5 बड़े मिशन

इसरो के लिए साल 2022 भी अंतरिक्ष के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण रहा. पिछले साल इसरो ने 5 बड़े मिशन लॉन्च किए. इसमें वनवेब द्वारा विकसित 36 ब्रॉडबैंड सैटेलाइट का लॉन्च शामिल है. इस मिशन के लिए हैदराबाद स्थित स्टार्टअप द्वारा निर्मित भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट स्काईरूट एयरोस्पेस का इस्तेमाल किया गया.

पिछले साल ही श्रीहरिकोटा में इसरो लॉन्च सेंटर परिसर में एक अन्य स्टार्टअप, अग्निकुल कॉसमॉस द्वारा स्थापित देश के पहले निजी लॉन्चपैड की स्थापना भी हुई.


Edited by Vishal Jaiswal